न्यूज़
Budget 2026 Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कोलकाता की ये पुरानी इमारतें बयां करती हैं कई कहानियां, घूमने जाएं तो जरूर करें इनका दीदार

आधुनिकता की दौड़ में जहां कई बड़ी इमारतें बन चुकी हैं, वहीँ आज भी कोलकाता में कई पुरानी इमारतें हैं जो अपनी कहानियां व्यक्त करती हैं। आज हम आपको कोलकाता में स्थित कुछ प्रसिद्ध पुरानी इमारतों के बारे में बता रहे हैं।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Mon, 22 Apr 2024 7:35:42

कोलकाता की ये पुरानी इमारतें बयां करती हैं कई कहानियां, घूमने जाएं तो जरूर करें इनका दीदार

भारत के सबसे ऐतिहासिक और महानगरीय शहरों की बात करें तो उनमें से एक हैं कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता उन लोगों के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन है जो आर्किटेक्चर, पेंटिंग, कला और संस्कृति से खास लगाव रखते हैं। कोलकाता अभी तक अपनी विरासत को बरकरार रखने में कामयाब रहा है। शहर की आश्चर्यजनक वास्तुकला को आप यहां स्थित कई संरचनाओं में देख सकते हैं। आधुनिकता की दौड़ में जहां कई बड़ी इमारतें बन चुकी हैं, वहीँ आज भी कोलकाता में कई पुरानी इमारतें हैं जो अपनी कहानियां व्यक्त करती हैं। आज हम आपको कोलकाता में स्थित कुछ प्रसिद्ध पुरानी इमारतों के बारे में बता रहे हैं।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

राइटर्स बिल्डिंग

इस प्रतिष्ठित इमारत को पहली बार 1780 में जनता के लिए खोला गया था। राइटर्स बिल्डिंग बी।बी।डी। बाग में स्थित है, जिसे पहले डलहौजी स्क्वायर के नाम से जाना जाता था। यह भवन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य अधिकारियों के कार्यालय का घर था। यह अभी राज्य सरकार का सचिवालय भवन है, लेकिन पहले यह ईस्ट इंडिया कंपनी के जूनियर क्लर्क का घर हुआ करता था। अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यालय एक नए भवन में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इमारत के शीर्ष पर मिनर्वा रोमन देवी की मूर्ती स्थापित है।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

विक्टोरिया मेमोरियल

विक्टोरिया मेमोरियल एक बेहद भव्य स्मारक है। इसे महारानी विक्टोरिया की स्मृति में बनाया गया था। विक्टोरिया मेमोरियल को 1921 में एक संग्रहालय के रूप में जनता के लिए खोल दिया गया था। 64 एकड़ में फैले इस संग्रहालय में कई कलाकृतियां, हथियार और गोला-बारूद, महारानी विक्टोरिया के चित्र और कई दुर्लभ किताबें हैं। संग्रहालय में 25 गैलरी हैं। स्मारक की वास्तुकला दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिजाइनों में से एक है। इसे ब्रिटिश आर्किटेक्ट विलियम इमर्सन ने डिजाइन किया था।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

मार्बल पैलेस

एक ब्यूटीफुल और एलीगेंट बिल्डिंग जिसमें संगमरमर की दीवारें और फर्श हैं, इसे एक बंगाली व्यापारी राजा राजेंद्र मलिक ने बनवाया था। न्यूक्लॉसिकल स्टाइल में निर्मित, इमारत में ओपन कोर्टयार्ड हैं जो पारंपरिक बंगाली वास्तुकला में आम है। आज इसमें कई विक्टोरियन पेंटिंग और बहुत कुछ है। भवन में प्रवेश करने से पहले आपको पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है क्योंकि यह एक निजी आवास है।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

जोरासांको ठाकुर बारी

टैगोर परिवार का महलनुमा घर आज एक संग्रहालय है। इसी घर में रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म हुआ था। टैगोर परिवार के अधिकांश सदस्य उस समय कलाकारों से लेकर उच्च अधिकारियों, विचारकों, बुद्धिजीवी और लेखक हुआ करते थे। रवींद्रनाथ टैगोर के दूसरे सबसे बड़े भाई, सत्येंद्रनाथ टैगोर असल में सिविल सेवा में शामिल होने वाले पहले भारतीय थे। जबकि, उनके पिता देवेंद्रनाथ टैगोर एक धार्मिक सुधारक और दार्शनिक थे, साथ ही ब्रह्मो धर्म के संस्थापक भी थे।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

बेलूर मठ

बेलूर मठ स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है। मठ की वास्तुकला में हिंदू, इस्लामी, बौद्ध और ईसाई कला और रूपांकनों जैसे विभिन्न तत्वों का मिश्रण देखा जा सकता है। कला के विभिन्न तत्वों के उपयोग के पीछे का विचार सभी धर्मों के बीच एकता का संदेश देना है। बेलूर मठ 40 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह हरे भरे परिसर से घिरा हुआ है। यह मठ हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। 20वीं सदी का बेलूर मठ भारत का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

सोवाबाजार राजबारी

सोवाबाजार राजबाड़ी एक और प्रतिष्ठित विरासत इमारत है जिसे विशेष रूप से दुर्गा पूजा के दौरान अवश्य देखना चाहिए। यह बंगाल के सबसे पुराने शाही घरों में से एक है। राजा नबकृष्ण द्वारा निर्मित, यह इमारत अपने भव्य दुर्गा पूजा समारोहों के लिए और बंगाली संस्कृति और परंपरा को बनाए रखने के लिए भी प्रसिद्ध है, जब यूरोपीय संस्कृति देश और शहर पर हावी थी।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

स्टार थियेटर

1883 में निर्मित, यह कोलकाता के पहले व्यावसायिक सिनेमा हॉल में से एक है। आपको बता दें, पहली बंगाली मोशन पिक्चर यहां प्रदर्शित की गई थी और आग लगने के बावजूद, जिसकी वजह से इमारत आधी नष्ट हो गई थी, इसके अधिकांश हिस्सों को कोलकाता नगर निगम द्वारा बहाल कर दिया गया है। इमारत का अंदरूनी इंटीरियर काफी समकालीन है। यहां अभी भी सप्ताह के दो दिन नाटकीय प्रदर्शन किया जाता है।

kolkata heritage buildings,historical landmarks kolkata,kolkata architectural treasures,walking tour kolkata,cultural heritage sites,kolkata sightseeing tour,historical walking trails,architectural wonders kolkata,kolkata historical architecture,landmarks in kolkata,kolkata tourism spots,heritage walks in kolkata,kolkata city exploration,cultural exploration kolkata,exploring kolkatas past,hidden gems kolkata architecture

दक्षिणेश्वर काली मंदिर

दक्षिणेश्वर काली मंदिर का निर्माण 1847 में एक जमींदार और परोपकारी रानी रश्मोनी द्वारा निर्मित कराया गया था। देवी काली का मंदिर कोलकाता का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र है। मंदिर में मां काली के अवतार मां भवतारिणी की पूजा की जाती है। 25 एकड़ में फैले इस मंदिर में हर रोज देश भर से हजारों श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर दक्षिणेश्वर में स्थित है और इसलिए इसे दक्षिणेश्वर काली मंदिर के नाम से जाना जाता है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?