नवरात्रि का पर्व समाप्त होने के बाद आश्विन शुक्ल दशमी को दशहरा पर्व मनाया जाता हैं। इस बार यह आज 05 अक्टूबर 2022 को मनाया जाना हैं। यह पर्व श्रीराम की विजय और नवरात्र की पूर्णाहुति के उपलक्ष में भी मनाया जाता है। दशहरा पर्व को असत्य पर सत्य की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरा पर्व दस प्रकार के पापों का शमन करता है। दशहरा के विशेष पूजन से दुर्भाग्य व दुर्घटना से सुरक्षा मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी इस पर्व का बहुत महत्व बताया गया हैं जिसके अनुसार इस दिन राशिनुसार कुछ उपाय किए जाए तो आपके जीवन की कई परेशनियों को दूर किया जा सकता हैं। आइये जानते हैं राशिनुसार किए जाने वाले इन उपायों के बारे में...
मेष
श्रीराम का पूजन करें और "ॐ रामभद्राय नमः" मंत्र का जाप करें। मेष राशि वाले लोगों को इस दिन घी का दीपक जला कर हनुमान कवच का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी कृपा से आत्मबल मिलेगा।
वृष
हनुमान जी का पूजन करें और "ॐ आञ्जनेयाय नमः" मंत्र का जाप करें। वृषभ राशि वाले दशहरे के दिन रामचरित मानस का पाठ करें। जीवन की सभी समस्या दूर होंगी।
मिथुन
राम दरबार पर बेसन के लड्डू चढ़ाएं। दशहरे के दिन रामायण के आरण्यक कांड का पाठ करें। इसके बाद भगवान हनुमान को पान अर्पित करें।
कर्क
श्री सीता-राम को पान खिलाएं। दशहरे के दिन पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ करना चाहिए। साथ ही हनुमान जी को पीले फूल चढ़ाकर जल में प्रवाहित कर दें।
सिंह
श्रीराम पूजन कर "ॐ जनार्दनाय नमः" मंत्र का जाप करें। सिंह राशि वाले जातकों को जीवन में सफलता के लिए दशहरे के दिन बाल कांड का पाठ करना चाहिए।
कन्या
हनुमान पूजन कर "ॐ शर्वाय नमः" मंत्र का जाप करें। कन्या राशि वाले दशहरे के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं।
तुला
राम दरबार पर शहद चढ़ाएं। दशहरे के दिन बाल कांड का पाठ करें। इसके बाद हनुमान जी को चावल की खीर अर्पित करें।
वृश्चिक
हनुमान जी पर चमेली का इत्र चढ़ाएं। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए दशहरे के दिन हनुमान अष्टक का पाठ करें।
धनु
तुलसीपत्र हाथ में लेकर "ॐ दान्ताय नमः" मंत्र का जाप करें। धनु राशि के लोग दशहरे के दिन अयोध्या कांड का पाठ करें। इसके बाद हनुमान जी को शुद्ध शहद चढ़ाएं।
मकर
श्री सीता-राम पर मौली चढ़ाएं। दशहरे के दिन किष्किंधा कांड का पाठ करें। हनुमान जी को लाल मसूर अर्पित करके मछलियों या बकरियों को खिला दें।
कुंभ
हनुमान मंत्र "ॐ वायुपुत्राय नमः" का जाप करें। दशहरे के दिन हनुमान जी को मीठे गुड़ वाले टिक्कड़ बना कर अर्पित करें। इसके बाद उसे चीटियों को खिला दें।
मीन
रामदरबार पर मेहंदी चढ़ाएं। दशहरे के दिन हनुमान बाहुक का पाठ करें। इसके बाद हनुमान जी को लाल पुष्प या माला अर्पित करें।