
देश की राजनीति एक बार फिर तेज़ी से करवट ले रही है, और इसी कड़ी में 7 अगस्त को राजधानी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बारे में जानकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने साझा की है। संजय राउत ने खुलासा किया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस बैठक के लिए व्यक्तिगत रूप से सभी मुख्य नेताओं को आमंत्रित किया है, जिसमें उद्धव ठाकरे का नाम प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बैठक न सिर्फ विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि इसमें कई समसामयिक और रणनीतिक मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
दिल्ली रवाना होंगे उद्धव ठाकरे, कई वरिष्ठ नेताओं से होगी मुलाकात
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे 6 अगस्त की शाम दिल्ली पहुंचेंगे और 8 अगस्त तक वहीं रुकने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे संसद भवन स्थित शिवसेना के नए कार्यालय का निरीक्षण करेंगे, साथ ही विपक्ष के अन्य दिग्गज नेताओं से मुलाकात भी तय है।
#WATCH | Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut says, "On 7th August there is a meeting of the INDIA bloc. Rahul Gandhi has extended an invitation for it. He has personally called up everyone and extended an invitation. Uddhav Thackeray will come to Delhi on 6th August for that… pic.twitter.com/iLbWSNg7Mj
— ANI (@ANI) August 4, 2025
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
संजय राउत के अनुसार इस बैठक में कई ज्वलंत विषयों को एजेंडे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “SIR (Special Intensive Revision) जैसे तकनीकी मुद्दे, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और देश की वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होगी।” राउत का मानना है कि जब इतने बड़े नेता एक मंच पर जुटते हैं, तो ऐसे गंभीर मुद्दों पर ठोस विमर्श संभव होता है।
रणनीतिक बातचीत का सुनहरा अवसर
राउत ने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में ऐसे कई नेता मौजूद हैं जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से बहुत सक्रिय नहीं होते। ऐसे में जब सभी एक ही स्थान पर मौजूद होते हैं, तो यह रणनीतिक संवाद और लोकसभा चुनाव 2024 की रणनीति तैयार करने के लिहाज से एक सुनहरा अवसर बन जाता है।
लोकसभा चुनाव को लेकर अहम कड़ी
इस बैठक को आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी और विपक्षी दलों की साझा रणनीति के नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसमें सीट शेयरिंग, कैंपेन प्लानिंग और सरकार के खिलाफ संयुक्त एजेंडा जैसे विषयों पर भी गंभीर विमर्श हो सकता है।














