डायबिटीज का खतरा हर साल बढ़ रहा है. यह बीमारी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है। डायबिटीज होने से पहले व्यक्ति प्री-डायबिटीज की स्टेज में होता है। यानी, डायबिटीज से पहले वाली स्थिति, डॉक्टर कहते हैं कि प्री-डायबिटीज के कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं। अगर इनको समय पर पहचान लें और कंट्रोल कर लें तो बीमारी को पहले ही रोका जा सकता है। प्री-डायबिटीज में कौन से लक्षण जरूर दिखते हैं, इस बारे में जानते हैं।
प्री-डायबिटीज के लक्षण:
थकान महसूस होना:
प्री-डायबिटीज में थकान एक आम लक्षण है, क्योंकि शरीर में शुगर का स्तर अधिक होने से शरीर में एनर्जी की कमी हो सकती है। शुगर का अधिक स्तर शरीर की कोशिकाओं को सही तरीके से काम करने से रोकता है, जिससे आपको जल्दी थकावट महसूस होती है। लंबे समय तक थकान का सामना करना शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। यदि आप बहुत ज्यादा थकान महसूस कर रहे हैं, तो यह प्री-डायबिटीज का लक्षण हो सकता है, इसलिए शुगर लेवल चेक कराना जरूरी है।
वजन बढ़ना:
प्री-डायबिटीज में वजन बढ़ना एक प्रमुख लक्षण हो सकता है, क्योंकि शरीर में शुगर का स्तर अधिक होने से इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इसका प्रभाव शरीर के मेटाबोलिज्म पर पड़ता है, जिससे वजन बढ़ सकता है। शरीर शुगर को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, और अतिरिक्त शुगर को शरीर में वसा के रूप में जमा कर लेता है। यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में शुगर लेवल बढ़ रहा है। इस स्थिति को रोकने के लिए आपको शुगर लेवल चेक करना चाहिए और डाइट पर ध्यान देना चाहिए।
प्यास लगना और पेशाब ज्यादा आना:
प्री-डायबिटीज में प्यास का अत्यधिक लगना और बार-बार यूरिन आना भी एक सामान्य लक्षण है। शरीर में अधिक शुगर होने से रक्त में शुगर की अतिरिक्त मात्रा को बाहर निकालने के लिए शरीर ज्यादा यूरिन उत्पन्न करता है। इसके कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे प्यास का अहसास होता है। शरीर से अधिक यूरिन निकलने से भी शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे आपकी प्यास और बढ़ जाती है। यदि आपको यह लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आपको तुरंत शुगर लेवल चेक कराना चाहिए।
त्वचा में समस्याएं:
प्री-डायबिटीज में त्वचा की समस्याएं जैसे खुजली, दाने, रंग का बदलना या त्वचा में जलन महसूस होना आम लक्षण हैं। शुगर के बढ़े हुए स्तर के कारण रक्त में गंदगी और अवशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं, जो त्वचा के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, शरीर में अधिक शुगर के कारण त्वचा के बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे दाने या संक्रमण हो सकते हैं। अगर आप त्वचा में किसी प्रकार की समस्या महसूस कर रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। यह प्री-डायबिटीज का संकेत हो सकता है और इसे सही समय पर पहचानने से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
प्री-डायबिटीज को कंट्रोल कैसे करें:
खानपान में बदलाव करें:
सबसे पहले अपनी डाइट को सुधारें। मीठे, मैदे और फास्ट फूड का सेवन कम करें। प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर आहार लें। हरी सब्जियों और फलों को अपनी डाइट में शामिल करें, विशेष रूप से हरी पत्तेदार सब्जियां, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
सक्रिय जीवनशैली अपनाएं:
रोजाना कम से कम आधा घंटा शारीरिक गतिविधि करें। नियमित एक्सरसाइज रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है। चलना, दौड़ना, या योग जैसी गतिविधियां प्री-डायबिटीज को नियंत्रित करने में प्रभावी हो सकती हैं।
तनाव को नियंत्रित करें:
मानसिक तनाव भी रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकता है। तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान, या गहरी सांस लेने की तकनीकों का पालन करें, ताकि आप अपनी सेहत पर बेहतर नियंत्रण रख सकें।
गेंहू और मिक्स अनाज का सेवन करें:
गेंहू की अधिक मात्रा से बचें और मिक्स अनाज (जैसे ज्वार, बाजरा, रागी) का सेवन करें। ये अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, साथ ही आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
अगर प्री-डायबिटीज के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर उपचार, सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली से आप इस स्थिति को कंट्रोल कर सकते हैं और डायबिटीज से बच सकते हैं।