जयपुर। बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वय में कार्यरत राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) राजस्थान की ओर से बुधवार को भारत सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS 5.0) को लेकर राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस योजना की उपयोगिता, लाभ और प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति राजस्थान की संयोजक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा की महाप्रबंधक परिमिता मिश्रा, राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (RITI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्येन्द्र कुमार, भारतीय रिजर्व बैंक के एफआईडीडी (FIDD) के उप महाप्रबंधक राव क्षितिजराज सिंह, एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक प्रदीप ओझा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष महेन्द्र मिश्रा तथा एनसीजीटीसी की सहायक महाप्रबंधक मेधा गुरव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने संबोधन में कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया भू-राजनीतिक तनावों और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भी भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बनी हुई है। इसके पीछे केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर उठाए गए दूरदर्शी और सकारात्मक कदमों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण बाहरी संकटों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीमित रहा है।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र के लिए इस योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि छोटे और मध्यम उद्यम देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं। ऐसे समय में जब कई उद्योग वैश्विक परिस्थितियों के कारण नकदी संकट का सामना कर रहे हैं, यह योजना उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने राज्य में बैंकों की सक्रिय भूमिका और विशेष रूप से राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उद्यमियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में बैंकिंग क्षेत्र की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक व्यवधानों, विशेषकर पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालिया तनावों के कारण प्रभावित उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। इससे उद्योगों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा, रोजगार के अवसर सुरक्षित रहेंगे और आपूर्ति श्रृंखला भी मजबूत बनी रहेगी। उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से अपील की कि वे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं, वहीं उद्यमियों से भी इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति राजस्थान की संयोजक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा की महाप्रबंधक परिमिता मिश्रा ने भी योजना की आवश्यकता और उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 केवल एक ऋण सुविधा उपलब्ध कराने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक पुनर्बहाली और औद्योगिक विकास को गति देने वाला एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र की जिम्मेदारी केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पात्र उद्यमियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी है। यदि सभी बैंक समन्वित और प्रतिबद्ध प्रयास करें तो यह योजना देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (RITI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि इस योजना की सफलता के लिए केवल बैंक ही नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थानों और विभागों को भी मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और उद्यमियों तक अधिक से अधिक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि अधिक संख्या में पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े सफल उद्यमियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियां भी प्रस्तुत की गईं। साथ ही पात्र लाभार्थियों को मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अधिकारियों द्वारा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में चेक वितरित किए गए। इस दौरान एनसीजीटीसी और पीएसबी एलायंस (PSB Alliance) की टीम ने योजना की विस्तृत प्रस्तुति दी तथा उपस्थित उद्यमियों और ग्राहकों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग की उप सचिव गरिमा कपूर ने भी ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने वित्तीय सेवा विभाग की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं की जानकारी देते हुए बैंकों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक राव क्षितिजराज सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी बैंकों, विभिन्न वित्तीय संस्थानों, बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों, लाभार्थियों तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रमुख एवं उप महाप्रबंधक राज कुमार मीना सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।














