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गर्मियों में त्वचा पर दिखने वाले 5 लक्षण, जो हो सकते हैं स्किन कैंसर के संकेत – क्या आप भी कर रहे हैं अनदेखा?

गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान से हमारी त्वचा सबसे पहले प्रभावित होती है। टैनिंग, रैशेज, और सनबर्न जैसे लक्षणों को अक्सर हम मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि ये लक्षण कभी-कभी स्किन कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं?

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Mon, 07 Apr 2025 5:48:26

गर्मियों में त्वचा पर दिखने वाले 5 लक्षण, जो हो सकते हैं स्किन कैंसर के संकेत – क्या आप भी कर रहे हैं अनदेखा?

गर्मियों की शुरुआत होते ही धूप तेज होने लगती है, तापमान बढ़ जाता है और हमारी त्वचा सबसे पहले इसकी चपेट में आती है। ज्यादातर लोग इस मौसम में टैनिंग, रैशेज या सनबर्न को मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यही लक्षण कभी-कभी स्किन कैंसर का संकेत (Early Signs of Skin Cancer) भी हो सकते हैं? भारत में स्किन कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, और सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि लोग समय पर इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते। इस बढ़ती हुई समस्या के कारण अब यह जरूरी हो गया है कि हम अपनी त्वचा की देखभाल के साथ-साथ इसके संकेतों पर भी ध्यान दें। गर्मियों में खासकर, सूर्य की तेज किरणें हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं और बिना उचित सुरक्षा के हम इसका शिकार हो सकते हैं। त्वचा पर दिखने वाले लक्षण जैसे कि असामान्य बदलाव, चोट के निशान का बढ़ना या खुजली वाली त्वचा को कभी भी हल्के में न लें। आइए जानते हैं गर्मियों में त्वचा पर दिखने वाले 5 ऐसे लक्षण (Skin Cancer Symptoms), जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

तिल का आकार या रंग बदलना

अगर आपकी त्वचा पर पहले से कोई तिल मौजूद है और उसका रंग गहरा हो रहा है, या उसका आकार अचानक बढ़ रहा है, तो ये स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। तिल का आकार या रंग बदलना एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। खास ध्यान दें अगर तिल के किनारे असमान हो गए हों, या उसमें खुजली और जलन महसूस हो रही हो। कभी-कभी तिल से ब्लड या पस भी निकल सकता है, जो इसकी गंभीरता को और बढ़ा देता है। ऐसे लक्षणों को हल्के में न लें, क्योंकि ये संकेत त्वचा के कैंसर के प्रारंभिक अवस्था के हो सकते हैं। क्या करें? ऐसे मामलों में सबसे पहला कदम यह है कि आप त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से तुरंत जांच कराएं। डॉक्टर बायोप्सी का सुझाव भी दे सकते हैं, जिससे यह पता चल सके कि तिल में कोई असामान्य बदलाव हुआ है या नहीं। समय रहते इलाज और सही निदान से स्किन कैंसर को रोका जा सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना अत्यंत खतरनाक हो सकता है।

न भरने वाला घाव या कट

अगर त्वचा पर किसी जगह चोट लगी हो या घाव बना हो जो लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा, बार-बार रिसाव हो रहा हो या उसमें जलन बनी रहती हो, तो यह सामान्य घाव नहीं बल्कि स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसे घाव जो 3 हफ्तों से अधिक समय तक ठीक न हो, या जो बिना किसी स्पष्ट चोट के अपने आप बन जाएं, उन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह स्थिति स्किन कैंसर की शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकती है, और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे लक्षणों के मामले में त्वचा की तुरंत जांच करानी चाहिए। त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर, घाव का सही मूल्यांकन और बायोप्सी करवाना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रारंभिक उपचार से स्किन कैंसर को रोका जा सकता है और स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

त्वचा पर नई गांठ बनना

गर्मियों में धूप में रहने के बाद कुछ लोगों को त्वचा पर छोटी गांठें या पिंपल जैसी उभरी हुई चीजें दिखाई देने लगती हैं। हालांकि, यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर ये गांठें दर्दरहित होती हैं, धीरे-धीरे बढ़ रही होती हैं और उनके रंग में बदलाव भी हो रहा होता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी गांठें आमतौर पर बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma) या स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma) जैसे स्किन कैंसर के लक्षण हो सकती हैं। यदि आपको ऐसी गांठें दिखाई दें जो 2-3 हफ्तों में भी ठीक न हो, तो यह समय है कि आप इसे नजरअंदाज करने की बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से तुरंत जांच करवाएं। प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और उपचार से स्किन कैंसर को रोका जा सकता है, इसलिए गांठों को हल्के में न लें और उचित जांच करवाना बेहद जरूरी है।

त्वचा पर खुरदुरी, अनईवन पैचेज

अगर आपकी त्वचा पर खासतौर से चेहरे, हाथों या गर्दन पर खुरदुरी, रूखी, छिलती हुई त्वचा की परत बन रही है जो जलन देती है, तो यह केवल ड्रायनेस नहीं हो सकती। ऐसे लक्षण स्किन कैंसर का संकेत भी हो सकते हैं। इस तरह की खुरदुरी त्वचा अक्सर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma) से जुड़ी हो सकती है, जिसमें त्वचा के ऊपरी हिस्से में अनियंत्रित विकास होता है। यदि त्वचा बार-बार पपड़ी जैसी बन रही हो, उसमें खून आ रहा हो या वह गीली महसूस हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इस स्थिति में, किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। Dermatologist द्वारा स्किन स्क्रैपिंग टेस्ट या बायोप्सी (biopsy) करवाना आपके लिए जरूरी हो सकता है ताकि किसी भी संभावित कैंसर को समय पर पहचाना जा सके और उपचार शुरू किया जा सके। यह कदम स्किन कैंसर की शुरुआत में ही उसकी पहचान कर उसे बढ़ने से रोक सकता है।

त्वचा पर अचानक कोई नया निशान


गर्मियों में त्वचा का रंग थोड़ी बहुत बदलना सामान्य बात है, क्योंकि सूरज की तेज़ किरणों के कारण त्वचा टैन हो सकती है। लेकिन अगर किसी खास हिस्से की त्वचा का रंग अचानक काला, लाल या नीला हो जाए, और साथ ही वहां हल्की सूजन भी दिखने लगे, तो यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। इस तरह के बदलाव को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह Melanoma का लक्षण हो सकता है, जो त्वचा कैंसर का सबसे गंभीर और खतरनाक रूप माना जाता है। Melanoma तब होता है जब त्वचा के मेलानोसायट्स (जो रंग उत्पन्न करते हैं) असामान्य तरीके से बढ़ने लगते हैं। यदि इस प्रकार के निशान या बदलाव त्वचा पर दिखाई दे, तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। विशेषज्ञ आपकी त्वचा की जांच करके सही निदान कर सकते हैं और समय पर उपचार शुरू कर सकते हैं, ताकि कैंसर को शुरुआती अवस्था में ही रोका जा सके।

गर्मियों में स्किन कैंसर से कैसे बचें?


गर्मियों में स्किन कैंसर से बचाव के लिए कुछ जरूरी उपायों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, और कम से कम SPF 30 का सनस्क्रीन हर बार धूप में निकलने से 20 मिनट पहले जरूर लगाएं। यह आपकी त्वचा को यूवी किरणों से बचाता है और त्वचा को सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, धूप से बचने के लिए दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं और त्वचा पर ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती हैं। साथ ही, अपनी त्वचा को ढके हुए कपड़ों से सुरक्षित रखें। हल्के, सूती और फुल स्लीव वाले कपड़े पहनने से आपकी त्वचा को धूप से बचाव मिलता है। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी है, इसलिए ज्यादा पानी पिएं ताकि आपकी त्वचा अंदर से भी हाइड्रेटेड रहे और स्वस्थ रहे। इसके अलावा, हर साल त्वचा का चेकअप करवाना बेहद जरूरी है, खासकर अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है या आप पहले सनबर्न का शिकार हो चुके हैं। इस तरह के चेकअप से आप त्वचा में होने वाले किसी भी बदलाव को समय रहते पहचान सकते हैं और उसे शुरुआती अवस्था में ही ठीक कर सकते हैं।

मुमकिन है स्किन कैंसर का इलाज


स्किन कैंसर का इलाज बिल्कुल मुमकिन है, बशर्ते कि इसके लक्षण समय रहते पहचाने जाएं और इलाज शुरू किया जाए। बहुत बार हम अपनी त्वचा की छोटी-मोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं और यही आदत हमें गंभीर स्थिति में ले आती है। जैसे ही त्वचा पर कोई असामान्यता दिखे, चाहे वह तिल का आकार बदलना हो, खुरदुरी त्वचा, या फिर त्वचा पर नया निशान उभरना, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर पहचान और इलाज से स्किन कैंसर को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है और जीवन को सामान्य तरीके से जारी रखा जा सकता है।

हम अक्सर अपनी त्वचा पर ध्यान नहीं देते, क्योंकि यह हमें रोज़ाना के जीवन में कोई परेशानी नहीं देती। लेकिन जब तक त्वचा पर कोई गंभीर समस्या उभरती है, तब तक यह बहुत देर हो चुकी होती है। अगर आपकी त्वचा में किसी भी तरह का बदलाव हो, तो इसे हल्के में न लें। खुद को नजरअंदाज करना किसी भी बीमारी के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है।

स्किन कैंसर के उपचार के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, और इम्यूनोथेरेपी शामिल हैं। अगर इलाज समय रहते शुरू किया जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इसलिये, अपनी त्वचा की नियमित जांच करवाना और किसी भी असामान्यता पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

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