
भारतीय दूरसंचार विभाग (DoT) ने देशभर में साइबर अपराध और धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 27 लाख मोबाइल फोन नंबरों को ब्लॉक कर दिया है। यह कदम 2 जुलाई 2025 को उठाया गया और इसे डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ अब तक की सबसे अहम पहल माना जा रहा है।
आज के समय में जब हर व्यक्ति मोबाइल से जुड़ा हुआ है, इस तरह की खबर आम लोगों के लिए चेतावनी की तरह है। इस कार्रवाई का मकसद न सिर्फ अपराधियों पर शिकंजा कसना है, बल्कि आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है, जो अक्सर अनजाने में ठगी का शिकार बन जाते हैं।
इन फोनों में फर्जी सिम कार्ड और अवैध IMEI नंबर का इस्तेमाल हो रहा था। इन्हें ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था।
कार्रवाई के पीछे की वजह
DoT की यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। बीते कुछ महीनों में देश में साइबर फ्रॉड के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। अपराधी फर्जी सिम कार्ड और नकली IMEI नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को WhatsApp कॉल, एसएमएस स्कैम और बैंकिंग ठगी जैसे मामलों में फंसा रहे थे।
सरकार इससे पहले भी 7.81 लाख से ज्यादा सिम कार्ड और 2.08 लाख IMEI नंबर ब्लॉक कर चुकी है। लेकिन इस बार की कार्रवाई कहीं अधिक व्यापक और प्रभावी है। यह कदम भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर उठाया गया है।
किन्हें होगा असर
DoT के मुताबिक, इन 27 लाख मोबाइल फोनों को ब्लॉक करने से साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर काफी असर पड़ेगा। लेकिन साथ ही, वे आम यूजर भी प्रभावित हो सकते हैं जो अनजाने में फर्जी सिम या नकली डिवाइस का उपयोग कर रहे थे।
खासतौर पर वे लोग जो बार-बार सिम कार्ड बदलते हैं या सस्ते नकली फोन खरीदते हैं, उन्हें तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन यूजर्स के फोन और सिम की वैधता साबित नहीं हो पाती, उनकी सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
आप क्या कर सकते हैं? अपनी सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय
IMEI और सिम वैधता की जांच करें: अपने फोन से *#06# डायल करके IMEI नंबर प्राप्त करें और उसे सरकार के पोर्टल पर जांचें कि वह वैध है या नहीं।
आधार आधारित सिम वेरिफिकेशन: अपने सिम कार्ड को आधार से लिंक करें और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें ताकि पहचान सुरक्षित रहे।
ब्लॉक होने पर संपर्क करें: अगर आपका फोन या सिम गलती से ब्लॉक हो गया हो तो DoT की हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या उनकी वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें।
संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करें: अनजान नंबरों से आए कॉल्स या मैसेज का जवाब देने से बचें। अपने मोबाइल, बैंकिंग और ईमेल पासवर्ड मजबूत रखें और समय-समय पर बदलें।














