राजस्थान के उदयपुर जिले के व्यापारियों के लिए अब अपनी वस्तुओं को सीधे विदेश भेजना आसान हो गया है। उदयपुर से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट तक सीधी एक्सपोर्ट ट्रेन शुरू कर दी गई है। यह पहली एक्सपोर्ट ट्रेन सोमवार रात 10:45 बजे खेमली कॉनकॉर डिपो से रवाना हुई और 630 किलोमीटर की दूरी तय करके मंगलवार रात मुंद्रा पोर्ट पहुंची। इस नई सुविधा से मेवाड़ के व्यापारियों में उत्साह है और वे इसे व्यापारिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
रेलवे के अनुसार, यह एक्सपोर्ट ट्रेन मेर्सक शिपिंग लाइन के सहयोग से डायरेक्ट पोर्ट एंट्री (DPE) अभियान के तहत शुरू की गई है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक (अजमेर) राजू भूतड़ा, उदयपुर कलेक्टर नमित मेहता, और उदयपुर विकास प्राधिकरण सचिव राहुल जैन (IAS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किराए की जानकारी:
पहली एक्सपोर्ट ट्रेन में प्लाईवुड, प्लास्टिक मटेरियल, पैकिंग सामग्री, और पॉली बैग्स जैसे सामान भेजे गए। इस ट्रेन में 45 कंटेनर में माल भेजने की क्षमता है, और एक कंटेनर का किराया लगभग 50,000 रुपये होगा। एक कंटेनर में करीब 31 टन माल भेजा जा सकता है।
सड़क मार्ग की तुलना में रेलवे का फायदा:
इससे पहले मेवाड़ से मुंद्रा पोर्ट तक माल भेजने के लिए केवल सड़क मार्ग का ही विकल्प था, जिसमें समय अधिक लगता था और ट्रक अनलोडिंग के कारण भी समय की बर्बादी होती थी। अब रेलवे मार्ग की शुरुआत से व्यापारियों को माल पहुंचाने में समय की बचत होगी, और यह एक सुविधाजनक और तेज विकल्प साबित होगा।