
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां को लेकर एक बार फिर कानूनी मामले ने सुर्खियां बटोर ली हैं। दोनों के बीच बीते कई सालों से चल रहा विवाद अब कलकत्ता हाई कोर्ट के एक अहम फैसले के चलते फिर चर्चा में है। कोर्ट ने तलाक की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शमी को आदेश दिया है कि वह अपनी पत्नी को हर महीने 4 लाख रुपये का गुजारा भत्ता दें। ये फैसला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि शमी के निजी और पेशेवर जीवन में भी एक नया मोड़ लेकर आया है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस भत्ते में से ₹2.5 लाख उनकी बेटी के लिए और ₹1.5 लाख हसीन जहां के लिए तय किए गए हैं। ये फैसला उस वक्त आया है जब शमी पहले से ही करियर के संघर्षपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। जाहिर है, यह झटका उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी आसान नहीं होगा।
हसीन जहां ने फैसले को बताया अपनी जीत, कहा – “महंगाई में ये रकम कम है”
हसीन जहां ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी कानूनी जीत बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा महंगाई और जीवनशैली को देखते हुए ₹4 लाख की रकम बेहद कम है। उन्होंने कहा, “गुजारा-भत्ता पति की कमाई और सामाजिक स्तर को देखकर तय होता है। शमी की जिंदगी की चमक-धमक को देखते हुए ये रकम पर्याप्त नहीं है। हमने ₹10 लाख की मांग की थी और वो भी आज से 7 साल 4 महीने पहले।”
उनकी इस टिप्पणी से साफ है कि यह लड़ाई सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सम्मान और स्थायित्व की भी है।
7 साल से चल रहा विवाद, गंभीर आरोप भी लगे थे
बता दें कि शमी और हसीन जहां 2018 से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। उसी साल हसीन जहां ने शमी के खिलाफ धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और विवाहेतर संबंधों के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने मैच फिक्सिंग तक के आरोप लगाए थे, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।
तब से लेकर अब तक, दोनों अलग-अलग जीवन जी रहे हैं। इस दौरान उनकी बेटी हसीन जहां के पास ही रही है और उन्होंने ही उसकी परवरिश की है। इसी आधार पर उन्होंने कोर्ट में ₹10 लाख प्रति माह गुजारा-भत्ता की मांग की थी।
कोर्ट ने तलाक की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि तलाक की प्रक्रिया को अब शीघ्रता से निपटाया जाए। यह फैसला एक लंबे समय से लटके मामले को अंतिम रूप देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
शमी का करियर भी मुश्किल दौर में
इस फैसले के साथ-साथ मोहम्मद शमी का क्रिकेट करियर भी एक कठिन मोड़ पर है। करीब सवा साल तक चोट से जूझने के बाद उन्होंने इस साल की शुरुआत में वापसी की और टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इसके बाद आईपीएल में खराब प्रदर्शन और फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे। नतीजन, उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिल सकी।














