महाकुंभ के 45 दिनों के भव्य आयोजन के समापन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बाद अब वे सफाई अभियान की कमान संभाल रहे हैं। सीएम योगी ने संगम घाट पर स्वयं सफाई कार्य किया, उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। राज्य के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी इस समय प्रयागराज में मौजूद हैं, और सीएम योगी घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केपी मौर्य और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ अरैल घाट पर गंगा पूजन भी किया।
सीएम योगी के कार्यक्रम की रूपरेखा
सुबह 11:30 बजे लखनऊ से प्रयागराज आगमन, शाम 7 बजे प्रयागराज से प्रस्थान।
नाविकों और यूपीएसआरटीसी चालकों के साथ संवाद।
हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजन।
डिजिटल मीडिया सेंटर में पत्रकारों से संवाद।
महाकुंभ में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से संवाद।
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath, Deputy CMs Brajesh Pathak, KP Maurya and other ministers of the cabinet at Sangam, in Prayagraj.
— ANI (@ANI)
Ganga Puja will be preformed today at Arail Ghat following the culmination of Maha Kumbh yesterday. pic.twitter.com/t0LOfMF9Hfमहाकुंभ में रिकॉर्ड 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान
महाकुंभ 2025 ने धार्मिक आस्था और आध्यात्मिकता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। पिछले 45 दिनों में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। मेले के प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम 8 बजे तक 1.53 करोड़ से अधिक भक्तों ने स्नान किया, जिससे कुल संख्या 66.30 करोड़ तक पहुंच गई। यह संख्या अमेरिका, रूस और यूरोपीय देशों की कुल आबादी से भी अधिक है, जो महाकुंभ की विराटता को दर्शाती है।
15000 सफाईकर्मियों ने स्वच्छता में निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए भी चर्चाओं में रहा। 15,000 सफाईकर्मियों ने 24x7 ड्यूटी कर घाटों और शौचालयों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाकुंभ मेले के स्वच्छता प्रभारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि अलग-अलग पालियों में काम करने वाले इन कर्मियों ने पूरे आयोजन को स्वच्छ बनाए रखा।
हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें 30 लोगों की मृत्यु हो गई। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा और भक्तों का आगमन अनवरत जारी रहा।














