बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की अभिनेत्री कृति सैनन के कपड़ों को लेकर की गई टिप्पणी पर अब केंद्रीय मंत्री किरन रीजीजू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना के बयान का सीधे तौर पर समर्थन या विरोध करने के बजाय अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार पर जोर दिया। रीजीजू के मुताबिक, किसी व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार बात रखने की स्वतंत्रता है तो दूसरे व्यक्ति को उससे असहमति जताने और उसकी आलोचना करने का अधिकार भी होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने यह बात इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कही। उनसे कृति सैनन के खिलाफ कंगना की टिप्पणी और भाजपा नेताओं के सार्वजनिक बयानों को लेकर सवाल किया गया था।
कृति के विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद
विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन से जुड़ा है। विज्ञापन में कृति सैनन ने ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज पहना था। उनके पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे रक्षाबंधन जैसे त्योहार के अनुरूप नहीं माना, जबकि दूसरे पक्ष ने महिलाओं के कपड़ों पर इस तरह की टिप्पणी को लेकर सवाल उठाए।
कंगना रनौत ने भी कृति का नाम लिए बिना उनके पहनावे पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने सवाल किया था कि क्या कोई बिकनी पहनकर अपने भाई को राखी बांधेगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंगना की टिप्पणी को लेकर भी बहस शुरू हो गई।
'आलोचना करना भी अभिव्यक्ति की आजादी'
कृति सैनन के मामले में कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए किरन रीजीजू ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केवल अपनी बात कहने तक सीमित नहीं हो सकती। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अपनी पसंद और विचार व्यक्त करने की आजादी है तो दूसरे व्यक्ति को उससे असहमति जताने या विरोध करने का अधिकार भी होना चाहिए।
रीजीजू ने इसी आधार पर कंगना की टिप्पणी को लेकर उन्हें निशाना बनाए जाने को सही नहीं माना। उनका कहना था कि आलोचना भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आती है।
संसद के बाहर कंगना के बयान निजी विचार
इंटरव्यू में जब रीजीजू से पूछा गया कि क्या भाजपा नेताओं को सार्वजनिक बयानों में अधिक संयम बरतना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका संसद की प्रक्रिया से जुड़े मामलों में सांसदों का मार्गदर्शन करने तक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के बाहर कोई सांसद क्या कहता है और क्या नहीं कहता, यह तय करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। रीजीजू ने कंगना के संसद के बाहर दिए गए बयानों को उनके निजी विचार बताया।
'गटर जनरेशन' टिप्पणी पर भी दी प्रतिक्रिया
इंटरव्यू के दौरान कंगना रनौत की ओर से जेन-जी प्रदर्शनकारियों के लिए इस्तेमाल किए गए 'गटर जनरेशन' शब्द पर भी सवाल किया गया। इस पर रीजीजू ने कहा कि उन्होंने कंगना का स्पष्टीकरण सुना है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, कंगना का कहना था कि उनकी टिप्पणी पूरी जेन-जी पीढ़ी के लिए नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए थी जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
जब रीजीजू से पूछा गया कि क्या ऐसे मामलों में लड़के और लड़कियों के लिए समान मानदंड होने चाहिए, तो उन्होंने कहा कि उनके लिए दोनों समान हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को गाली देना चाहे कोई लड़का करे या लड़की, दोनों ही स्थिति में यह गलत है।













