ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव लगातार और गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियान का वीडियो सार्वजनिक किया है। जारी फुटेज में अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान और टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों के जरिए ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर हमले करते हुए देखा जा सकता है। दूसरी ओर, तेहरान के आसपास अमेरिकी सैन्य विमानों की बढ़ती गतिविधियां और बोरूजर्द इलाके में धमाकों की खबरों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है।
CENTCOM ने साझा किए सैन्य अभियान के दृश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी वीडियो में अमेरिकी नौसेना के F/A-18E Super Hornet लड़ाकू विमान USS Abraham Lincoln विमानवाहक पोत से उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा Arleigh Burke श्रेणी के युद्धपोतों से BGM-109 Tomahawk क्रूज़ मिसाइलें दागे जाने के दृश्य भी वीडियो में शामिल हैं।
अमेरिकी सेना के अनुसार इस अभियान के दौरान ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें मोबाइल मिसाइल लॉन्चर (TEL), ड्रोन लॉन्च साइट, पहले से निष्क्रिय और सेवा से बाहर किए जा चुके सैन्य विमान तथा एक दूरसंचार (टेलीकॉम) टावर शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
कमांड सेंटर, एयर डिफेंस और ड्रोन ठिकानों पर भी हमला
CENTCOM ने जानकारी दी कि अमेरिकी समयानुसार रात 9 बजे तक सैन्य अभियान का एक प्रमुख चरण पूरा कर लिया गया था। इस दौरान ईरान के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च सुविधाएं, ड्रोन ऑपरेशन बेस और तटीय निगरानी (कोस्टल सर्विलांस) से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
हालांकि अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर आगे भी अभियान जारी रहेगा और हालात के अनुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 16, 2026
समुद्री नाकेबंदी का भी ऐलान
सैन्य हमलों के साथ-साथ अमेरिका ने ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर समुद्री नाकेबंदी (ब्लॉकेड) लागू करने की घोषणा भी की है। माना जा रहा है कि इस कदम का असर क्षेत्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियां, हवाई हमले और समुद्री प्रतिबंध पश्चिम एशिया में तनाव को और अधिक बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।













