न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

दालें और फलियां हमारी डाइट का बेहद अहम हिस्सा हैं जो हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही हमारी सेहत के लिए भी कई तरह...

Posts by : Nupur Rawat | Updated on: Mon, 14 Jun 2021 5:04:31

काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

दालें और फलियां हमारी डाइट का बेहद अहम हिस्सा हैं जो हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही हमारी सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद मानी जाती हैं। दाल और फलियों की ही एक वैरायटी है काला चना जिसे प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स माना जाता है। काले चने की मुख्य रूप से 2 वैरायटी होती है- देसी और काबुली।

देसी वैरायटी वाला चना गहरे भूरे रंग का होता है, जबकि काबुली चना हल्के रंग का होता है जिसे बहुत से लोग छोले के नाम से भी जानते हैं। वैसे तो देसी और काबुली- दोनों ही तरह का चना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, फाइबर और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर देसी काला चना कई तरह की बीमारियों को दूर कर शरीर को स्वस्थ और दिमाग को तेज बनाने में भी मदद करता है।

काला चना सिर्फ हमारी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में आयरन की कमी हो या हीमोग्लोबिन कम हो तो उसे भी काले चने का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें करीब 30 फीसदी तक आयरन पाया जाता है।


काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

ब्लड शुगर

शरीर में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में चना अहम भूमिका निभा सकता है। एक शोध के अनुसार, चना शरीर में अतिरिक्त ब्लड शुगर को दबाने का काम कर सकता है। मधुमेह का एक कारण अधिक भूख लगना भी है और चना भूख को कम करने का काम कर सकता है। इसके पीछे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (रक्त शर्करा के स्तर पर कार्बोहाइड्रेट का प्रभाव), फाइबर व प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों का होना है।


काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

पाचन तंत्र

पाचन स्वास्थ्य के लिए भी चने के फायदे बहुत हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए चना पेट संबंधी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज, डायरिया व सख्त मल आदि को ठीक कर स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देता है। एक रिपोर्ट के अनुसार फाइबर कब्ज जैसी स्थितियों के अलावा कोलन कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है। पाचन के लिए अंकुरित चने के फायदे कई हैं। रोजाना सुबह खाली पेट अंकुरित चने खाए जा सकते हैं।


काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

वजन कम करने के लिए

मोटापे से परेशान लोग चने का सेवन कर सकते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि चने में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो अत्यधिक भूख को नियंत्रित कर वजन घटाने में सहायता कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर कैलोरी के सेवन को कम कर अतिरिक्त मोटापे को नियंत्रित कर सकता है वहीं, भूरा चना छिलके सहित खाया जाए, तो यह धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होता है। वेट लॉस के लिए इसका सेवन किया जा सकता है।

काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रोल

हृदय के लिए भी चना खाने के फायदे बहुत हैं। चना पोटैशियम, फाइबर और विटामिन-सी व बी6 जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। फाइबर कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकता है, जो हृदय रोग का एक मुख्य कारण है। एक अध्ययन के अनुसार चने में मौजूद घुलनशील फाइबर और पोटैशियम हृदय रोग को रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, चने में मौजूद फोलेट हृदय को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है। यह होमोसिस्टीन नामक एमिनो एसिड को बेअसर कर सकता है, जो रक्त के थक्कों का निर्माण करते हैं।


काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

हड्डी स्वास्थ्य

हड्डियों के लिए काबुली चना के फायदे बहुत हैं। यह कैल्शियम से समृद्ध होता है और कैल्शियम हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यह हड्डियों को स्वस्थ बनाने और उन्हें मजबूत रखने में सहयोग कर सकता है। शरीर कैल्शियम का निर्माण नहीं कर सकता है, इसलिए इसकी पूर्ति कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों से की जाती है। मजबूत हड्डियों के लिए रोजाना चने का सेवन कर सकते हैं।


काला चना : माना जाता है प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स, इन बीमारियों को करता है नियंत्रित

प्रोटीन का अच्छा स्रोत

चना अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है। एक कप चने में लगभग 14.53 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। मस्तिष्क की कोशिकाएं, त्वचा, बाल व मांसपेशियां सभी प्रोटीन आधारित होती हैं। शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाओं के विकास के लिए भी प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन बच्चों, युवाओं और गर्भवती महिलाओं के शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। चने का नियमित सेवन कर शरीर में प्रोटीन की पूर्ति कर सकते हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

लोहागढ़ फोर्ट हत्याकांड: कैसे रची गई केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश? जानिए पूरे मामले की क्रमवार कहानी
लोहागढ़ फोर्ट हत्याकांड: कैसे रची गई केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश? जानिए पूरे मामले की क्रमवार कहानी
मकान से लेकर मुफ्त इलाज तक, दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान; एक दिन में लिए गए दो फैसलों से लाखों परिवारों को राहत
मकान से लेकर मुफ्त इलाज तक, दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान; एक दिन में लिए गए दो फैसलों से लाखों परिवारों को राहत
फ्लाईओवर पर आधी रात को मनाया पत्नी का जन्मदिन, सड़क पर बिछाया रेड कार्पेट; वायरल वीडियो के बाद पति समेत 14 लोग पुलिस के शिकंजे में
फ्लाईओवर पर आधी रात को मनाया पत्नी का जन्मदिन, सड़क पर बिछाया रेड कार्पेट; वायरल वीडियो के बाद पति समेत 14 लोग पुलिस के शिकंजे में
पहले कुत्ते पर आजमाया जहर, फिर एक-एक कर आठ लोगों की ले ली जान; गांव में दहशत फैलाने वाला कथित साइको किलर गिरफ्तार
पहले कुत्ते पर आजमाया जहर, फिर एक-एक कर आठ लोगों की ले ली जान; गांव में दहशत फैलाने वाला कथित साइको किलर गिरफ्तार
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की बस्ती में भीषण आग, करीब 200 अस्थायी आवास जलकर राख; घंटों चला राहत अभियान
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
बंगाल में सड़कों के नाम बदलने की तैयारी, सीएम शुभेंदु बोले- मुगल-पठान नामों वाली सड़कें नहीं रहेंगी
बंगाल में सड़कों के नाम बदलने की तैयारी, सीएम शुभेंदु बोले- मुगल-पठान नामों वाली सड़कें नहीं रहेंगी
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
'सरेंडर के बाद भी बेटे को गोली मारी गई', भरत तिवारी की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, प्राइवेट पार्ट तक नहीं छोड़ा
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
बिना अलार्म के खुल सकती है सुबह की नींद! हेल्थ एक्सपर्ट ने बताए जल्दी उठने के 3 आसान और असरदार तरीके
बिना अलार्म के खुल सकती है सुबह की नींद! हेल्थ एक्सपर्ट ने बताए जल्दी उठने के 3 आसान और असरदार तरीके