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इजरायली मीडिया का दावा- ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर, कभी भी आ सकती है मौत की खबर

इजरायली मीडिया चैनल 14 ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है और उनकी मौत की खबर कभी भी आ सकती है। हालांकि, दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 08 Aug 2026 4:08:11

इजरायली मीडिया का दावा- ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर, कभी भी आ सकती है मौत की खबर

तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक तौर पर कहीं नजर नहीं आए हैं। उनकी लंबे समय से सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच इजरायली मीडिया आउटलेट 'चैनल 14' ने दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई की तबीयत बेहद खराब है और किसी भी समय उनकी मौत की खबर सामने आ सकती है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान की ओर से पहले भी मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर सामने आने वाली खबरों को खारिज किया जाता रहा है। ऐसे में इजरायली मीडिया की ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर उनके स्वास्थ्य और मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चाओं को बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

दरअसल, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। उनके नेतृत्व संभालने के बाद से ही उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की रिपोर्ट सामने आती रही हैं।

ईरान के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से इजरायली मीडिया का दावा

इजरायली मीडिया आउटलेट 'चैनल 14' ने मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अपनी रिपोर्ट में ईरान के भीतर मौजूद सूत्रों का हवाला दिया है। रिपोर्ट में ईरानी एजेंसी की ओर से पहले प्रकाशित दावों का भी उल्लेख किया गया है।

इजरायली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की सरकार के करीबी एक सूत्र ने भी मोजतबा की खराब सेहत से संबंधित इसी तरह के दावे किए थे। चैनल 14 ने दो सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि 28 फरवरी को हुए उस अमेरिकी हमले के बाद से मोजतबा खामेनेई ने ईरानी कैबिनेट के किसी भी सदस्य से मुलाकात नहीं की है।

रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया कि मोजतबा की हालत इतनी गंभीर है कि किसी भी समय उनकी मौत की खबर सामने आ सकती है। सूत्र के मुताबिक, उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी केवल ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बेहद सीमित दायरे में है।

पेजेश्कियन सरकार के करीबी बताए जा रहे एक सूत्र ने कथित तौर पर कहा कि मोजतबा की शारीरिक स्थिति काफी खराब थी। उसी सूत्र ने यहां तक कहा कि अगर जल्द ही उनकी 'शहादत' की खबर सामने आती है तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हालांकि, यह बयान भी रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से ही सामने आया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

करीब 150 दिनों से फोन और डिजिटल डिवाइस से दूरी का दावा

मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। इजरायली मीडिया ने इस सप्ताह प्रकाशित 'द टाइम्स' की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि मोजतबा ने करीब 150 दिनों से मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने न केवल फोन से दूरी बनाई हुई है, बल्कि लैपटॉप, रेडियो या किसी अन्य ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे हैं, जिससे डिजिटल सिग्नल या उनकी लोकेशन का पता चल सके।

इन दावों के आधार पर माना जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई किसी सुरक्षित या भूमिगत स्थान पर रह रहे हैं। उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति और संचार उपकरणों से दूरी को उनकी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जिस एयरस्ट्राइक में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हुई थी, उसी हमले में मोजतबा भी घायल हुए थे। कथित तौर पर उनके चेहरे को भी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें इस बात का डर है कि अमेरिकी निगरानी प्रणाली या जासूसी उपग्रह उनकी पहचान कर सकते हैं।

अली खामेनेई को खोजने के लिए साइबर निगरानी का दावा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अली खामेनेई की लोकेशन का पता लगाने के लिए अमेरिका और इजरायल ने व्यापक खुफिया एवं तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया था। दावा है कि उनके बॉडीगार्ड और करीबी लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियों की पहचान करने के लिए तेहरान में लगे ट्रैफिक कैमरों तक भी पहुंच बनाई गई थी।

इजरायल और अमेरिका के बीच खुफिया सहयोग के तहत विकसित तकनीकी निगरानी के जरिए कथित तौर पर यह पता लगाया गया था कि हमले वाले दिन अली खामेनेई और उनके आसपास मौजूद वरिष्ठ सैन्य एवं खुफिया अधिकारी किस स्थान पर थे।

रिपोर्ट में अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी और इजरायल की यूनिट 8200 के बीच समन्वय का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि तकनीकी खुफिया जानकारी की मदद से ईरान के शीर्ष नेतृत्व की गतिविधियों को ट्रैक किया गया और बाद में किए गए हमले में अली खामेनेई समेत उनके आसपास मौजूद कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए।

अब मोजतबा को खोजने के लिए 'ह्यूमन इंटेलिजेंस' पर जोर?

मोजतबा खामेनेई की तलाश को लेकर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब केवल इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल, फोन या डिजिटल गतिविधियों की निगरानी पर्याप्त नहीं रह गई है। इसके बजाय खुफिया एजेंसियां 'ह्यूमन इंटेलिजेंस' यानी मानव स्रोतों के जरिए जानकारी जुटाने पर ज्यादा निर्भर हो सकती हैं।

ह्यूमन इंटेलिजेंस खुफिया जानकारी जुटाने का पारंपरिक तरीका है। इसमें जमीन पर मौजूद लोगों से जानकारी हासिल करना, संदिग्ध गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखना और फिर उस सूचना को संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना शामिल होता है।

इस तरीके को तकनीकी निगरानी की तुलना में ज्यादा धीमा और जोखिम भरा माना जाता है। इसमें खुफिया जानकारी जुटाने वाले लोगों को घटनास्थल के आसपास मौजूद रहना पड़ता है और कई बार अपनी पहचान उजागर होने का खतरा भी रहता है।

मोजतबा की लगातार सार्वजनिक अनुपस्थिति और डिजिटल उपकरणों से कथित दूरी के कारण उनकी लोकेशन का पता लगाना अमेरिका और इजरायल की खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

क्या मोजतबा पहले ही मर चुके हैं? खुफिया हलकों में एक और दावा

इजरायली रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खुफिया समुदाय के कुछ लोगों के बीच एक अलग संभावना पर भी चर्चा है। कुछ लोगों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई की शायद पहले ही मौत हो चुकी है और ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स किसी रणनीतिक कारण से उनके जीवित होने का संदेश दे रहा है।

इस संभावना के पीछे तर्क यह बताया जा रहा है कि ईरान अपने विरोधियों के खिलाफ जारी संघर्ष को सही ठहराने और देश के भीतर नेतृत्व की निरंतरता का संदेश बनाए रखने के लिए सुप्रीम लीडर के जीवित होने की छवि बनाए रखना चाहता हो सकता है। हालांकि, यह भी एक खुफिया आकलन और रिपोर्ट में उद्धृत संभावना मात्र है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मोजतबा खामेनेई की वास्तविक स्थिति को लेकर फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। ईरानी अधिकारियों की ओर से उनकी मौत या गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इजरायली मीडिया के इन दावों को मौजूदा समय में सावधानी के साथ देखने की जरूरत है।

लोकेशन मिलती है तो फैसला सिर्फ ऑपरेशनल नहीं, रणनीतिक होगा

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि अगर इजरायल की मोसाद और अमेरिकी सीआईए मोजतबा खामेनेई की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने में सफल हो जाती हैं, तो उसके बाद मामला केवल खुफिया या सैन्य अभियान तक सीमित नहीं रहेगा।

ऐसी स्थिति में इजरायल और अमेरिका के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के सामने यह बड़ा सवाल होगा कि प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया जाए। किसी संभावित कार्रवाई के राजनीतिक, कूटनीतिक और क्षेत्रीय परिणामों का आकलन करना भी जरूरी होगा।

इस स्थिति में फैसला केवल यह नहीं होगा कि मोजतबा कहां हैं या उन्हें कैसे खोजा जाए, बल्कि यह भी तय करना होगा कि उनके संबंध में मिली जानकारी के साथ आगे क्या रणनीति अपनाई जाए। यानी अगर उनकी लोकेशन का पता चलता है तो अगला कदम एक सामान्य ऑपरेशनल फैसला नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक और रणनीतिक निर्णय बन सकता है।

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