यह मामला रायबरेली जिले में सामने आया है, जहाँ तंत्र-मंत्र में सिद्धि पाने के लिए एक मासूम बच्चे की बलि दी गई। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में शामिल तांत्रिक और बच्चे के मामा को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि सलोन थाना क्षेत्र के राजा का पुरवा समसपुर खालसा में 19 फरवरी को 10 वर्षीय बच्चे का शव तालाब किनारे संदिग्ध अवस्था में मिला था। बच्चे के पिता राकेश गौतम ने इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने रिश्ते में मामा लगने वाले दिलबाग गौतम (निवासी मोहम्मदाबाद, थाना सलोन) को गिरफ्तार किया, जिसने अपराध कबूल लिया।
एएसपी के अनुसार, दिलबाग ने बताया कि वह तंत्र-मंत्र सीखने के लिए तांत्रिक गुड्डू बाबा के संपर्क में आया था। एक बार गुड्डू बाबा ने झाड़-फूंक कर उसकी माँ को ठीक किया, जिससे वह प्रभावित हुआ और तंत्र-मंत्र सीखने लगा। गुड्डू बाबा ने दिलबाग को विश्वास दिलाया कि यदि वह अपनी माँ की पूरी तरह से चिकित्सा, तंत्र-मंत्र में सिद्धि और गड़ा हुआ धन प्राप्त करना चाहता है, तो उसे किसी "कलंकिन" बच्चे की बलि देनी होगी। इसी अंधविश्वास के चलते दिलबाग ने अपने ही भांजे की बलि दे डाली।
एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि दिलबाग गौतम ने अपने दूर के रिश्तेदार राकेश गौतम के इकलौते बेटे सुधीर को बलि देने की साजिश रची। सुधीर के माथे पर जले का निशान था, जिसे तांत्रिक गुड्डू बाबा ने "कलंकित" बताया और बलि के लिए उपयुक्त माना। योजना के तहत 18 फरवरी को शाम करीब 4:00 बजे, दिलबाग राजा का पुरवा गांव पहुंचा। वहां उसने अकेले खेल रहे सुधीर को 10 रुपये का लालच देकर अपने साथ ले लिया और हनुमानगंज मंदिर पर स्थित तांत्रिक गुड्डू बाबा के पास लेकर गया। बाबा ने कहा कि बलि बच्चे के गांव के आसपास ही देनी होगी, तभी तांत्रिक क्रिया सफल होगी। रात 9:00 बजे, दिलबाग वापस राकेश के घर गया और किसी को शक न हो इसलिए उसने दिखावे के लिए बच्चे को तलाशने का नाटक किया। फिर रात 11:00 बजे, वह चुपके से उठा और गुड्डू बाबा के पास पहुंचा। दोनों ने सुधीर को मोटरसाइकिल पर बीच में बिठाया और गांव के बाहर झील के किनारे ले गए।
यहां, गांव के पश्चिम में पुवाल के ढेर वाली खाली जमीन पर उन्होंने सुधीर को लिटा दिया। दिलबाग ने बच्चे के हाथ-पैर पकड़ लिए, जबकि गुड्डू बाबा ने तांत्रिक विधि करते हुए नुकीली लोहे की समसी से कई वार किए, जिससे मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। हत्या के बाद, दोनों ने सुधीर के शव को झील के पास फेंक दिया और जिस पुवाल पर बलि दी गई थी, उसे जला दिया ताकि कोई सुराग न बचे। पुलिस ने हत्यारों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार (आला कत्ल) बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।