अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति में बदलता नजर आ रहा है। अपाचे हेलीकॉप्टर के कथित तौर पर मार गिराए जाने के बाद हालात और अधिक बिगड़ गए हैं। लगातार दूसरे दिन अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में तेहरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किया है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पहले ही कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की गई थी कि ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे।
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान पर तेज हुए अमेरिकी हमले
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका ने ईरान के कई हिस्सों में एक साथ सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिमी तेहरान, फार्स प्रांत, बंदर अब्बास और केशम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा गोरगन, सिरकी और मीनाब सहित कई अन्य शहरों में भी धमाकों की पुष्टि सामने आई है। इन हमलों के बाद पश्चिमी तेहरान और फार्स प्रांत में एयर डिफेंस सिस्टम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान, आत्मरक्षा कार्रवाई का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि कमांडर-इन-चीफ के निर्देशों के तहत शाम 5:15 बजे (पूर्वी समयानुसार) ईरान के कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले शुरू किए गए हैं। बयान में इन कार्रवाइयों को ईरान की लगातार हो रही आक्रामक गतिविधियों का जवाब बताया गया है। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित बंदर अब्बास क्षेत्र में जोरदार विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे स्थानीय स्तर पर दहशत का माहौल फैल गया।
ट्रंप और अमेरिकी नेतृत्व के सख्त बयान
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा था कि अमेरिका अब ईरान पर और अधिक सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान शांति वार्ता में समय बर्बाद करता रहा, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने भी कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि ईरान ने समझौते की प्रक्रिया में काफी समय गंवा दिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।
ईरान का जवाबी हमला, अमेरिकी ठिकानों पर कार्रवाई का दावा
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुवैत स्थित अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर सैन्य ठिकानों तथा बहरीन के शेख ईसा एयरबेस सहित 18 महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में की गई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा कदम, समुद्री मार्ग बंद
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है और रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को भी निशाना बनाया है। हालांकि इन हमलों और जहाजों की विस्तृत जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।













