उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में अब तक 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। इसी बीच, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ मचने से 30 लोगों की मौत हो गई और 36 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, कुंभ में शामिल होने के लिए अपने साधनों से प्रयागराज जा रहे कई श्रद्धालु भी सड़क हादसों का शिकार हुए।
प्रदेश में 10 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में 40 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 70 से अधिक घायल हुए। इन घटनाओं को लेकर द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी की एक वजह ड्राइवरों की थकान हो सकती है। लगातार सफर करने की वजह से उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं।
लखनऊ में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "सामान्य श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ की यात्रा चुनौतीपूर्ण रही है। प्रयागराज की सीमा पर पहुंचने के बाद भी महाकुंभ स्थल तक पहुंचने में 6 से 8 घंटे का समय लग रहा है। 14 जनवरी को मेले की आधिकारिक शुरुआत के बाद से ही कई वाहन भारी जाम में फंसे रहे।"
अधिकारी ने आगे कहा कि मेला क्षेत्र में न तो ड्राइवरों को और न ही श्रद्धालुओं को पर्याप्त आराम मिल पा रहा है, जिसके कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद थी कि बसंत पंचमी स्नान के बाद भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन 3 फरवरी के बाद भी बड़ी संख्या में लोग कुंभ में आ रहे हैं। उन्हें लग रहा था कि इस तारीख के बाद यात्रा आसान होगी, लेकिन अब भी भारी भीड़ बनी हुई है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाकुंभ में कुप्रबंधन को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कुंभ यात्रा के दौरान हुई दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "महाकुंभ में श्रद्धालुओं से भरी बसों और अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें लगातार आ रही हैं, जो बेहद दुखद हैं।"
उन्होंने हादसों के पीछे के कारणों को गिनाते हुए कहा कि "भारी जाम और अव्यवस्था के कारण चालकों की हालत खराब हो रही है। उन्हें न तो पर्याप्त आराम मिल पा रहा है और न ही पूरी नींद। ऐसे में वे अर्ध-निद्रा की स्थिति में वाहन चला रहे हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं।"
रीवा से बढ़ी वाहनों की संख्या, प्रशासन सतर्क
प्रयागराज में बढ़ते यातायात को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। 16 फरवरी को जारी अपडेट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के रीवा से प्रयागराज की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या में बीते 24 घंटों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, रीवा जिले के चाकघाट सीमा से हर घंटे करीब 1,000 वाहन प्रयागराज की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि लगभग 800 वाहन वहां से वापस लौट रहे हैं। प्रयागराज, चाकघाट सीमा से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण ट्रैफिक नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
अब उन दुर्घटनाओं पर नजर डालते हैं, जो पिछले कुछ दिनों में हुईं और जिनमें कई लोगों की जान गई तथा कई घायल हुए।
- 15 फरवरी को महाकुंभ से लौट रहे तीर्थयात्रियों की एक पर्यटक वैन शुक्रवार देर रात गुजरात के दाहोद जिले में राजमार्ग पर खड़े ट्रक से टकरा गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना इंदौर-अहमदाबाद राजमार्ग पर लिमखेड़ा के पास रात करीब 2:15 बजे हुई। वैन में 10 तीर्थयात्री सवार थे, जो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। मृतकों में एक महिला भी शामिल थी। हादसे में जान गंवाने वाले लोग भरूच जिले के अंकलेश्वर और अहमदाबाद जिले के धोलका के निवासी थे।
- उसी दिन, 15 फरवरी को ही एक और हादसा मिर्जापुर-प्रयागराज हाईवे पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात एक कार और बस की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। डीसीपी (यमुनानगर) विवेक चंद्र यादव के अनुसार, छत्तीसगढ़ से महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं को ले जा रही कार और बस की यह टक्कर रात करीब 12 बजे प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर मेजा थाना क्षेत्र में हुई।
- इसके अलावा, 16 फरवरी की सुबह बाराबंकी जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक मिनीबस ने खड़ी बस को टक्कर मार दी, जिससे चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। ये सभी श्रद्धालु महाराष्ट्र के नांदेड़ से आए थे और कुंभ स्नान के बाद अयोध्या जा रहे थे। मृतकों में से तीन की पहचान दीपक, सुनील और अनुसुइया के रूप में हुई है।
- 16 फरवरी को अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र में आगरा-नोएडा यमुना एक्सप्रेसवे पर दोपहर करीब 1:30 बजे एक बस ने कार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में जम्मू के तीन तीर्थयात्रियों—67 वर्षीय पद्म प्रकाश, 50 वर्षीय युद्धवीर गुप्ता और 65 वर्षीय सविता शर्मा की मौत हो गई।
- 13 फरवरी को मध्य प्रदेश के मंदसौर से महाकुंभ में स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस राजस्थान के कोटा में हादसे का शिकार हो गई। कोटा जिले के सिमलिया गांव के पास दिल्ली-मुंबई नेशनल हाईवे पर उनकी बस एक ट्रक से टकरा गई, जिससे पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
- 11 फरवरी को बिहार के कैमूर जिले में एक अनियंत्रित ऑटो ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी श्रद्धालु प्रयागराज में महाकुंभ स्नान कर लौट रहे थे। मोहनिया थाना क्षेत्र के मुठानी के पास यह दुर्घटना हुई, जब चालक का नियंत्रण हटने से ऑटो ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।
- 11 फरवरी को जबलपुर के सिहोरा गांव के पास प्रयागराज से लौट रहे श्रद्धालुओं का ट्रैवलर वाहन गलत साइड से आ रहे ट्रक से टकरा गया। हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। टक्कर के बाद दो अन्य कारें भी इस दुर्घटना की चपेट में आ गईं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। उसी दिन, इलाहाबाद के उतरनवा इलाके में दो डबल डेकर बसों की टक्कर हो गई। इस हादसे में दिल्ली से कुंभ यात्रा पर जा रहे दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई।
- 10 फरवरी को फतेहपुर में सोनभद्र और इटावा में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जो कुंभ से अपने घर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए।
- 9 फरवरी को सोनभद्र में सड़क हादसे में चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि हमीरपुर में तीन श्रद्धालु दुर्घटना के शिकार हुए। इस हादसे में चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।
- 8 फरवरी को भदोही में एक जीप की टक्कर से दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। दुर्घटना तब हुई जब श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार कर रहे थे।
- 7 फरवरी को अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक जीप और मिनीबस की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए।