न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

‘विचारों का टकराव हो सकता है, पर रिश्तों में दूरी नहीं’—पायलट का गहलोत पर बिना नाम लिए इशारों में जवाब

राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट ने करौली में दिए बयान में कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन रिश्तों में दूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए अशोक गहलोत के हालिया बयानों पर इशारों में जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन, संयम और राजनीतिक सहिष्णुता पर जोर दिया, जिससे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 11 Jun 2026 8:44:25

‘विचारों का टकराव हो सकता है, पर रिश्तों में दूरी नहीं’—पायलट का गहलोत पर बिना नाम लिए इशारों में जवाब

राजस्थान की सियासत में जारी बयानबाजी के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बुधवार को ऐसा बयान दिया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया तीखे बयानों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। करौली जिले के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने साफ कहा कि उनके लिए साथ काम करने वाले सभी नेता सम्मान के योग्य हैं और किसी से व्यक्तिगत दूरी नहीं है।

अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे मनभेद में बदलने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गहलोत का नाम लिए बिना कहा कि विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन दिल में किसी के लिए दुर्भावना नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, संयम और धैर्य को सबसे बड़ी ताकत बताया।

‘सम्मान और संयम ही राजनीति की असली पहचान’—पायलट

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि जो भी लोग उनके साथ राजनीतिक जीवन में जुड़े रहे हैं, वे सभी उनके लिए सम्माननीय हैं। उन्होंने कहा कि मतभेद विचारों में हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर किसी से कोई दूरी नहीं है।

पायलट ने भावनात्मक अंदाज में कहा कि राजनीति में शब्दों का चयन बेहद सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते। उन्होंने आगे कहा कि सच्चाई, संयम और संतुलन हर नेता के जीवन का आधार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज में हमारी भूमिका सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं होती, बल्कि हम आने वाली पीढ़ी को किस तरह के संस्कार देते हैं, यह अधिक महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, देश की दिशा तभी सही होगी जब शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी महत्व दिया जाएगा।

अनुशासन और धैर्य को बताया राजनीति की नींव

कांग्रेस नेता ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक जीवन में अनुशासन, धैर्य और आत्मनियंत्रण बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता और देशहित हमेशा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, जबकि पार्टी और विचारधारा उसके बाद आती है।

पायलट ने यह भी कहा कि मेहनत करने वाले व्यक्ति की कोशिश कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में प्रेम और संवाद की भावना को बढ़ावा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि असहमति होने के बावजूद भी लोगों के प्रति सम्मान और अपनापन बनाए रखना चाहिए, ताकि मतभेद धीरे-धीरे सहयोग में बदल सकें।

गहलोत के बयानों के बाद बढ़ी सियासी हलचल

गौरतलब है कि हाल ही में अशोक गहलोत ने 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में उस समय जो स्थिति बनी थी, वह किसी बगावत का हिस्सा नहीं थी, बल्कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर असहमति का परिणाम थी।

उनके अनुसार, उस समय कुछ विधायकों में नाराजगी थी, जो राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सामने आई। गहलोत ने यह भी कहा था कि पार्टी नेतृत्व के फैसलों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी थी, जिसने घटनाक्रम को जटिल बना दिया था।

25 सितंबर 2022 की CLP बैठक बनी थी अहम मोड़

राजस्थान की राजनीति में 25 सितंबर 2022 का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जब जयपुर में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में राज्य नेतृत्व को लेकर निर्णय का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को देने का प्रस्ताव लाया जाना था, लेकिन परिस्थितियां अचानक बदल गईं।

AICC पर्यवेक्षकों की मौजूदगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बैठक बुलाए जाने के बावजूद कई विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बजाय वे शांति धारीवाल के आवास पर एकत्र हो गए थे, जिससे राजनीतिक संकट गहरा गया था।

इसके चलते वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, जो आमतौर पर बिना किसी बाधा के स्वीकार कर लिया जाता है। बाद में इस घटनाक्रम ने राजस्थान कांग्रेस की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया।

2020 की राजनीतिक घटना और उसके असर का जिक्र


अशोक गहलोत ने पहले यह भी आरोप लगाया था कि 2020 में सचिन पायलट द्वारा की गई राजनीतिक गतिविधियों के कारण पार्टी में असंतोष पैदा हुआ था। उस समय पायलट उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, लेकिन बाद में उन्हें दोनों पदों से हटा दिया गया था।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं के बीच दूरी और राजनीतिक तनाव लंबे समय तक चर्चा में रहा। पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को संभाला गया, लेकिन आंतरिक मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हो सके।

सकरघटा में भावुक पल, पिता राजेश पायलट को किया याद


कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस मौके पर उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके पिता ने भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर जनता की सेवा को अपना जीवन लक्ष्य बनाया था।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का मानना था कि सच्चा नेता वही होता है जो लोभ, लालच और पद की दौड़ से दूर रहकर केवल जनता के हित में कार्य करे। पायलट ने कहा कि उनके पिता हमेशा कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही बने रहे और जीवनभर जनसेवा के लिए समर्पित रहे।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल