राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को एक बड़े प्रशासनिक अभियान को लेकर माहौल पूरी तरह संवेदनशील बना हुआ है। मालवीय नगर स्थित नंदपुरी अंडरपास के आसपास सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा व्यापक ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान सड़क के निर्धारित दायरे में आने वाले पांच धार्मिक स्थलों के निर्माणों को हटाया जाएगा। इनमें एक मस्जिद, एक मजार, एक सत्संग भवन और दो मंदिर शामिल बताए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना का हिस्सा है। इसके लिए इलाके में पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है और अब परियोजना के अंतिम चरण में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माणों को हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसी कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया
संभावित संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मालवीय नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही पूरे इलाके को पुलिस निगरानी में ले लिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने सुरक्षा के लिए तीन स्तर की बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है, ताकि किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था को रोका जा सके। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाओं पर भी सख्ती
प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। साइबर टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 9 जून की रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा इंटरनेट आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और एसएमएस सेवाओं पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी। हालांकि सरकारी कार्यों और आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
ड्रोन, सीसीटीवी और हजारों पुलिसकर्मी तैनात
बुलडोजर अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जयपुर पुलिस ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा तैयारियां की हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, पूरे शहर में तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं जेडीए के अनुरोध पर राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (आरएसी) की 12 कंपनियों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। परकोटा क्षेत्र सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए हटाए जा रहे निर्माण
प्रशासन के अनुसार जिस सड़क पर यह कार्रवाई की जा रही है, उसकी वर्तमान चौड़ाई करीब 25 से 30 फीट है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इसकी चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। वर्षों से सड़क के दोनों ओर विभिन्न प्रकार के निर्माण होने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था।
नंदपुरी अंडरपास से जगतपुरा को जोड़ने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सड़क छह प्रमुख कॉलोनियों के बीच से होकर गुजरती है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क चौड़ी होने के बाद हरे कृष्णा रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा और नंदपुरी से जगतपुरा तक लोगों को सीधा और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
इसके अलावा इस परियोजना से करीब 50 कॉलोनियों के निवासियों को मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और एपेक्स सर्किल जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण से भविष्य में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी।
गौरतलब है कि इसी अभियान के तहत 22 मई को प्रशासन ने सड़क के दायरे में आने वाले 134 अवैध निर्माणों को हटाया था। अब दूसरे चरण में धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माणों को हटाकर पूरे मार्ग को बाधा मुक्त बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल पूरे जयपुर की नजरें आज होने वाली इस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।














