सीकर के खाटूश्यामजी में चल रहे लक्खी मेले के दौरान प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के मद्देनजर कई इलाकों में बैरिकेडिंग कर रास्तों और गलियों को सील कर दिया है। इस फैसले के बाद खाटू कस्बे के व्यापारी सड़क पर उतर आए हैं और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की पाबंदियों के कारण न केवल लोग घरों में कैद जैसा महसूस कर रहे हैं, बल्कि व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग और रास्तों की सीलिंग से दुकानदारों को अपने व्यापार को चलाने में मुश्किल हो रही है। इस कारण व्यापारियों को नुकसान हो रहा है और श्रद्धालुओं को भी यात्रा करने में असुविधा हो रही है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि इन पाबंदियों का उद्देश्य भक्तों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रशासन का दावा है कि इन उपायों के बावजूद स्थानीय निवासियों के आवागमन में कोई बाधा नहीं है।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन जब बातचीत से कोई परिणाम नहीं निकला, तो व्यापारियों ने सोमवार दोपहर से अनिश्चितकालीन बंद की घोषणा कर दी। इसके बाद खाटूश्यामजी कस्बे के अंदरूनी इलाके में स्थित सभी दुकानें बंद कर दी गईं, जबकि बाहरी इलाकों में दुकानदारों ने अपनी दुकानें खुली रखीं।
ऐसा पहली बार हुआ है कि मेले के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन की पाबंदियों के खिलाफ इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया है। इस आंदोलन के कारण न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग और व्यापारी प्रशासन से अपेक्षाएं रखते हैं कि वह जल्दी समाधान निकाले ताकि सभी को राहत मिल सके और खाटूश्यामजी मेले का आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफल हो सके।
"व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है"
खाटूश्यामजी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सोनू जोशी ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों और व्यापारियों को प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रास्तों के बंद किए जाने से व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है और आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। इस फैसले का विरोध करते हुए व्यापार मंडल ने बाजार बंद करने का निर्णय लिया है। जोशी ने प्रशासन से आग्रह किया कि वह व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लें और शीघ्र समाधान निकाले।
रींगस डिप्टी संजय बोथरा को हटाने की मांग
व्यापारियों की प्रमुख मांगों में सील किए गए रास्तों और गलियों को खोलना, व्यापारियों के लिए विशेष कार्ड जारी करना, स्थानीय निवासियों को आधार कार्ड के आधार पर आने-जाने की अनुमति देना, दुकानों के लिए माल लाने वाले वाहनों को छूट देना, और मेले की व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे रींगस डिप्टी संजय बोथरा को हटाने की मांग शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।