बॉलीवुड की खूबसूरती की मिसाल और अपनी अदाओं से आज की एक्ट्रेसेस को भी पीछे छोड़ देने वाली रेखा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वह टाइप 2 डायबिटीज़ से पीड़ित हैं। यह समस्या तब होती है जब शरीर में इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने लगता है। हालांकि, रेखा की फिटनेस को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह अपने खानपान और लाइफस्टाइल का खास ख्याल रखती हैं, जिससे उनकी बीमारी नियंत्रित रहती है।
रेखा अपनी डाइट में जंक फूड, तली-भुनी चीजें और अनहेल्दी फूड आइटम्स को पूरी तरह से अवॉइड करती हैं। डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए वह एक खास लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट फॉलो करती हैं। आमतौर पर, डायबिटीज़ होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें आनुवंशिकता, कम फिजिकल एक्टिविटी, असंतुलित खानपान और अधूरी नींद शामिल हैं।
डायबिटीज़ के लक्षण
टाइप 2 मधुमेह एक आम बीमारी है, जो धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 37 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, जिनमें से 90-95% को टाइप 2 डायबिटीज़ होता है। कई लोग इस बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय पर इसका पता नहीं चल पाता। अगर इस बीमारी को समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं टाइप 2 मधुमेह के प्रमुख लक्षण और उनकी विस्तार से जानकारी।
1. बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination)
जब ब्लड में शुगर लेवल अधिक हो जाता है, तो किडनी रक्त से अतिरिक्त ग्लूकोज को छानकर बाहर निकालने की कोशिश करती हैं। यह प्रक्रिया शरीर के लिए एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, लेकिन इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होती है। विशेष रूप से रात के समय बार-बार पेशाब आना टाइप 2 डायबिटीज़ का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। अगर आपको रात में सामान्य से ज्यादा बार वॉशरूम जाने की जरूरत पड़ती है, तो इसे अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
2. बार-बार प्यास लगना (Excessive Thirst)
जब शरीर बार-बार पेशाब करता है, तो इसके साथ ही बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इस स्थिति को डिहाइड्रेशन (Dehydration) कहते हैं। इससे व्यक्ति को सामान्य से अधिक प्यास लगने लगती है, और वह बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस करता है। यदि आपको दिनभर अत्यधिक प्यास लगती है, और पानी पीने के बाद भी गला सूखा महसूस होता है, तो यह डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है।
3. बार-बार भूख लगना (Increased Hunger)
मधुमेह से ग्रस्त लोगों को अक्सर ज्यादा भूख लगती है, क्योंकि उनका शरीर भोजन से उचित मात्रा में ऊर्जा प्राप्त नहीं कर पाता। जब हम खाना खाते हैं, तो हमारा पाचन तंत्र उसे ग्लूकोज (Glucose) में बदल देता है, जिसे शरीर ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है। लेकिन डायबिटीज़ में, इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है, जिसके कारण शरीर की कोशिकाओं तक पर्याप्त ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति को बार-बार भूख लगती है, और वह जरूरत से ज्यादा भोजन करने लगता है।
4. थकान और कमजोरी (Fatigue and Weakness)
डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति को हर समय थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि शरीर की कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे शरीर हमेशा थका हुआ महसूस करता है। यह थकान केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी हो सकती है। कई बार लोग इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह मधुमेह का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
5. दृष्टि संबंधी समस्याएं (Blurred Vision)
ब्लड शुगर का स्तर अधिक होने के कारण आंखों के लेंस में सूजन आ सकती है, जिससे दृष्टि धुंधली हो सकती है। अगर डायबिटीज़ को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह आंखों की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने से यह समस्या स्थायी रूप से दृष्टिहीनता का कारण भी बन सकती है। यदि आपको धुंधला दिखाई दे रहा है या दृष्टि में कोई बदलाव महसूस हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
6. घावों का देर से भरना (Slow Healing of Wounds and Cuts)
डायबिटीज़ का एक और महत्वपूर्ण लक्षण यह है कि शरीर के घाव जल्दी नहीं भरते। उच्च रक्त शर्करा स्तर शरीर की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे घावों तक पर्याप्त पोषण और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता। इसके कारण चोट या कट लगने पर वे सामान्य से अधिक समय तक ठीक नहीं होते। यह समस्या विशेष रूप से पैरों में अधिक देखी जाती है और यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।
7. त्वचा में परिवर्तन और खुजली (Skin Changes and Itching)
मधुमेह से प्रभावित लोगों को त्वचा संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है, और कई बार इसमें अत्यधिक खुजली महसूस होती है। इसके अलावा, डार्क पैच (Dark Patches), विशेष रूप से गर्दन और बगल के क्षेत्रों में, डायबिटीज़ का संकेत हो सकते हैं। यदि आपको त्वचा पर कोई असामान्य परिवर्तन नजर आता है, तो इसे हल्के में न लें।
8. पैरों और हाथों में झुनझुनी (Tingling or Numbness in Hands and Feet)
लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज़ रहने से शरीर की नसों को नुकसान हो सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) कहा जाता है। इसके कारण पैरों और हाथों में झुनझुनी, सुन्नपन या जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह स्थिति आगे चलकर बहुत गंभीर हो सकती है और व्यक्ति को चलने-फिरने में दिक्कत भी हो सकती है।
डायबिटीज़ मरीज खान-पान में ऐसे करें बदलाव
डायबिटीज़ को नियंत्रित रखने के लिए सही खान-पान बेहद जरूरी है। असंतुलित भोजन ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को अपने खाने-पीने की आदतों में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है। संतुलित आहार अपनाकर और सही समय पर भोजन करके ब्लड शुगर को स्थिर रखा जा सकता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण आहार संबंधी बदलाव दिए गए हैं, जो डायबिटीज़ रोगियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
1. हर दिन एक ही समय पर खाना खाएं
नियमित समय पर भोजन करना मधुमेह रोगियों के लिए बेहद जरूरी है। अनियमित भोजन करने से शरीर में शुगर लेवल अस्थिर हो सकता है, जिससे अचानक कमजोरी या हाई ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है। इसलिए, नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना हमेशा एक तय समय पर करें। इसके अलावा, अगर आपको दिनभर भूख लगती है, तो भारी भोजन करने की बजाय दिन में छोटे-छोटे हेल्दी स्नैक्स लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
2. कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खाएं
डायबिटीज़ मरीजों को कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन का सेवन करना चाहिए क्योंकि अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। प्रोसेस्ड फूड, मैदा, सफेद चावल और शक्कर से बनी चीज़ों से बचें, क्योंकि ये शरीर में जल्दी ग्लूकोज में बदल जाते हैं और ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय, जटिल कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और होल व्हीट ब्रेड का सेवन करें, जो धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
3. ज़्यादा फ़ाइबर वाले फल, साबुत अनाज और सब्ज़ियां खाएं
फाइबर से भरपूर भोजन करने से शरीर में शुगर का अवशोषण धीमा हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों में हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, दलिया, बीन्स, सेब, नाशपाती और चिया सीड्स शामिल हैं। ये खाद्य पदार्थ पाचन को बेहतर बनाते हैं, भूख को नियंत्रित रखते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं। इसके अलावा, फाइबर से भरपूर भोजन करने से कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा घटता है।
4. प्रोसेस किए गए खाने से बचें
प्रोसेस्ड फूड जैसे कैंडी, कुकीज़, डोनट्स, पेस्ट्री, पैकेज्ड चिप्स और इंस्टेंट नूडल्स में उच्च मात्रा में शक्कर, अस्वास्थ्यकर वसा और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो डायबिटीज़ रोगियों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं और इंसुलिन के प्रभाव को भी कम कर सकते हैं। इनके बजाय, घर का बना ताजा भोजन करें और हेल्दी स्नैक्स जैसे भुने हुए चने, मूंगफली, ड्राई फ्रूट्स और नट्स का सेवन करें।
5. मीठे पेय पदार्थों से बचें
डायबिटीज़ रोगियों को मीठे पेय पदार्थों जैसे सोडा, मीठी चाय, नींबू पानी, पैकेज्ड जूस, फ्रूट पंच और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स से बचना चाहिए। इन पेय पदार्थों में बड़ी मात्रा में शुगर होती है, जो शरीर में तेजी से ग्लूकोज बढ़ा सकती है। इनकी जगह आप नारियल पानी, छाछ, बिना चीनी वाली हर्बल चाय या नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं, जो न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं बल्कि ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखते हैं।