राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी व सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार 22 जुलाई को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस अचानक हुई बैठक के बाद महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या शरद पवार की अगुवाई वाली NCP (SP) एक बार फिर NDA के करीब जा सकती है।
संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। सामने आई तस्वीरों में दोनों नेता सहज माहौल में बातचीत करते नजर आए। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कुछ देर तक महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई।
हालांकि, इस मुलाकात का कोई आधिकारिक राजनीतिक एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करने के बाद पीएम मोदी से मुलाकात
प्रधानमंत्री से मुलाकात से एक दिन पहले मंगलवार को ही शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। यहां उन्होंने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 'CJP' आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।
इस दौरान शरद पवार ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा था कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ संवेदनशील रवैया अपनाने की जरूरत है।
शरद पवार की पार्टी ने भी कथित पेपर लीक मामले को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके अलावा पार्टी की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन भी किया गया है।
क्या NDA के साथ जा सकते हैं शरद पवार?
छात्रों के मुद्दे से अलग, प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात ने महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है। राजनीतिक विश्लेषक इस बैठक को कई संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शरद पवार की पार्टी आगामी मॉनसून सत्र में मोदी सरकार के प्रस्तावित और चर्चित 'परिसीमन बिल' को समर्थन दे सकती है। इससे पहले विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस मुद्दे का विरोध किया था।
अगर NCP (SP) इस विधेयक के समर्थन में आती है तो केंद्र सरकार को लोकसभा में जरूरी समर्थन जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
जयंत पाटिल और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकातों से भी बढ़ी हलचल
पिछले कुछ समय से NCP (SP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकातों ने भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया था। इन बैठकों के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या शरद पवार गुट बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के साथ कोई नया राजनीतिक समीकरण बना सकता है।
हालांकि, सुप्रिया सुले पहले ही NDA में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर चुकी हैं। उन्होंने साफ किया था कि उन्हें या पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता को बीजेपी या किसी अन्य दल की ओर से गठबंधन को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
सुप्रिया सुले ने यह भी कहा था कि नेताओं के बीच हुई कुछ हालिया मुलाकातें राजनीतिक गठबंधन के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सार्वजनिक मुद्दों से जुड़ी थीं। उन्होंने उन चर्चाओं को भी गलत बताया था जिनमें NCP (SP) के NDA में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी।
फिलहाल शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के बाद एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में NCP (SP) की राजनीतिक रणनीति क्या होगी और क्या इससे राज्य के सियासी समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।













