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राजस्थान में किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, लाखों अन्नदाताओं को मिला आर्थिक सुरक्षा कवच

राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 62.58 लाख से अधिक किसान जुड़े हैं। वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बीमित हुआ, जबकि पिछले पांच वर्षों में किसानों को 18,189 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा दावों का भुगतान किया गया।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 05 Aug 2026 4:03:22

राजस्थान में किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, लाखों अन्नदाताओं को मिला आर्थिक सुरक्षा कवच

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और अन्य जोखिमों से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राजस्थान ने देशभर में सबसे अधिक किसानों को इससे जोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। वर्तमान में राज्य के करीब 62 लाख 58 हजार किसानों का नामांकन इस योजना के अंतर्गत किया गया है।

वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य के लगभग 2 करोड़ 82 लाख हेक्टेयर सकल फसली क्षेत्र में से 1 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है। यह आंकड़ा पूरे देश में सबसे अधिक है। प्रदेश के कुल फसली क्षेत्र का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा बीमा के दायरे में है, जो राष्ट्रीय औसत 32 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। बीमा कवरेज के मामले में राजस्थान का स्थान झारखंड और छत्तीसगढ़ के बाद देश में सबसे आगे रहने वाले राज्यों में शामिल है।

चूरू, बाड़मेर और बीकानेर में सबसे अधिक बीमा कवरेज

राज्य के विभिन्न जिलों में भी योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिला है। वर्ष 2025-26 के दौरान चूरू जिले में 13 लाख 35 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को फसल बीमा के दायरे में लाया गया। वहीं बाड़मेर में 11 लाख 48 हजार हेक्टेयर और बीकानेर में 9 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बीमित हुआ। यदि प्रतिशत के आधार पर देखा जाए तो चूरू में कुल सकल फसली क्षेत्र का 77 प्रतिशत, बाड़मेर में 69 प्रतिशत और नागौर में 47 प्रतिशत क्षेत्र बीमा सुरक्षा से जुड़ा है।

पांच वर्षों में किसानों को 18,189 करोड़ रुपये से अधिक का दावा भुगतान

राज्य में वर्ष 2025-26 तक के पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत 5 करोड़ 21 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का बीमा किया गया। इस अवधि में किसानों ने अपने हिस्से के रूप में 4,650 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम जमा कराया, जो देश में सबसे अधिक माना गया है। इसी दौरान 18 करोड़ 81 लाख से अधिक आवेदन दर्ज हुए और पात्र किसानों को 18,189 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया।

फसल बीमा का दायरा लगातार बढ़ा, करोड़ों पॉलिसियां जारी

राज्य में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान फसल बीमा योजना का विस्तार और अधिक हुआ है। राज्य सरकार किसानों तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खरीफ और रबी दोनों मौसमों को मिलाकर इस अवधि में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की बीमा राशि को कवर करने वाली 7 करोड़ 53 लाख से अधिक फसल बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। वहीं बीमा दावों के तहत किसानों को 4,498 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की गई।

राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावी नीतियों और बेहतर क्रियान्वयन के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। अनियमित मौसम, सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इस योजना ने किसानों को आर्थिक राहत प्रदान की है और खेती से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम करने में मदद की है।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि, सूखा, अकाल, कीटों और फसलों में फैलने वाली बीमारियों से होने वाले नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत किसानों को कम प्रीमियम दर पर फसल बीमा की सुविधा मिलती है। बीमा प्रीमियम का भार किसान, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर वहन करते हैं। यदि बीमित फसल को तय जोखिमों के कारण नुकसान होता है, तो पात्र किसानों को बीमा दावे के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे नुकसान की भरपाई कर दोबारा खेती शुरू कर सकें।

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