न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सावन में महादेव को चढ़ाएं ये खास फूल, एक फूल का फल माना जाता है हजार बिल्वपत्रों के बराबर

सावन में भगवान शिव को प्रिय फूल-पत्तों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जानें गूमा, चिचिड़ा, शमी और अन्य पुष्पों से जुड़ी मान्यताएं।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 08 Aug 2026 9:51:27

सावन में महादेव को चढ़ाएं ये खास फूल, एक फूल का फल माना जाता है हजार बिल्वपत्रों के बराबर

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक करने के साथ-साथ बेलपत्र, फूल, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को प्रिय कुछ विशेष फूल और पत्ते ऐसे भी हैं, जिनका शिवलिंग पर अर्पण करना बेहद पुण्यकारी माना गया है। हिंदू धर्म से जुड़े ग्रंथों में अलग-अलग पुष्पों और पत्तों के धार्मिक महत्व का वर्णन मिलता है और कुछ फूलों की तुलना दूसरे फूलों से करते हुए उनके पुण्य फल के बारे में भी बताया गया है।

इन्हीं मान्यताओं में गूमा के फूल का भी विशेष उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि शिवलिंग पर एक गूमा का फूल अर्पित करने से उतना ही शुभ फल प्राप्त हो सकता है, जितना हजार बिल्वपत्र चढ़ाने से मिलता है। गूमा के फूल को आयुर्वेद में द्रोणपुष्पी के नाम से भी जाना जाता है। इसी वजह से सावन में भगवान शिव की पूजा करते समय भक्त इस फूल को भी अर्पित कर सकते हैं।

वहीं, चिचिड़ा यानी लटजीरा के फूल को भी धार्मिक दृष्टि से काफी प्रभावशाली माना गया है। मान्यता है कि एक चिचिड़ा का फूल हजार गूमा के फूलों के बराबर पुण्य प्रदान कर सकता है। इसके बाद शमी के पत्ते और फूल का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों में अलग-अलग पुष्पों की एक तरह की तुलना करते हुए बताया गया है कि किस फूल या पत्ते को अर्पित करने से किस प्रकार का शुभ फल प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं इन मान्यताओं के बारे में विस्तार से।

हजार बिल्वपत्रों के समान माना गया है इस फूल का महत्व

हिंदू धार्मिक परंपराओं में भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले फूलों और पत्तों का विशेष स्थान है। शिव पूजा में बेलपत्र को सबसे महत्वपूर्ण अर्पणों में से एक माना जाता है। हालांकि, कई धार्मिक ग्रंथों में कुछ अन्य पुष्पों को भी उनके पुण्य फल की दृष्टि से बेहद खास बताया गया है। इनका उल्लेख तुलनात्मक रूप से किया गया है, जिससे भक्तों को अलग-अलग पुष्पों के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी मिलती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन फूलों और पत्तों का महत्व इस प्रकार बताया गया है—

कहा जाता है कि शिवलिंग पर आक का एक फूल अर्पित करने से सोने का दान करने के समान शुभ फल प्राप्त हो सकता है।
एक कनेर का फूल हजार आक के फूलों की तुलना में अधिक पुण्यकारी माना गया है।
इसी तरह हजार कनेर के फूल अर्पित करने की अपेक्षा एक बेलपत्र चढ़ाना अधिक शुभ बताया गया है।
मान्यता है कि एक द्रोण यानी गूमा का फूल हजार बिल्वपत्रों के समान पुण्य देने वाला होता है।
एक चिचिड़ा या लटजीरा का फूल हजार गूमा के फूलों के बराबर शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है।
इसी क्रम में एक कुश का फूल हजार चिचिड़ा के फूलों से अधिक पुण्यकारी बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं में एक शमी का पत्ता हजार कुश के फूलों के समान फलदायी माना गया है।
वहीं, एक नीलकमल को हजार शमी के पत्तों की तुलना में अधिक शुभ माना जाता है।
नीलकमल के बाद धतूरे का महत्व बताया गया है और एक धतूरा हजार नीलकमल से भी अधिक पुण्य देने वाला माना जाता है।
सबसे अंत में शमी के फूल का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता के अनुसार एक शमी का फूल हजार धतूरों से भी अधिक शुभ और पुण्य प्रदान करने वाला हो सकता है।

इन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देखा जाए तो भगवान शिव की पूजा में केवल बेलपत्र ही नहीं, बल्कि कई दूसरे पुष्पों और पत्तों का भी अपना अलग महत्व है। हालांकि, इन मान्यताओं को आस्था और धार्मिक परंपराओं के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

महादेव को प्रिय माने जाते हैं सफेद फूल

सावन में भगवान शिव की पूजा करते समय भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार फूल, बेलपत्र, फल, मेवा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव को सफेद रंग के फूल विशेष रूप से प्रिय हैं। इसलिए शिव पूजा में सफेद पुष्पों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।

हालांकि, यदि किसी कारण से भक्त के पास फूल, फल या मेवा जैसी सामग्री उपलब्ध नहीं है, तो भी पूजा अधूरी नहीं मानी जाती। श्रद्धा से भगवान शिव का जलाभिषेक करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से चढ़ाया गया जल भी भोलेनाथ को प्रसन्न करने वाला होता है। इसलिए पूजा में दिखावे से अधिक महत्व मन की श्रद्धा और भावनाओं को दिया जाता है।

सावन में शिव आराधना का क्यों है खास महत्व?

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान देशभर में शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। लोग सोमवार का व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और भगवान शिव को बेलपत्र, फूल, धतूरा तथा अन्य प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं।

सनातन परंपराओं में सावन महीने का संबंध माता पार्वती की कठोर तपस्या से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तप किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी वजह से सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

कहा जाता है कि अविवाहित कन्याएं यदि सावन में श्रद्धापूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, तो उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मिल सकता है। वहीं विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और पति की लंबी आयु की कामना से भी सावन में शिव आराधना करती हैं।

इसलिए सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को अपनी श्रद्धा के अनुसार फूल, बेलपत्र और जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं में बताए गए इन पुष्पों का महत्व अपनी जगह है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चीज भक्त की आस्था, श्रद्धा और पूजा के प्रति सच्ची भावना मानी जाती है।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

अमित शाह बोले- बच्चा मातृभाषा के जरिए ही भारत को समझ सकता है, ‘वंदे मातरम्’ पर भी कही बड़ी बात
अमित शाह बोले- बच्चा मातृभाषा के जरिए ही भारत को समझ सकता है, ‘वंदे मातरम्’ पर भी कही बड़ी बात
महिला एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक जीत, PM मोदी ने दी टीम इंडिया को बधाई
महिला एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक जीत, PM मोदी ने दी टीम इंडिया को बधाई
बंगाल में कई सड़कों के बदल सकते हैं नाम, लंबी है लिस्ट; मुस्लिम नाम भी निशाने पर
बंगाल में कई सड़कों के बदल सकते हैं नाम, लंबी है लिस्ट; मुस्लिम नाम भी निशाने पर
राघव चड्ढा के झटके के बाद केजरीवाल का नया नियम, राज्यसभा भेजने से पहले 100 बार जांचेंगे उम्मीदवार
राघव चड्ढा के झटके के बाद केजरीवाल का नया नियम, राज्यसभा भेजने से पहले 100 बार जांचेंगे उम्मीदवार
हिंदी दिवस: अमित शाह की युवाओं को सलाह, जितनी भाषाएं सीख सकें सीखें, लेकिन घर में अपनी भाषा में करें बात
हिंदी दिवस: अमित शाह की युवाओं को सलाह, जितनी भाषाएं सीख सकें सीखें, लेकिन घर में अपनी भाषा में करें बात
'रामायण' का पहला गाना 'जय जय राम' रिलीज, कुमार विश्वास ने बताया तीन शब्दों में कैसे समाई पूरी प्रार्थना
'रामायण' का पहला गाना 'जय जय राम' रिलीज, कुमार विश्वास ने बताया तीन शब्दों में कैसे समाई पूरी प्रार्थना
दूसरे रविवार भी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का जलवा, 200 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म, जानें कितना हुआ कलेक्शन
दूसरे रविवार भी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का जलवा, 200 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म, जानें कितना हुआ कलेक्शन
रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, अरिजीत-श्रेया की आवाज ने बांधा समां
रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, अरिजीत-श्रेया की आवाज ने बांधा समां
सुनील शेट्टी ने बताया फिटनेस का सीक्रेट, 65 की उम्र में ऐसा है उनका डाइट और वर्कआउट रूटीन
सुनील शेट्टी ने बताया फिटनेस का सीक्रेट, 65 की उम्र में ऐसा है उनका डाइट और वर्कआउट रूटीन
बिग बॉस 20 में आम्रपाली-अरिश्फा के बीच फिर छिड़ी जंग, ‘संस्कार’ वाली बात पर बढ़ा विवाद
बिग बॉस 20 में आम्रपाली-अरिश्फा के बीच फिर छिड़ी जंग, ‘संस्कार’ वाली बात पर बढ़ा विवाद
जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी के सामने रखे थे ब्लैंक चेक, बोले- रकम खुद भरने को कहा था, लेकिन...
जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी के सामने रखे थे ब्लैंक चेक, बोले- रकम खुद भरने को कहा था, लेकिन...
बीच पर तापसी पन्नू और मैथियास बो का मजेदार पोज हुआ फेल, एक्ट्रेस बोलीं- आखिर में AI आजमा लेना चाहिए था
बीच पर तापसी पन्नू और मैथियास बो का मजेदार पोज हुआ फेल, एक्ट्रेस बोलीं- आखिर में AI आजमा लेना चाहिए था
सुबह नाश्ते में बनाएं सोया-चुकंदर चीला, स्वाद के साथ मिलेगा प्रोटीन, नोट कर लें आसान रेसिपी
सुबह नाश्ते में बनाएं सोया-चुकंदर चीला, स्वाद के साथ मिलेगा प्रोटीन, नोट कर लें आसान रेसिपी
‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, पार्ट-2 पर भी दिया बड़ा अपडेट
‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज, पार्ट-2 पर भी दिया बड़ा अपडेट