न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

देवउठनी एकादशी व्रत दिलाता हैं भगवान विष्णु की कृपा, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व माना गया हैं जो भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। लेकिन सबसे बड़ी एकादशी ‘देवोत्थान एकादशी’ मानी जाती है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Sun, 19 Nov 2023 11:30:03

देवउठनी एकादशी व्रत दिलाता हैं भगवान विष्णु की कृपा, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व माना गया हैं जो भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। लेकिन सबसे बड़ी एकादशी ‘देवोत्थान एकादशी’ मानी जाती है। हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह आती हैं जिसे देवउठनी एकादशी या देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता हैं।

मान्यता अनुसार देवउठान एकादशी के दिन से भगवान विष्‍णु 4 महीने की योगनिद्रा से बाहर आ जाते हैं और उसके बाद वे सृष्टि का कार्य देखने का अपना काम आरंभ कर देते हैं। इस साल देवउठान एकादशी 23 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी और उसके अगले दिन तुलसी विवाह होगा। देवउठान एकादशी को एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन से शादी, ब्‍याह और सभी शुभ कार्य आरंभ हो जाते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको इस व्रत के मुहूर्त, पूजा विधि और कथा के बारे में बताने जा रहे हैं।

देवउठनी एकादशी व्रत दिलाता हैं भगवान विष्णु की कृपा, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

देवउठनी एकादशी 2023 मुहूर्त

देवउठान एकादशी की तिथि का आरंभ 22 नवंबर 2023 को रात में 11 बजकर 3 मिनट पर होगा और समापन 23 नवंबर 2023 को रात में 9 बजकर 1 पर मिनट पर होगा। इस प्रकार देवउठान एकादशी का व्रत 23 नवंबर 2023 को गुरुवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 24 नवंबर 2023 को सुबह 6 बजे से 8 बजकर 13 मिनट तक करना शुभ होगा।

देवउठनी एकादशी पूजा विधि

प्रात: स्नान के बाद देवउठनी एकादशी व्रत और विष्णु पूजा का संकल्प करें। उसके बाद शुभ मुहूर्त में पूजा करें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। उसके बाद उनको पंचामृत से स्नान कराएं। फिर उन्हें पीले रंग के वस्त्र चढ़ाएं। फिर भगवान विष्णु को चंदन, पीले फूल, हल्दी, रोली, अक्षत्, धूप, नैवेद्य, दीप, बेसन के लड्डू, तुलसी के पत्ते, गुड़ आदि अर्पित करें। इस दौरान ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का उच्चारण करते रहें। इसके बाद विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम और देवउठनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। फिर घी के दीपक से भगवान विष्णु की आरती करें। पूजा के समापन पर भगवान विष्णु से अपनी मनोकामना व्यक्त करें। फिर दिनभर फलाहार पर रहें। भक्ति और भजन में समय व्यतीत करें। शाम को संध्या आरती करें। आज रा​त्रि के समय जागरण करें। अगले दिन सुबह स्नान-ध्यान के बाद पूजा पाठ करें। किसी ब्राह्मण को पूजा में चढ़ाई गई वस्तुओं का दान करें। दक्षिण देकर विदा करें। इसके बाद पारण समय में भोजन करके व्रत को पूरा करें।

एकादशी व्रत कथा

पौराणिक काल में एक राजा था जिसके राज्य में संपूर्ण जनता एकादशी का व्रत करती थी। ऐसे में इस दिन हर किसी को भी अन्न देने की मनाही होती थी। एक बार एकादशी के दिन दूसरे राज्य का कोई व्यक्ति उस राजा के दरबार में नौकरी मांगने आया। राजा ने व्यक्ति से कहा कि तुम्हें इस राज्य में नौकरी तो मिलेगी, लेकिन एक शर्त ये है कि एकादशी के दिन यहां अन्न नहीं मिलेगा। राजा की बात सुनकर व्यक्ति को पहले तो आश्चर्य हुआ लेकिन नौकरी के लालच में उसने राजा की बात मान ली। जिसके बाद एकादशी आने पर उसने भी व्रत रखते हुए केवल फलाहार किया लेकिन उससे भूखे रहा नहीं जा रहा था। उसने राजा से कहा कि उसे खाने के लिए अन्न दिया जाए, क्योंकि फल से उसका पेट नहीं भरा है, अन्यथा वह भूख के मारे मर जाएगा।

व्यक्ति की बात सुनकर राजा ने उसे अपनी शर्त याद दिलाई, लेकिन भूख से व्याकुल वो व्यक्ति फिर भी नहीं माना। तब राजा ने उसे अन्न खाने का आदेश दे दिया और इसके लिए उसे चावल, आटा, दाल, आदि दिए गए। जिसे लेकर वो रोज की तरह नदी में स्नान के बाद भोजन बनाने लगा। उस व्यक्ति ने एक थाली में भोजन निकालते हुए भगवान को भोजन के लिए आमंत्रित किया। व्यक्ति की प्रार्थना सुनकर भगवान विष्णु पीताम्बर में वहां आए और व्यक्ति द्वारा दिए गए भोजन को ग्रहण कर वहां से चले गए। इसके बाद वो व्यक्ति भी रोजाना की तरह अपने काम पर चला गया।

इस घटना के बाद दूसरी एकादशी पर उस व्यक्ति ने राजा से विनती की कि उसे खाने के लिए दोगुना अनाज दिया जाए। इस पर जब राजा ने कारण पूछा तो व्यक्ति ने बताया कि पिछली बार भगवान द्वारा भोजन किये जाने के बाद वह भूखा ही रह गया था। क्योंकि जितना अन्न उसे दिया गया था उसमें दोनों का पेट नहीं भर सकता था। व्यक्ति की बात सुनकर राजा को आश्चर्य हुआ। उस व्यक्ति ने राजा को विश्वास दिलाने के लिए अपने साथ चलने के लिए कहा। राजा उसके साथ चल दिए और इस बार भी नदी में स्नान करने के बाद उसने भोजन बनाया, फिर एक थाली में खाना निकालकर भगवान विष्णु को बुलाया, लेकिन इस बार भगवान नहीं आए। ऐसा करते हुए शाम हो गई। राजा पास ही के एक पेड़ के पास छिपकर सारा दृश्य देख रहा था। अंत में व्यक्ति ने भगवान से कहा कि यदि वो खाना खाने नहीं आए तो नदी में कूदकर वो अपने प्राण त्याग देगा।

भगवान को न आता देख वो व्यक्ति नदी की ओर जाने लगा। तभी भगवान उसके सामने प्रकट हुए और उसे ऐसा करने से रोकने लगे। इसके बाद भगवान ने व्यक्ति के हाथों से न केवल भोजन ग्रहण किया, बल्कि उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे अपने धाम लेकर चले गए। इसके बाद राजा को अपनी गलती का अहसास हुआ कि आडम्बर और दिखावे से भगवान को खुश नहीं किया जा सकता। इसके लिए केवल सच्चे मन से ईश्वर को याद करना होता है तभी भगवान दर्शन देते हैं और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके बाद से ही राजा भी सच्चे मन से एकादशी का व्रत करने लगा और अंत में उसे भी व्यक्ति की तरह स्वर्ग की प्राप्ति हुई।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

बंगाल में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर, सुरक्षा घेरे में निकाले गए
बंगाल में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर, सुरक्षा घेरे में निकाले गए
मुंबई में CNG फिर हुई महंगी, 2 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; ऑटो-टैक्सी चालकों की बढ़ी चिंता
मुंबई में CNG फिर हुई महंगी, 2 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; ऑटो-टैक्सी चालकों की बढ़ी चिंता
यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, फ्यूल सरचार्ज 10% बढ़ा; जून के बिल में दिखेगा असर
यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, फ्यूल सरचार्ज 10% बढ़ा; जून के बिल में दिखेगा असर
नया-नया मुख्यमंत्री बनल हैं तो... राबड़ी देवी का सम्राट चौधरी को सीधा चैलेंज, बोलीं- फोर्स भेजिए, बंगला खाली नहीं करेंगे
नया-नया मुख्यमंत्री बनल हैं तो... राबड़ी देवी का सम्राट चौधरी को सीधा चैलेंज, बोलीं- फोर्स भेजिए, बंगला खाली नहीं करेंगे
ऑरेंज कैप की दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का जलवा कायम, 700 रन क्लब में पहुंचे तीन दिग्गज बल्लेबाज
ऑरेंज कैप की दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का जलवा कायम, 700 रन क्लब में पहुंचे तीन दिग्गज बल्लेबाज
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया के घर आई डबल खुशखबरी, जुड़वां बेटों के साथ हुआ भव्य स्वागत; वीडियो पर फैंस ने लुटाया प्यार
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया के घर आई डबल खुशखबरी, जुड़वां बेटों के साथ हुआ भव्य स्वागत; वीडियो पर फैंस ने लुटाया प्यार
शाम की चाय के साथ बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी स्प्रिंग रोल, स्वाद ऐसा कि बच्चे से लेकर बड़े तक मांगेंगे बार-बार
शाम की चाय के साथ बनाएं बाजार जैसे क्रिस्पी स्प्रिंग रोल, स्वाद ऐसा कि बच्चे से लेकर बड़े तक मांगेंगे बार-बार
क्या आपने सुनी 'वैभव सूर्यवंशी चालीसा'? सोशल मीडिया पर छाया अनोखा वीडियो, फैंस बार-बार कर रहे प्ले
क्या आपने सुनी 'वैभव सूर्यवंशी चालीसा'? सोशल मीडिया पर छाया अनोखा वीडियो, फैंस बार-बार कर रहे प्ले
क्या आपने पी है रागी अंबली? प्रोबायोटिक्स से भरपूर यह साउथ इंडियन ड्रिंक पेट को रखती है ठंडा, जानें रेसिपी
क्या आपने पी है रागी अंबली? प्रोबायोटिक्स से भरपूर यह साउथ इंडियन ड्रिंक पेट को रखती है ठंडा, जानें रेसिपी
वैभव की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी राजस्थान को, इन 5 खिलाड़ियों की नाकामी बनी हार की सबसे बड़ी वजह
वैभव की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी राजस्थान को, इन 5 खिलाड़ियों की नाकामी बनी हार की सबसे बड़ी वजह
सुबह खाली पेट जीरा और अजवाइन का पानी पीने के फायदे, जानिए सेहत पर इसके चमत्कारी असर
सुबह खाली पेट जीरा और अजवाइन का पानी पीने के फायदे, जानिए सेहत पर इसके चमत्कारी असर
इतिहास भी बनाया और दिल भी टूटा, IPL 2026 में तीन बार शतक से चूके वैभव सूर्यवंशी
इतिहास भी बनाया और दिल भी टूटा, IPL 2026 में तीन बार शतक से चूके वैभव सूर्यवंशी
चलते समय घुटनों से आ रही 'कट-कट' की आवाज़? दूध में मिलाकर पिएं ये चीजें, जोड़ों के दर्द और जकड़न से मिलेगी राहत
चलते समय घुटनों से आ रही 'कट-कट' की आवाज़? दूध में मिलाकर पिएं ये चीजें, जोड़ों के दर्द और जकड़न से मिलेगी राहत
रॉकेट रफ्तार से बढ़ती वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू, बैट स्पॉन्सरशिप के लिए मिला 12 करोड़ का ऑफर: रिपोर्ट
रॉकेट रफ्तार से बढ़ती वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू, बैट स्पॉन्सरशिप के लिए मिला 12 करोड़ का ऑफर: रिपोर्ट