गंगाजल को स्वर्ग का पानी मानता था यह मुस्लिम शासक, रोज करता था इसका सेवन

By: Ankur Thu, 13 Jan 2022 5:33 PM

गंगाजल को स्वर्ग का पानी मानता था यह मुस्लिम शासक, रोज करता था इसका सेवन

गंगा को दुनियाभर में सबसे पावन माना जाता हैं और मान्यता हैं कि इसके पानी से सभी पाप धुल जाते हैं। गंगाजल का पानी अमृत तुल्य हैं। सभी धर्मों के लोग गंगाजल की महत्ता को समझते हैं और मानते भी हैं। इसका बेहतरीन उदाहरण हैं कुछ मुग़ल शासक जो गंगा नदी के जल को पवित्र मानते थे। ऐसा ही एक शासक हैं अकबर जो कि रोज गंगा नदी का पानी पीता था। अबुल फजल की किताब 'आइन-ए-अक़बरी' में यह बड़ी बात कही गई है। अकबर के लिए जो खाना बनाया जाता था उसमें यमुना और चेनाब नदी के पानी का इस्तेमाल होता था, लेकिन इसमें भी गंगा जल जरूर मिलाया जाता था।

मुगल शासक अकबर आगरा और फतेहपुर सीकरी में निवास करता था, तो उसके पीने के लिए यूपी के सोरों से गंगाजल लाया जाता था। अकबर ने जब लाहौर को राजधानी बना लिया, तो पीने के लिए हरिद्वार से गंगा पानी जाने लगा। दिल्ली और आगरा में ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए कई घुड़सवारों की तैनाती की गई थी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकबर घर पर और यात्रा के दौरान गंगाजल ही पीता था। गंगाजल लाने के लिए नदी के किनारे अपने सबसे भरोसे मंद लोगों को तैनात किया था। अकबर के लिए जार को सीलबंद कर पानी लाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता था कि उसमें कोई जहर न मिला सके। अकबर के अलावा उससे पहले बाबर और हुमायूं गंगा जल पसंद करते थे। वह गंगा जल को आब-ए-हयात यानी स्वर्ग का पानी मानते थे।

ये भी पढ़े :

# बिगड़ने लगे हालात, दिल्ली से मुंबई तक अस्पतालों में बढ़ने लगी कोरोना मरीजों की भीड़

# प्रेमी जोड़े के सुरक्षा मांगने पर बोला राजस्थान हाईकोर्ट, शादी का फैसला लिया है तो समाज का सामना करने का साहस होना चाहिए

# हनुमानगढ़ : बच्चों को चपेट में ले रहा कोरोना, आज मिले 256 नए संक्रमितो में से 117 बच्चे

# कोटा : ट्रेन से पार्सल भेजना अब पड़ेगा सस्ता, इन 9 रेलगाड़ियों में की गई शुल्क कटौती

# अलवर : उठी मूक बधिर नाबालिग से दरिंदगी करने वालों को फांसी देने की मांग, सड़कों पर उतरे लोग, वकील नहीं करेंगे आरोपियों की पैरवी

lifeberrys हिंदी पर देश-विदेश की ताजा Hindi News पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अपडेट। Viral News in Hindi के लिए क्लिक करें अजब गजब सेक्‍शन

Home | About | Contact | Disclaimer| Privacy Policy

| | |

Copyright © 2022 lifeberrys.com