
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में सोमवार को खेला गया दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक अनोखी मिसाल बन गया। यह मैच इतना छोटा और एकतरफा रहा कि किसी ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी। खास बात यह रही कि इस मुकाबले में दोनों टीमों में से कोई भी 20 ओवर तक नहीं टिक पाई—एक टीम पूरी तरह ऑलआउट हो गई, तो दूसरी ने बेहद कम समय में लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि मैच का स्तर चाहे जैसा रहा हो, लेकिन इस दौरान कई ऐसे रिकॉर्ड बने, जिन्होंने इसे यादगार बना दिया।
इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि दिल्ली और बेंगलुरु ने मिलकर आईपीएल इतिहास का सबसे कम संयुक्त स्कोर बना दिया। लगभग दो दशक लंबे टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब इन दोनों टीमों के बीच कुल रन इतने कम रहे।
दोनों टीमों का संयुक्त स्कोर बना सबसे कम
पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टीम 16.3 ओवरों में सिर्फ 75 रन पर सिमट गई। बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और टीम एक मजबूत स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। इसके जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 6.3 ओवरों में ही 1 विकेट के नुकसान पर 77 रन बना लिए और मुकाबले को 9 विकेट से अपने नाम कर लिया।
इस तरह दोनों टीमों का कुल स्कोर मिलाकर 152 रन रहा, जो कि आईपीएल इतिहास में दिल्ली और बेंगलुरु के बीच अब तक का सबसे कम संयुक्त स्कोर बन गया है। इससे पहले साल 2015 में जब दोनों टीमें दिल्ली में आमने-सामने आई थीं, तब कुल 194 रन बने थे। अब यह पुराना रिकॉर्ड टूट चुका है और नया आंकड़ा 152 पर आकर रुक गया है।
200 से कम कुल स्कोर वाले मुकाबले बेहद दुर्लभ
दिल्ली कैपिटल्स और आरसीबी के बीच आमतौर पर हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट रही। आईपीएल के इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब इन दोनों टीमों के बीच कुल स्कोर 200 रन से कम रहा है।
इन दो मुकाबलों (152 और 194) के अलावा, अन्य सभी मैचों में दोनों टीमों ने मिलकर 200 से ज्यादा रन बनाए हैं। यहां तक कि तीसरा सबसे कम संयुक्त स्कोर भी 269 रन रहा है, जो साल 2009 में बना था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आमतौर पर इन दोनों टीमों के बीच कितनी रोमांचक और हाई-स्कोरिंग टक्कर होती रही है।
गेंदों के लिहाज से आरसीबी की ऐतिहासिक जीत
इस मुकाबले में आरसीबी ने न सिर्फ आसानी से जीत दर्ज की, बल्कि गेंदों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत भी हासिल की। टीम ने 81 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया, जो उनके लिए एक नया रिकॉर्ड है।
हालांकि आईपीएल में सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते मैच जीतने का रिकॉर्ड अभी भी मुंबई इंडियंस के नाम है। साल 2009 में मुंबई ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 68 रन का लक्ष्य 87 गेंदें बाकी रहते हासिल किया था।
सोमवार के इस मुकाबले में आरसीबी उस रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच गई थी, लेकिन उसे तोड़ नहीं सकी। इसके बावजूद, यह जीत टीम के इतिहास में एक अहम उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है।
अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया यह मैच भले ही रोमांच के लिहाज से फीका रहा हो, लेकिन रिकॉर्ड्स के नजरिए से यह मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है—जहां कभी रनों की बरसात होती है, वहीं कभी स्कोरबोर्ड बेहद सीमित नजर आता है।













