किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो रक्त को फ़िल्टर करने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। अगर किडनी स्वस्थ है, तो पूरा शरीर सही तरीके से काम करता है। लेकिन गलत जीवनशैली, कुछ दवाओं के अधिक सेवन और कई बीमारियों के कारण किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। किडनी से जुड़ी समस्याएं अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती हैं, जिससे शुरुआती चरण में इनके लक्षण दिखाई नहीं देते। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है, तब शरीर में इसके संकेत दिखने लगते हैं। हालांकि, कई बार जब तक लक्षण स्पष्ट होते हैं, तब तक किडनी को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। इसलिए, अगर किडनी से जुड़ी कोई भी समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और समय रहते आवश्यक जांच करवाएं।
किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण
किडनी की बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है, लेकिन इसके कुछ शुरुआती संकेत होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचाना जाए, तो किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं किडनी खराब होने के कुछ प्रमुख लक्षणों के बारे में।
बार-बार पेशाब आना
किडनी की समस्या का सबसे पहला संकेत बार-बार पेशाब आना हो सकता है, खासतौर पर रात में बार-बार टॉयलेट जाना। अगर आपको बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होती है, लेकिन बहुत कम मात्रा में आता है, तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में पेशाब आना कम भी हो सकता है, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा, पेशाब का रंग गहरा या झागदार हो सकता है, जो प्रोटीन के लीकेज का संकेत देता है।
पेशाब में खून आना (हेमाट्यूरिया)
अगर पेशाब में खून नजर आए तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह किडनी से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। आमतौर पर स्वस्थ किडनी रक्त कोशिकाओं को पेशाब में जाने से रोकती है, लेकिन जब किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कमजोर हो जाती है, तो रक्त पेशाब में आ सकता है। अगर पेशाब का रंग हल्का गुलाबी, लाल या भूरे रंग का हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह समस्या किडनी स्टोन, संक्रमण या अन्य गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है।
शरीर में सूजन आना
जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में अतिरिक्त पानी और नमक जमा होने लगता है, जिससे सूजन की समस्या हो सकती है। यह सूजन खासतौर पर पैरों, टखनों, हाथों और चेहरे पर देखने को मिलती है। सुबह के समय आंखों के आसपास सूजन ज्यादा महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को पूरे शरीर में भारीपन महसूस होता है, जिससे जूते या चप्पल पहनने में भी परेशानी हो सकती है।
थकान और कमजोरी महसूस होना
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है। स्वस्थ किडनी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है, लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो टॉक्सिन्स शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे कमजोरी और सुस्ती बनी रहती है। इसके अलावा, किडनी की खराबी से खून की कमी (एनीमिया) भी हो सकती है, जिससे मांसपेशियों में दर्द, लगातार सुस्ती और काम करने की इच्छा न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)
किडनी रक्तचाप को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब किडनी खराब होने लगती है, तो यह संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। अगर ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ता रहता है और दवाओं से भी कंट्रोल नहीं होता, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। उच्च रक्तचाप से किडनी पर और अधिक दबाव पड़ता है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। सिर दर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना और नाक से खून आना भी अनियंत्रित ब्लड प्रेशर के लक्षण हो सकते हैं।
किडनी डैमेज होने के अन्य लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
पीठ में लगातार दर्द रहना
अगर आपको पीठ या कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द महसूस होता है, तो यह किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर दर्द एक तरफ ज्यादा हो और धीरे-धीरे बढ़ता जाए, तो यह किडनी इंफेक्शन या पथरी का संकेत हो सकता है। कई बार यह दर्द इतना तेज हो सकता है कि बैठने या सोने में भी परेशानी होने लगती है। दर्द के साथ पेशाब में जलन या रंग में बदलाव भी देखने को मिले, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
भूख और स्वाद में बदलाव आना
अगर आपकी भूख अचानक कम हो गई है या खाने का स्वाद अजीब लगने लगा है, तो यह भी किडनी की समस्या का एक संकेत हो सकता है। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में विषैले तत्व बढ़ने लगते हैं, जिससे भूख कम हो जाती है और मुंह में कड़वा या धातु जैसा स्वाद महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को खाने की गंध भी परेशान करने लगती है, जिससे वे भोजन से दूर भागने लगते हैं। लंबे समय तक ऐसा रहने पर वजन घटने लगता है और शरीर कमजोर महसूस करने लगता है।
त्वचा का रूखा और खुजलीदार होना
किडनी के सही तरीके से काम न करने पर त्वचा भी प्रभावित हो सकती है। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई और खुजलीदार हो रही है, तो यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है। किडनी शरीर में मिनरल्स और पोषक तत्वों के संतुलन को बनाए रखती है, लेकिन जब इसका फंक्शन बिगड़ता है, तो कैल्शियम और फॉस्फोरस का असंतुलन हो सकता है, जिससे त्वचा पर खुजली और रूखापन आ जाता है। कुछ लोगों में खुजली इतनी तेज हो सकती है कि रात में सोने में भी दिक्कत होने लगती है।
मतली और उल्टी जैसा महसूस होना
अगर आपको बिना किसी कारण बार-बार मतली आती है या उल्टी जैसा महसूस होता है, तो इसे हल्के में न लें। किडनी की समस्या होने पर शरीर में विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है और मतली या उल्टी जैसा एहसास होता है। यह समस्या अक्सर सुबह के समय ज्यादा महसूस होती है और खाने के प्रति अरुचि भी पैदा कर सकती है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना
अगर आपको ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो रही है, चीजें जल्दी भूलने लगते हैं या सोचने-समझने में कठिनाई महसूस होती है, तो यह किडनी की समस्या का एक लक्षण हो सकता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में विषैले तत्व बढ़ने लगते हैं, जिससे दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे दिमाग में धुंधलापन, फैसले लेने में कठिनाई और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को चक्कर भी आ सकते हैं, खासकर तब जब शरीर में खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है।