ब्राजील से सामने आई एक हैरतअंगेज घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक 37 वर्षीय महिला ने खुद को 12 साल की अनाथ और ऑटिज्म से पीड़ित बच्ची बताकर न सिर्फ एक परिवार का भरोसा जीता, बल्कि करीब डेढ़ साल तक उनके घर में बेटी बनकर भी रही। परिवार उसे अपनाने की पूरी तैयारी कर चुका था और कानूनी प्रक्रिया भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई थी। लेकिन कथित जन्मदिन से ठीक पहले ऐसा खुलासा हुआ जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
12 साल की बच्ची बनकर हासिल किया परिवार का भरोसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला की पहचान अमांडा मारिया सूजा डी ओलिवेरा के रूप में हुई है, जो ब्राजील के सांता कातरीना क्षेत्र की रहने वाली बताई जाती है। आरोप है कि उसने खुद को एक बेसहारा, विशेष जरूरतों वाली 12 वर्षीय बच्ची के रूप में प्रस्तुत किया और धीरे-धीरे एक परिवार के संपर्क में आई।
महिला ने परिवार को बताया कि उसके पास कोई सहारा नहीं है और उसे देखभाल तथा संरक्षण की जरूरत है। उसकी भावुक कहानी सुनकर परिवार का दिल पिघल गया और उन्होंने उसकी मदद करने का निर्णय लिया। समय के साथ परिवार का भरोसा इतना बढ़ गया कि उन्होंने उसे कानूनी तौर पर गोद लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
हर समय निभाती रही बच्ची का किरदार
परिवार के साथ रहने के दौरान अमांडा ने अपने व्यवहार को पूरी तरह एक बच्ची जैसा बनाए रखा। वह बच्चों की तरह बोलती, खिलौनों से खेलती और मासूमियत भरा व्यवहार करती थी। उसने अपने आसपास के लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह वास्तव में एक नाबालिग लड़की है।
जब भी किसी ने उसकी उम्र, शारीरिक बनावट या व्यक्तित्व को लेकर सवाल उठाए, तो वह दावा करती थी कि बचपन में झेले गए मानसिक आघात और गंभीर परिस्थितियों के कारण उसका विकास सामान्य तरीके से नहीं हो पाया। इस स्पष्टीकरण के कारण परिवार और आसपास के लोग लंबे समय तक उसकी बातों पर विश्वास करते रहे।
एक रिश्तेदार के शक ने खोला पूरा राज
करीब 14 महीने तक यह सिलसिला बिना किसी बड़े विवाद के चलता रहा। परिवार को लग रहा था कि वे एक जरूरतमंद बच्ची का भविष्य संवार रहे हैं। हालांकि परिवार के एक रिश्तेदार को शुरुआत से ही महिला की कहानी पर संदेह था।
इसी शक के चलते उसने इंटरनेट और सार्वजनिक रिकॉर्ड के जरिए अमांडा के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया। पता चला कि जिस लड़की को 12 साल की बच्ची समझा जा रहा था, वह वास्तव में 37 वर्ष की वयस्क महिला है। इतना ही नहीं, उसके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के आरोप सामने आ चुके थे।
पुलिस जांच में सामने आए और भी चौंकाने वाले तथ्य
सच्चाई सामने आने के बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और मामले की सूचना दी। इसके बाद शुरू हुई जांच में कई नए खुलासे हुए। अधिकारियों को पता चला कि अमांडा का नाम पहले भी ब्राजील के अलग-अलग क्षेत्रों में विवादित मामलों से जुड़ चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अतीत में भी खुद को प्रताड़ना और हिंसा का शिकार बताकर लोगों की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि वह कभी-कभी खुद को चोट पहुंचाकर भी पीड़ित साबित करने का प्रयास करती थी, ताकि लोगों का भरोसा और समर्थन मिल सके।
गिरफ्तारी के बाद कबूला आरोप
मामले के उजागर होने के बाद पुलिस ने अमांडा को हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाने और लोगों को गुमराह करने से जुड़े आरोप स्वीकार कर लिए हैं। अब उसके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने जैसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
साथ ही अदालत ने उसके मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन कराने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस असामान्य व्यवहार के पीछे कोई मनोवैज्ञानिक कारण तो नहीं था।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मामला
इस अनोखे और चौंकाने वाले मामले ने सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है। लोग हैरान हैं कि आखिर एक वयस्क महिला इतने लंबे समय तक एक बच्ची का किरदार निभाकर पूरे परिवार को कैसे विश्वास दिला सकी।
कई लोगों ने इसे अविश्वसनीय बताया है, जबकि कुछ लोग इस घटना के पीछे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल यह मामला सिर्फ ब्राजील तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहा है और लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।













