पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जिन युवा चेहरों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें सयानी घोष का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। मनोरंजन जगत से राजनीति तक का उनका सफर काफी दिलचस्प रहा है। अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा और कुछ ही वर्षों में खुद को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अहम नेताओं में शामिल कर लिया। अभिनय और राजनीति, दोनों क्षेत्रों में अपनी सक्रिय मौजूदगी के कारण वह लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं।
कोलकाता में जन्मी सयानी घोष ने बहुत कम उम्र में अपने करियर की शुरुआत कर दी थी। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे बंगाली मनोरंजन उद्योग का जाना-पहचाना चेहरा बन गईं। फिल्मों, टेलीविजन धारावाहिकों और वेब सीरीज में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया। अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर उन्होंने मनोरंजन जगत में एक मजबूत पहचान स्थापित की।
सयानी के अभिनय करियर की शुरुआत टेलीफिल्म ‘इच्छे दाना’ से हुई थी। उस समय उनकी उम्र केवल 17 वर्ष थी। बड़े पर्दे पर उन्होंने पहली बार फिल्म ‘नॉटोबोर नॉटआउट’ में एक छोटे से किरदार के जरिए एंट्री की। इसके बाद उन्होंने कई चर्चित बंगाली फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘शोत्रू’, ‘अलीक सुख’, ‘गोलपो होलेओ शोटी’, ‘नाटोकर मोटो - लाइक अ प्ले’, ‘ब्योमकेश ओ चिरियाखाना’, ‘मेघनाद बढ़ रहस्य’, ‘का खा गा घ’, ‘रीयूनियन’, ‘ड्रैकुला सर’, ‘अपराजितो’ और ‘लाल: सूटकेस ता देखेचेन?’ जैसी कई फिल्में शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स ने उन्हें बंगाली सिनेमा में एक स्थापित अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई।
मनोरंजन जगत में सफलता हासिल करने के बाद सयानी घोष ने राजनीति का रुख किया। वर्ष 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के बाद उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ा। नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीएमसी की युवा इकाई में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिल सकी, लेकिन पार्टी नेतृत्व का विश्वास उन पर कायम रहा और उन्हें लगातार संगठन में अहम भूमिका दी जाती रही।
राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक कार्यों के दम पर उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की। इसका परिणाम 2024 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब उन्होंने जादवपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण पहचान दिलाई और वह टीएमसी के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हो गईं।
अगर उनकी शैक्षणिक योग्यता और आर्थिक स्थिति की बात करें, तो चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2022-23 के उपलब्ध विवरण के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग 91.89 लाख रुपये बताई गई है। वहीं उनके ऊपर विभिन्न प्रकार की देनदारियां और ऋण भी दर्ज हैं, जिनकी कुल राशि करीब 59 लाख रुपये बताई जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सयानी घोष के पास कोलकाता के गोल्फ ग्रीन इलाके में एक आवासीय संपत्ति है। इसके अलावा उनके नाम पर बैंक जमा, विभिन्न निवेश योजनाएं और एक होंडा जैज कार भी दर्ज है। अभिनय से राजनीति तक का उनका सफर इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कैसे कम उम्र में करियर शुरू करने वाला व्यक्ति मेहनत और निरंतर प्रयासों के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकता है।













