
खनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत के असली हीरो एक बार फिर रिंकू सिंह साबित हुए। आईपीएल 2026 के इस रोमांचक मैच में केकेआर को दूसरी जीत दिलाने में उनकी पारी निर्णायक रही। टीम जब संघर्ष कर रही थी, तब रिंकू ने अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।
केकेआर की पूरी टीम 155 रन के स्कोर तक पहुंची, जिसमें रिंकू सिंह की नाबाद 83 रनों की शानदार पारी सबसे अहम रही। उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौके और 5 छक्के लगाए। खासकर आखिरी ओवर में दिग्वेश राठी के खिलाफ लगातार 4 छक्के जड़कर उन्होंने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। उनके अलावा कैमरून ग्रीन ने 34 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके और कोई भी 10 रन से आगे नहीं बढ़ पाया। एक समय टीम 140 के आसपास सिमटती नजर आ रही थी, लेकिन रिंकू ने धैर्य और आक्रामकता से पारी को मजबूती दी और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया, जिसके बाद उनका इंटरव्यू सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
‘रिंकू संकटमोचक’ नाम पर क्या बोले?
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब उनसे मजाकिया अंदाज में पूछा गया कि क्या उनका नाम बदलकर ‘रिंकू संकटमोचक’ कर देना चाहिए, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया—“नहीं, रिंकू ठीक है।” उनके इस सहज जवाब ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
मुश्किल हालात में कैसे बदलते हैं रणनीति?
जब उनसे दबाव वाली परिस्थितियों में माइंडसेट के बारे में पूछा गया, तो रिंकू ने बताया कि उनका फोकस हमेशा टीम को संभालने पर रहता है। उन्होंने कहा कि जब टीम जल्दी विकेट खो देती है, तो उनका पहला लक्ष्य स्ट्राइक रोटेट करना, सिंगल-डबल लेना और सही गेंदों पर बाउंड्री लगाना होता है। उनके अनुसार, सबसे जरूरी चीज मैच को अंत तक ले जाना है।
मैच फिनिशिंग की योजना पर खुलासा
अपनी पारी की रणनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका कोई फिक्स्ड प्लान नहीं था, बल्कि हालात के हिसाब से खेलना ही प्राथमिकता थी। उन्होंने कहा कि जब विकेट गिर चुके थे, तो उन्होंने सुरक्षित खेलते हुए धीरे-धीरे पारी को आगे बढ़ाया और खराब गेंदों पर ही आक्रामक शॉट खेले। बाद में उन्हें पता चला कि गेंदबाजी स्पिनर कर रहा है, जिसके बाद उन्होंने उसी के अनुसार अपनी रणनीति बदली।
फील्डिंग को लेकर खास लगाव
रिंकू सिंह ने अपनी फील्डिंग को लेकर भी दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें बचपन से ही फील्डिंग बेहद पसंद रही है। उनकी फिटनेस ने इसमें उनकी मदद की है, जिससे वे तेजी से दौड़कर मैदान को कवर कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि फील्डिंग उनके खेल का सबसे पसंदीदा हिस्सा है।
सुपर ओवर कैच पर क्या कहा?
जब उनसे सुपर ओवर के दौरान लिए गए अहम कैच के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि वह उस मौके के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि गेंद कहीं और जाएगी, लेकिन अचानक वह उनकी तरफ आई और उन्होंने उसे पकड़ लिया। उनके इस जवाब ने उनकी सादगी और आत्मविश्वास दोनों को दर्शाया।














