न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

'पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाक संबंधों पर दिया बड़ा बयान

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं। जानें संघर्ष, संवाद और स्थायी शांति को लेकर उनका क्या कहना है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 08 Aug 2026 6:27:23

'पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत-पाक संबंधों पर दिया बड़ा बयान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के साथ-साथ दुनिया में बढ़ते संघर्षों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मुंबई में आयोजित ‘इण्डियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशंस’ (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का भारतीय दृष्टिकोण दूसरों को हराना या उनका विनाश करना नहीं है, बल्कि संवाद, संतुलन और आपसी सामंजस्य के रास्ते तलाशना है।

मोहन भागवत ने भारत-पाकिस्तान संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आम लोग भारतीयों को दिल से अपना दुश्मन नहीं मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी संघर्ष या युद्ध के कारण हमेशा के लिए दुश्मनी कायम रखना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, परिस्थितियों के कारण दोनों देशों के बीच तनाव जरूर हो सकता है, लेकिन इससे लोगों के बीच के रिश्तों को हमेशा के लिए समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।

'संघर्ष के दौरान सरकार और सेना के साथ खड़ा होना जरूरी'

मुंबई में Gen Z के साथ संवाद के दौरान जब मोहन भागवत से चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत के मौजूदा तनाव को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि जब देश किसी संघर्ष या युद्ध की स्थिति में होता है, तब नागरिकों को अपनी सरकार और सेना के निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युद्ध या टकराव के दौरान ऐसे संपर्कों और गतिविधियों को रोकना जरूरी हो सकता है, जिनसे देश की सुरक्षा पर किसी तरह का खतरा पैदा हो। राष्ट्रीय सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में प्राथमिकता होनी चाहिए और संघर्ष के समय देश को एकजुट रहकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए।

हालांकि, RSS प्रमुख ने इसके साथ यह भी कहा कि संघर्ष की वजह से बने रिश्तों में आई दूरी को स्थायी नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी युद्ध या राजनीतिक टकराव का असर हमेशा के लिए लोगों के बीच संबंधों पर नहीं रहना चाहिए।

भागवत ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग यह मानते हैं कि भारत ने करीब 2000 वर्षों से चीन को कई महत्वपूर्ण मूल्य और विचार दिए हैं। वहीं पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 100 वर्ष पहले तक आज का पाकिस्तान भारत का हिस्सा था। इसलिए इतिहास और आपसी संबंधों की इस वास्तविकता को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

'टकराव खत्म होने के बाद वहीं से शुरू करना होगा जहां छोड़ा था'

मोहन भागवत ने कहा कि जब कोई संघर्ष समाप्त हो जाता है तो बातचीत और संबंधों को वहीं से आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए, जहां उन्हें टकराव के कारण रोकना पड़ा था। उन्होंने स्थायी नफरत और लगातार दुश्मनी को किसी भी समस्या का समाधान मानने से इनकार किया।

उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान देश की सुरक्षा और सरकार के निर्णयों का समर्थन करना जरूरी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि दूसरी तरफ के लोगों के साथ हमेशा के लिए संबंध समाप्त कर दिए जाएं। परिस्थितियां बदलती हैं और संघर्ष समाप्त होने के बाद संवाद तथा सहयोग की संभावना फिर से पैदा हो सकती है।

RSS प्रमुख ने कहा कि भारत की सोच का आधार केवल किसी दूसरे पक्ष पर विजय हासिल करना नहीं है। इसके बजाय ऐसी परिस्थितियां तैयार करना जरूरी है, जहां लंबे समय तक शांति और सह-अस्तित्व कायम रह सके।

'पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं'


भारत और पाकिस्तान के आम नागरिकों के बीच संबंधों को लेकर मोहन भागवत ने विशेष रूप से कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच स्वाभाविक दुश्मनी नहीं है। उनके मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूद तनाव का बड़ा हिस्सा राजनीतिक परिस्थितियों, राज्य व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी लोग अपने दिल से भारतीयों के दुश्मन हैं या भारतीय नागरिक पाकिस्तान के आम लोगों को अपना दुश्मन मानते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राज्य, राजनीति और देशों की सीमाएं आज की वास्तविकता हैं और इनके कारण पैदा होने वाली परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

भागवत ने कहा कि जब देश संघर्ष की स्थिति में होता है, तब भारत के नागरिक अपनी सरकार और सेना के साथ खड़े रहेंगे। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि कोई भी संघर्ष हमेशा नहीं चलता। एक समय ऐसा आएगा जब टकराव समाप्त होगा और दोनों पक्षों को फिर किसी न किसी रूप में संवाद और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने मानवता को साझा आधार बताते हुए कहा कि अंततः सभी लोग एक ही मानव समाज का हिस्सा हैं। इसलिए लंबे समय तक चलने वाली नफरत या दुश्मनी के बजाय भविष्य में संबंधों को सामान्य बनाने की संभावना को खुला रखना आवश्यक है।

भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि में आया बयान

मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के वर्षों में सैन्य और कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ा है। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति बनी थी।

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक तनावपूर्ण सैन्य स्थिति बनी रही और अंततः संघर्ष विराम के साथ तत्काल टकराव समाप्त हुआ।

ऐसे माहौल में भागवत की ओर से आम लोगों के बीच संबंधों और भविष्य में संवाद की आवश्यकता पर जोर दिए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान में एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा और संघर्ष के दौरान सरकार तथा सेना के साथ खड़े होने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर स्थायी दुश्मनी के बजाय भविष्य में संबंधों को सामान्य बनाने की संभावना बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

'स्थायी नफरत किसी समस्या का समाधान नहीं'

मोहन भागवत के बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि किसी भी संघर्ष को हमेशा के लिए रिश्तों की समाप्ति का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब परिस्थितियां तनावपूर्ण हों तो देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के साथ खड़ा होना जरूरी है, लेकिन शांति स्थापित होने के बाद संवाद की संभावनाओं को फिर से तलाशना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उनकी टिप्पणी को भारत के पड़ोसी देशों के साथ लंबे समय तक चलने वाले संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक और सैन्य टकराव के बावजूद लोगों के बीच संपर्क और मानवीय रिश्तों की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होनी चाहिए।

IIMUN के कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद के दौरान दिए गए इस बयान ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर एक अलग दृष्टिकोण सामने रखा। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृढ़ता के साथ-साथ भविष्य में शांति, संवाद और आपसी समझ के रास्ते खुले रखने की बात कही गई।

भागवत के मुताबिक, संघर्ष की परिस्थितियां अस्थायी हो सकती हैं, लेकिन समाजों के बीच संबंधों को स्थायी दुश्मनी में बदलना किसी के हित में नहीं है। उनका कहना है कि टकराव समाप्त होने के बाद बातचीत और संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए फिर से प्रयास करना ही लंबे समय में शांति का रास्ता तैयार कर सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

IIT बॉम्बे में साहिल की मौत के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा, आधी रात तक 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स का प्रदर्शन
IIT बॉम्बे में साहिल की मौत के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा, आधी रात तक 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स का प्रदर्शन
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सायोनी घोष बोलीं- उनके खिलाफ मामले लंबित थे, चुनाव से पहले फैसले होते हैं
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सायोनी घोष बोलीं- उनके खिलाफ मामले लंबित थे, चुनाव से पहले फैसले होते हैं
मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 के 4 मामलों में पेंडिंग थे वारंट, 3 में हत्या का आरोप; पुलिस ने खोला राज
मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 के 4 मामलों में पेंडिंग थे वारंट, 3 में हत्या का आरोप; पुलिस ने खोला राज
पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों का बढ़ा DA, 8% की बढ़ोतरी; महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग पर भी बड़ा फैसला
पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों का बढ़ा DA, 8% की बढ़ोतरी; महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग पर भी बड़ा फैसला
दिशा सालियान केस: पिता सतीश सालियान ने CBI को सौंपे वीडियो और अन्य सबूत, आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों पर कार्रवाई की मांग
दिशा सालियान केस: पिता सतीश सालियान ने CBI को सौंपे वीडियो और अन्य सबूत, आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों पर कार्रवाई की मांग
पंजाब में बढ़ा सियासी विवाद, CM मान के काफिले के सामने प्रदर्शन के बाद रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने पकड़ा
पंजाब में बढ़ा सियासी विवाद, CM मान के काफिले के सामने प्रदर्शन के बाद रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने पकड़ा
सायोनी घोष के बयान से बंगाल की सियासत में हलचल, राहुल गांधी-ममता बनर्जी को लेकर कही ये बात
सायोनी घोष के बयान से बंगाल की सियासत में हलचल, राहुल गांधी-ममता बनर्जी को लेकर कही ये बात
पद की नाराजगी या आर्थिक परेशानी? शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ने की वजह स्पष्ट की
पद की नाराजगी या आर्थिक परेशानी? शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ने की वजह स्पष्ट की
निवेश के दावों पर अखिलेश का सवाल, बोले- विज्ञापनों में दिख रहा उद्योग, युवाओं को नहीं मिल रहा रोजगार
निवेश के दावों पर अखिलेश का सवाल, बोले- विज्ञापनों में दिख रहा उद्योग, युवाओं को नहीं मिल रहा रोजगार
Bigg Boss 20: आम्रपाली दुबे को ‘टुनटुन’ कहना लव गिल को पड़ा भारी, बॉडी शेमिंग पर भड़कीं भोजपुरी एक्ट्रेस
Bigg Boss 20: आम्रपाली दुबे को ‘टुनटुन’ कहना लव गिल को पड़ा भारी, बॉडी शेमिंग पर भड़कीं भोजपुरी एक्ट्रेस
Bigg Boss 20 में मैरी कॉम से भिड़ीं माही विज और उदिति सिंह, ‘लेजेंड हैं तो क्या सिर पर बैठा लें?’ पर बढ़ा विवाद
Bigg Boss 20 में मैरी कॉम से भिड़ीं माही विज और उदिति सिंह, ‘लेजेंड हैं तो क्या सिर पर बैठा लें?’ पर बढ़ा विवाद
मां बनने के बाद कैटरीना कैफ के लिए बदल गया खूबसूरती का मतलब, कही यह बात
मां बनने के बाद कैटरीना कैफ के लिए बदल गया खूबसूरती का मतलब, कही यह बात
बिग बॉस 20 में इस बार सलमान खान लगाएंगे घरवालों की क्लास, रोहैद के एविक्शन से वीकेंड का वार में बढ़ेगा ड्रामा
बिग बॉस 20 में इस बार सलमान खान लगाएंगे घरवालों की क्लास, रोहैद के एविक्शन से वीकेंड का वार में बढ़ेगा ड्रामा
Bigg Boss 20 में हुआ पहला एलिमिनेशन, रोहेद खान हुए घर से बाहर
Bigg Boss 20 में हुआ पहला एलिमिनेशन, रोहेद खान हुए घर से बाहर