उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के 5 लाख बुजुर्गों को लाभ मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार इन बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन देने का प्रस्ताव कर रही है। इसके लिए बजट में 8103 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक प्रदेश में 60 लाख बुजुर्गों को प्रतिमाह एक हजार रुपये के हिसाब से वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है, जो हर तीन महीने में दी जाती है। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में 65 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन के लिए बजट बढ़ाकर 8103 करोड़ रुपये करने की योजना बना रही है। इससे पहले 2024-25 के वित्तीय वर्ष में समाज कल्याण विभाग को 7377 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन अब विभाग ने नए वित्तीय वर्ष में 726 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट की मांग की है, जिसे योगी सरकार बढ़ा सकती है। इसके साथ ही इस वर्ष 5 लाख नए पात्रों को वृद्धावस्था पेंशन से जोड़ा जाएगा।
समाज कल्याण विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 13056 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है, जिसमें वृद्धावस्था पेंशन के अलावा कई अन्य योजनाओं के लिए भी बजट शामिल है। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 1052 करोड़ रुपये अधिक है। इनमें विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 1862 करोड़ रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपये, सामूहिक विवाह योजना के लिए 600 करोड़ रुपये, और व्यक्तिगत विवाह योजना के तहत अनुसूचित जाति के पात्रों के लिए 100 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के पात्रों के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
पारिवारिक लाभ योजना के लिए इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 25 लाख रुपये अधिक बजट की मांग की गई है। इसके अलावा, इस बार के बजट में कानपुर देहात में राजकीय आश्रम पद्धति के तहत जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव है। जहां आश्रम पद्धति के विद्यालय नहीं हैं, वहां संत रविदास मिशन योजना के तहत नए विद्यालयों का निर्माण किया जाएगा।