दिल्ली में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड हुए इस साल के सबसे कम कोरोना केस, 9 की मौत

By: Pinki Sat, 26 June 2021 7:38 PM

दिल्ली में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड हुए इस साल के सबसे कम कोरोना केस, 9 की मौत

देश में तीसरी लहर की आशंका के बीच राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में इस साल के सबसे कम कोरोना केस रिकॉर्ड किए गए। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 85 नए कोरोना संक्रमण के नए केस सामने आए हैं और 9 मरीजों की मौत हो गई है। 158 लोगों ने कोरोना को मात दी। दिल्ली में आज 72920 लोगों की टेस्टिंग की गई है इसके साथ ही अब संक्रमण दर 0.12% आ गई है।

देश में कोरोना की तीसरी लहर (Covid 19 third wave) आने की संभावना जताई जा रही है। स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो अगले डेढ़ से दो महीने के अंदर भारत में फिर से कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। इतना ही नहीं वायरस में आए दिन हो रहे म्‍यूटेशन के कारण अब एक और और डेल्टा प्‍लस (Delta Plus) नाम का वेरिएंट सामने आया है, जिसके खतरनाक होने की संभावना जताई जा रही है।

दुनियाभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के मरीज भारत में भी मिलना शुरू हो गए है। सरकार के मुताबिक, देश में डेल्टा प्लस वेरिएंट के केस बढ़कर 51 हो गए हैं। अब तक कुल 12 राज्यों में इस वैरिएंट के केस पाए गए हैं। 45 हजार सैंपल की जांच में सबसे ज्यादा 22 मामले महाराष्ट्र में रिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश में 8, केरल में 3, पंजाब और गुजरात 2-2, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और कर्नाटक में एक-एक केस की पुष्टि हुई है।

कोरोना वायरस के 'डेल्टा प्लस' वैरिएंट के बढ़ते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 8 राज्यों को चिट्ठी लिखकर अलर्ट किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 8 राज्यों के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर डेल्टा प्लस के लिए पूरी तैयारी करने को कहा है। इनमें आंध्रप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, कर्नाटक, राजस्थान और तमिलनाडु शामिल हैं।

डेल्टा+ वैरिएंट से लड़ने के लिए वैक्सीनों की मिक्सिंग एक ऑप्शन

उधर, एम्स के चीफ डॉ रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को कहा कि कोरोना के ज्यादा एग्रेसिव डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरिएंट के खिलाफ लड़ने के लिए वैक्सीनों की मिक्सिंग एक ऑप्शन हो सकती है। डॉ गुलेरिया ने कहा कि शुरुआती स्टडी कहती हैं कि वैक्सीनों का मिश्रण भी एक विकल्प हो सकता है, पर अभी हमें डेटा चाहिए। कौन सा कॉम्बिनेशन अच्छा होगा, इस पर अभी रिसर्च की जरूरत है। पर हां, ये निश्चित रूप से एक संभावना है। वैक्सीनों के मिश्रण पर दूसरे देशों में भी प्रयोग किए जा रहे हैं।

डॉ गुलेरिया ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोरोना वैक्सीन की सिंगल डोज 33% तक सुरक्षा देती है। लेकिन दोनों डोज लेने पर 90% संक्रमण से सुरक्षा मिलती है। गुलेरिया ने कहा कि ये हमारे लिए चिंता की बात है कि पहली डोज डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ शायद काफी नहीं होगी। ऐसे में हमें दूसरी डोज दिए जाने की जरूरत है। पर इसे काफी पहले दिया जाना होगा, ताकि सुरक्षा निश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि अभी हमारी नजर डेल्टा प्लस वैरिएंट पर बनी हुई है। हम डेल्टा प्लस वैरिएंट को काफी करीब से मॉनिटर कर रहे हैं। अभी डेल्टा प्लस उतना प्रभावी नहीं है, पर डेल्टा वैरिएंट है। हमें डेल्टा प्लस को सतर्क रहकर ट्रैक करने की जरूरत है। इसकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जरूरत है ताकि पता चल सके कि ये हमारी आबादी पर किस तरह असर कर रहा है।

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