नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक के जारी आमरण अनशन पर अब कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने गुरुवार को वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। कांग्रेस का कहना है कि उनकी ओर से उठाए गए मुद्दे केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष और देश के छात्रों से जुड़े हैं। पार्टी ने दोहराया कि वह शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पहले से कर रही है और आगे भी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी पिछले डेढ़ महीने से लगातार इसी मांग को उठा रही है। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में सामने आई खामियों और जवाबदेही के सवालों को लेकर पार्टी पहले दिन से सरकार को घेरती रही है।
'वांगचुक की चिंता हमारी भी चिंता'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सोनम वांगचुक की पीड़ा और उनके आक्रोश को पूरी तरह समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में आई गड़बड़ियों और सरकार की जवाबदेही की कमी ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों को निराश किया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए कांग्रेस उनसे आग्रह करती है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे।
जयराम रमेश ने भी दोहराई पार्टी की मांग
इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश से भी सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले करीब दो महीनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मांग केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है, बल्कि कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से भी लगातार उठाई जा रही है।
जयराम रमेश ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आगामी कार्यक्रमों में भी छात्रों से संवाद करते हुए शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाएंगे।
19वें दिन भी जारी रहा अनशन, डॉक्टरों ने जताई चिंता
गुरुवार को सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का 19वां दिन था। चिकित्सकों के मुताबिक इस दौरान उनका वजन नौ किलोग्राम से अधिक घट चुका है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति अब गंभीर चरण में पहुंच रही है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
बुधवार देर रात जारी किए गए एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने साफ कहा कि वह केवल अपीलों के आधार पर अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना था कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया या बातचीत नहीं होती और वह अनशन खत्म कर देते हैं, तो इससे गलत संदेश जाएगा। उन्होंने दोहराया कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी है।
20 जुलाई के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की। यह मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना जरूरी है और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी इस अभियान को मजबूत करेगी।
इधर किसान नेता राकेश टिकैत ने भी घोषणा की कि वह जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे। वहीं, संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेता सयाजी शिंदे और लेखिका शोभा डे सहित कई चर्चित हस्तियों ने भी वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई। इन सभी ने सरकार से अपील की कि वह संवाद का रास्ता अपनाए और उनकी बिगड़ती सेहत को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाले।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि उनकी सेहत की प्रतिदिन निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन सर्वोपरि है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सोनम वांगचुक की नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, संसद मार्च निकालने का ऐलान कर चुकी है।













