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महाराष्ट्र में 14 दिनों का कंप्लीट लॉकडाउन लगने के संकेत, CM ने कहा, 'जनता को थोड़ा कड़वा डोज देना जरूरी'

By: Pinki Sun, 11 Apr 2021 09:55 AM

महाराष्ट्र में 14 दिनों का कंप्लीट लॉकडाउन लगने के संकेत, CM ने कहा, 'जनता को थोड़ा कड़वा डोज देना जरूरी'

देश में कोरोना वायरस के मामलों में दिनोंदिन तेजी देखने को मिल रही है। कई शहरों में हालात बेकाबू हैं। ऐसे में अगर कोरोना के बढ़ते कदम रोकने है तो लॉकडाउन का कोई विकल्प नहीं है। इसलिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह संकेत दे दिया कि राज्य में कंप्लीट लॉकडाउन लगाया जाएगा। यह लॉकडाउन या तो आठ दिनों का या फिर 14 दिनों का हो सकता है लेकिन शनिवार हो हुई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के संबंध पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया और निर्णय दो दिनों के लिए टाल दिया। बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोरोना को कंट्रोल करना है तो जनता को थोड़ा कड़वा डोज देना जरूरी है। ठाकरे ने कहा कि अगले कुछ दिनों के लिए राज्य में कड़क लॉकडाउन लगाना बेहद जरूरी है इसके बाद धीरे-धीरे एक-एक चीज खोली जानी चाहिए। मुख्यमंत्री का कहना था कि लॉकडाउन का विकल्प इसलिए जरूरी है क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाओं पर अत्यधिक दबाव आ रहा है। ऐसे में दुनिया की मिसालों को भी देखते हुए लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री 8 दिनों के लॉकडाउन की बात कर रहे थे जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह लॉकडाउन 14 दिनों का होना चाहिए।

देश में मिले 1.5 लाख से ज्यादा मरीज

आपको बता दे, कोरोना की दूसरी लहर दिन पर दिन खतरनाक होती जा रही है। देश में शनिवार को 1 लाख 52 हजार 565 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। महामारी की शुरुआत के बाद से पहली बार एक दिन में इतने ज्यादा संक्रमितों की पहचान हुई है। पिछले 24 घंटे में 90,328 लोग ठीक भी हुए और 838 लोगों की मौत हुई। मौत के मामले में इस साल दूसरी बार एक दिन में 800 या इससे ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है। इससे पहले 8 अप्रैल को 802 लोगों की मौत हुई थी। महाराष्ट्र देश का ऐसा राज्य है जहां कोरोना के मामले सबसे ज्यादा है। शनिवार को राज्य में 55,411 नए मरीज मिले। 53,005 मरीज ठीक हुए और 309 की मौत हो गई। राज्य में अब तक 33.43 लाख लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 27.48 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 57,638 की मौत हुई है। यहां फिलहाल करीब 5.36 लाख लोगों का इलाज चल रहा है।

कोरोना की स्तिथि को जानने और लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्री ठाकरे ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सभी दलों के नेताओं की राय ली गई। विशेषज्ञों की राय ली गई। बैठक शाम 5 बजे से ढाई घंटे तक चली। बैठक के बाद निर्णय हुआ कि मुख्यमंत्री सबकी राय पर अगले दो दिनों में विचार करेंगे और महाराष्ट्र में कंप्लीट लॉकडाउन लगाना है या नहीं, इसपर इन दो दिनों में फैसला लिया जाएगा। लॉकडाउन पर फैसला लेने से पहले आज रविवार को राज्य के टास्क फोर्स के साथ बैठक की जाएगी।

वैक्सीन भी सुरक्षा की जमानत नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का जो नया स्ट्रेन है उसको देखते हुए वैक्सीन भी सुरक्षा की जमानत नहीं है। वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद भी लोगों कोरोना संक्रमित हो रहे है। इसके अलावा चर्चा में यह मुद्दा भी उठा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी है, वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन वाले बेड्स की कमी है। राज्य में अनेक अस्पताल फुल हो चुके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यही कहना था कि लॉकडाउन ही एक विकल्प दिखाई दे रहा है।

नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कंप्लीट लॉकडाउन पर विरोध किया। देवेंद्र फडणवीस का कहना था कि लॉकडाउन से गरीबों की कमर टूट जाएगी। अगर लॉकडाउन लगाना है तो पहले गरीबों को आर्थिक मदद दी जाए। इसपर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि जो लोग दिहाड़ी मजदूर हैं और जिन्हें रोज की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोज काम करना जरूरी है, जो लोग छोटे व्यापारी हैं ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आर्थिक सहायता किस तरह से दी जाए, इस पर वे एक पूरा विस्तृत प्लान सोमवार तक तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस एकमत नहीं दिखाई दे रही थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण बीच की भूमिका लेने की बात कर रहे थे। यानी कंप्लीट लॉकडाउन की बजाय कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं और आर्थिक व्यवहार भी शुरू रखा जाए। लेकिन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, बालासाहेब थोरात की भूमिका यह रही कि अगर जान बचाने के लिए लॉकडाउन लगाना जरूरी है तो हम समर्थन करेंगे। अजित पवार ने कहा कि सबसे बातचीत करके मुख्यमंत्री जो फैसला लेंगे हम उनका सहयोग करेंगे।

दिल्ली में नई पाबंदियों का ऐलान

आपको बता दे, दिल्ली में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने नई पाबंदियों का ऐलान कर दिया गया। यह 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी। दिल्ली में अब अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 और शादी समारोह में 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

दिल्ली में सभी तरह की सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमी, सांस्कृतिक, धार्मिक और त्योहार संबंधी जमावड़ों पर रोक लगा दी गई है। सभी स्विमिंग पूल भी बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान सिर्फ वही स्विमिंग पूल खुले रहेंगे, जहां खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। स्टेडियम में स्पोर्ट्स इवेंट आयोजित करने की इजाजत होगी, लेकिन दर्शक नहीं जा सकेंगे।

रेस्टोरेंट और बार भी अब अपनी सीटिंग कैपेसिटी की 50% क्षमता के साथ काम करेंगे। मेट्रो में भी एक कोच में सीटिंग कैपेसिटी के 50% ही लोग यात्रा कर सकेंगे। बसों में भी एक समय मे 50% क्षमता के साथ ही यात्री यात्रा कर सकेंगे। सिनेमा, थिएटर और मल्टीप्लेक्स भी 50% क्षमता के साथ ही चलेंगे।

दिल्ली में लॉकडाउन को लेकर केजरीवाल ने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन नहीं लगेगा, लेकिन कुछ प्रतिबंध लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा दिल्ली में अभी लॉकडाउन की कोई भी तैयारी नहीं है। अगर केंद्र सरकार सभी प्रतिबंध हटाते हुए पर्याप्त वैक्सीन देती है, तो हम 2-3 महीने में पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगा देंगे, जिससे कोरोना की गंभीरता खत्म हो जाएगी।

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