पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी हलचल और कथित बगावत को लेकर जारी चर्चाओं के बीच अब पार्टी सांसद प्रतिमा मंडल ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। हाल ही में सामने आई उन खबरों पर, जिनमें उनका नाम टीएमसी के बागी सांसदों की सूची में शामिल बताया गया था, उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इन दावों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है।
प्रतिमा मंडल ने साफ शब्दों में कहा कि मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई जा रही यह जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि उनका नाम किसी भी तरह की बगावत या अलग गुट से जोड़ना वास्तविकता से परे है और इसका कोई आधार नहीं है।
मैं दिल्ली नहीं गई, कोलकाता में ही मौजूद थी – प्रतिमा मंडल
अपनी सफाई में उन्होंने अपनी लोकेशन का पूरा ब्यौरा देते हुए कहा कि वह उस समय कोलकाता में ही मौजूद थीं। प्रतिमा मंडल ने बताया कि 4 जून को सुबह 11 बजे उनकी एस्टिमेट्स कमेटी की एक बैठक थी, जिसमें उन्होंने भाग लिया था। इसके बाद वह उसी दिन शाम 4:20 बजे की फ्लाइट से वापस कोलकाता लौट आई थीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उस दिन के बाद से वह दिल्ली नहीं गईं और न ही किसी ऐसी बैठक या गतिविधि में शामिल हुईं, जहां किसी प्रकार के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हों। उनके अनुसार, उनके बारे में फैलाई जा रही खबरें तथ्यहीन हैं और केवल भ्रम पैदा करने के लिए प्रसारित की जा रही हैं।
दस्तावेज सार्वजनिक करें, सच्चाई सामने आ जाएगी – टीएमसी सांसद
प्रतिमा मंडल ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई दावा कर रहा है कि उन्होंने किसी पत्र या सूची पर हस्ताक्षर किए हैं, तो उस दस्तावेज को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों द्वारा यह सूची दिखाई जा रही है, उन्हें वह मूल पत्र सामने रखना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उस पर उनका नाम वास्तव में है या नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पुष्टि के इस तरह की खबरें फैलाना न केवल गलत है बल्कि इससे अनावश्यक भ्रम और राजनीतिक गलतफहमी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के किसी भी दावे का पुरजोर खंडन करती हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं
इसी बीच टीएमसी के भीतर कथित बागी सांसदों की सूची को लेकर चल रही चर्चाओं में एक और नाम, अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा का भी सामने आया था। हालांकि ताजा जानकारी के अनुसार यह कहा जा रहा है कि उन्होंने ऐसे किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक शत्रुघ्न सिन्हा फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, जिसकी वजह से उनका नाम भी इस विवादित सूची से जोड़ा गया। हालांकि इस पूरे मामले पर उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर और भी अनिश्चितता बनी हुई है।
चुनावी नतीजों के बाद TMC में बढ़ती हलचल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और अंदरूनी तनाव की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। शुरुआती दौर में स्थानीय स्तर पर कुछ विधायकों द्वारा अलग गुट बनाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था, जिसके बाद अब यह मामला लोकसभा स्तर तक पहुंचता दिख रहा है।
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे संगठन के भीतर अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ममता बनर्जी की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। वह फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं और हाल ही में उन्होंने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की बैठक में हिस्सा लिया था।
इस बैठक में उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। हालांकि पार्टी के भीतर चल रही कथित खींचतान और बगावत की खबरों पर ममता बनर्जी की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
फिलहाल प्रतिमा मंडल के बयान ने यह साफ कर दिया है कि सूची को लेकर चल रही चर्चाओं में कई तथ्य अभी भी स्पष्ट नहीं हैं, और पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी के बीच सच्चाई की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।













