प्रयागराज महाकुंभ में 26 फरवरी, बुधवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अंतिम स्नान आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भक्तों की भीड़ को सुव्यवस्थित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रयागराज मेला क्षेत्र में छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
महाशिवरात्रि स्नान के दौरान यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त छह आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें एक एडीजी और पांच आईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें प्रयागराज कुंभ मेला क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीजी पीएसी सुजीत पांडे के साथ-साथ आईजी चंद्र प्रकाश, प्रीतेंद्र सिंह, राजेश मोदक और मंजिल सैनी को अलग-अलग रूट पर यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
इन 6 अधिकारियों को किया गया तैनात
- एडीजी पीएसी सुजीत पांडे प्रयागराज मिर्जापुर राजमार्ग की व्यवस्था संभालेंगे
- आईपीएस चंद्र प्रकाश प्रयागराज वाराणसी मार्ग का ट्रैफिक देखेंगे
- आईजी प्रीतिंदर सिंह प्रयागराज रीवा राजमार्ग का ट्रैफिक संभालेंगे
- आईजी राजेश मोदक प्रयागराज के शहरी क्षेत्र के ट्रैफिक को संभालेंगे
- विजिलेंस में आईजी मंजिल सैनी लखनऊ और अयोध्या प्रतापगढ़ रूट के ट्रैफिक को देखेंगी
प्रयागराज की ओर आने वाले सभी 7 प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। महाकुंभ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, और इस बार लोगों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आमतौर पर माघ पूर्णिमा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। भक्तों का लगातार कुंभ में आना जारी है।
बुधवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संगम तट पर और भी अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां कर ली हैं। अक्सर विशेष स्नान और वीकेंड के दौरान प्रयागराज व आसपास के क्षेत्रों में भारी जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर पहले से ही ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही, प्रयागराज और आसपास के कुछ क्षेत्रों को ‘नो व्हीकल ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है, जिससे सुचारू यातायात व्यवस्था बनी रहे।