
गर्मियों का मौसम आते ही घरों में आम का अचार बनाने की परंपरा शुरू हो जाती है। हर घर में अलग-अलग तरीके से अचार तैयार किया जाता है, लेकिन एक बात सबसे अहम होती है—तेल की सही मात्रा। अगर अचार में तेल कम या ज्यादा हो जाए, तो इसका सीधा असर उसके स्वाद और टिकाऊपन पर पड़ता है। कम तेल वाला अचार जल्दी खराब हो सकता है, जबकि जरूरत से ज्यादा तेल उसका स्वाद बिगाड़ सकता है। इसलिए 1 किलो आम के अचार में सही मात्रा में तेल डालना बेहद जरूरी है ताकि अचार लंबे समय तक सुरक्षित और स्वादिष्ट बना रहे।
मसालेदार और पूरी तरह तेल में डूबा अचार
अगर आप ऐसा अचार बनाना चाहते हैं जो लंबे समय तक खराब न हो और पारंपरिक स्वाद बनाए रखे, तो इसके लिए तेल की मात्रा काफी अहम है।
तेल की मात्रा: लगभग 400 से 500 मिलीलीटर (करीब 2 बड़े कप)
उपयोग का तरीका: आम के टुकड़े और मसाले जार में डालने के बाद इतना तेल डालें कि सभी टुकड़े पूरी तरह तेल में डूब जाएं। ऊपर कम से कम 2 से 3 इंच तक तेल की परत रहनी चाहिए।
इस तरह तैयार किया गया अचार ज्यादा समय तक सुरक्षित रहता है और उसका स्वाद भी गहरा और पारंपरिक बना रहता है।
कम तेल वाला हल्का अचार
कुछ लोग स्वास्थ्य या स्वाद की पसंद के कारण कम तेल वाला अचार बनाना पसंद करते हैं।
तेल की मात्रा: 200 से 250 मिलीलीटर (लगभग 1 बड़ा कप)
उपयोग का तरीका: इस मात्रा में तेल का इस्तेमाल आम के टुकड़ों पर मसाले अच्छी तरह चढ़ाने के लिए किया जाता है, न कि उन्हें पूरी तरह डुबोने के लिए।
ऐसे अचार को आमतौर पर ज्यादा दिनों तक बाहर नहीं रखा जाता और इसे फ्रिज में स्टोर करना बेहतर माना जाता है।
अचार में तेल डालने का सही तरीका क्या है?
अचार का स्वाद और उसकी उम्र दोनों ही तेल के सही इस्तेमाल पर निर्भर करते हैं। सबसे पहले सरसों के तेल को कड़ाही में अच्छे से गर्म करें ताकि उसकी कच्ची गंध खत्म हो जाए। इसके बाद तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर ही अचार में मिलाएं।
अचार हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे कांच या मिट्टी के जार में ही भरना चाहिए। तैयार अचार को 3 से 5 दिन तक तेज धूप में रखना बहुत जरूरी होता है, जिससे मसाले और तेल अच्छे से सेट हो जाते हैं और अचार जल्दी खराब नहीं होता।
अचार निकालते समय हमेशा सूखी और साफ चम्मच का ही इस्तेमाल करें, वरना नमी के कारण अचार जल्दी खराब हो सकता है।
सही मात्रा में तेल और सही तरीके से तैयारी करने पर आम का अचार न सिर्फ लंबे समय तक टिकता है, बल्कि उसका स्वाद भी और ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए अचार बनाते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।














