उत्तराखंड के मसूरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी तुलना मेघालय के चर्चित शिलांग हत्याकांड से की जा रही है। हालांकि इस बार मामला उल्टा है। यहां जान पति की नहीं, बल्कि पत्नी की गई है। मृतका के परिजनों ने महिला की हत्या का आरोप उसके पति पर लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, 27 वर्षीय राधा गायत्री की 15 जून को मसूरी के पास स्थित एक होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय वह अपने पति श्रीचरण के साथ वहां ठहरी हुई थीं। देहरादून पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पति को हिरासत में ले लिया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मेघालय के शिलांग में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा था, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था।
दिल्ली से ऋषिकेश और फिर पहुंचे थे मसूरी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीचरण मूल रूप से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के रहने वाले हैं और फिलहाल दिल्ली के किदवई नगर में रहते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दंपति पहले दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे और इसके बाद 14 जून की रात करीब 11:30 बजे मसूरी के नजदीक स्थित एक होमस्टे में ठहरे। पुलिस के मुताबिक, दोनों रात करीब साढ़े तीन बजे सोने गए थे।
पुलिस को दिए अपने बयान में श्रीचरण ने दावा किया कि अगली सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि पत्नी की नाक से खून निकल रहा था। इसके कुछ दिन बाद महिला की मौत को लेकर उसके पिता सुधाकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दामाद पर हत्या का आरोप लगाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हत्या से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और बाद में दहेज मृत्यु से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं भी जोड़ दीं।
मामला दर्ज होने के बाद फरार हुआ आरोपी
मसूरी के सर्कल ऑफिसर जगदीश चंद्र पंत ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी श्रीचरण फरार हो गया था। इसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी और मृतका के परिजनों के बयानों के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह संदेह मजबूत हुआ है कि दहेज की मांग को लेकर महिला की हत्या की गई हो सकती है।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक पोस्टमार्टम और अन्य जांच के आधार पर मौत का सटीक कारण तथा अपराध को अंजाम देने के तरीके की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
एफआईआर के अनुसार, गायत्री के माता-पिता को यह जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी और दामाद मसूरी में रुकने वाले हैं। उन्हें केवल इतना बताया गया था कि दोनों ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने के बाद 15 जून तक दिल्ली लौट आएंगे। लेकिन 15 जून की सुबह परिवार को सूचना मिली कि गायत्री नहीं रही। परिजनों का कहना है कि उसकी मौत बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई और उन्हें शुरू से ही पति की भूमिका पर शक है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि श्रीचरण पहले से ही गायत्री के साथ दुर्व्यवहार करता था और उस पर लगातार शक करता था। परिवार का कहना है कि गायत्री ने फोन पर कई बार पति के व्यवहार की जानकारी दी थी। उसने यह भी कहा था कि विशाखापत्तनम पहुंचने के बाद वह पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताएगी।
ट्रैकिंग डिवाइस लगाने और जांच भटकाने का भी आरोप
मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने उन्हें बताया था कि श्रीचरण ने उसके बैग में एक ट्रैकिंग डिवाइस लगा रखा था, जिससे उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना वाले दिन आरोपी के ब्लड सैंपल नहीं लिए गए, जो जांच में बड़ी चूक हो सकती है।
परिजनों ने मांग की है कि मामले की जांच किसी विशेषज्ञ टीम से कराई जाए। उन्होंने होमस्टे के कमरे की विस्तृत फोरेंसिक जांच, घटना से पहले के 48 घंटे के सभी वित्तीय लेनदेन की पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कराने की मांग की है। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि श्रीचरण ने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि गायत्री को लो ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वहीं शिकायत में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए यह आशंका भी जताई गई है कि महिला की मौत बीयर में किसी दवा या अन्य पदार्थ के मिश्रण के कारण हुई हो सकती है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।













