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ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी, दूतावास ने दिए आपातकालीन नंबर; नेपाल-श्रीलंका को भी सहयोग

ईरान-इज़रायल युद्ध के बीच भारत ने ऑपरेशन सिंधु शुरू कर ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी शुरू कर दी है। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर और टेलीग्राम चैनल भी जारी किया है। भारत नेपाल और श्रीलंका के नागरिकों की मदद भी कर रहा है।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Sat, 21 Jun 2025 5:59:31

ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी, दूतावास ने दिए आपातकालीन नंबर; नेपाल-श्रीलंका को भी सहयोग

ईरान और इज़रायल के बीच छिड़े भीषण सैन्य संघर्ष और लगातार बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने एक बार फिर अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। अनिश्चितता और डर के इस माहौल में भारत ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए "ऑपरेशन सिंधु" की शुरुआत कर दी है। इस विशेष अभियान के तहत ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राहत की बात यह है कि इस पूरी कवायद में ईरान सरकार भारत का पूर्ण सहयोग कर रही है और उसने विशेष रूप से भारतीयों के लिए अपना एयरस्पेस खोल दिया है — जो कि एक बड़ा कूटनीतिक कदम है।

दूतावास का त्वरित एक्शन: जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर


ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'X' पर एक महत्वपूर्ण सूचना साझा की। दूतावास ने लिखा, “ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।” इसके साथ ही दूतावास ने तीन आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर साझा किए हैं और एक टेलीग्राम चैनल का लिंक भी दिया है, जिससे कोई भी भारतीय नागरिक तुरंत सहायता प्राप्त कर सके।

आपातकालीन संपर्क नंबर:

- +98 9010144557

- +98 9128109115

- +98 9128109109

टेलीग्राम से मिलेगा पल-पल का अपडेट

जो भारतीय नागरिक फोन पर संपर्क नहीं कर पा रहे, वे अब टेलीग्राम चैनल के ज़रिए सीधे भारतीय दूतावास से जुड़ सकते हैं। इस चैनल के ज़रिए निकासी से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारियां दी जा रही हैं ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके।

सिर्फ भारत नहीं, नेपाल और श्रीलंका की भी मदद


भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाते हुए एक मिसाल कायम की है। दूतावास ने जानकारी दी है कि भारत अपने नागरिकों के साथ-साथ नेपाल और श्रीलंका के फंसे नागरिकों की भी निकासी में मदद कर रहा है। नेपाल और श्रीलंका सरकारों के आग्रह पर यह मानवीय कदम उठाया गया है। दूतावास ने स्पष्ट किया, “अगर नेपाल और श्रीलंका के नागरिक मदद चाहते हैं तो वे भी इन्हीं नंबरों या टेलीग्राम चैनल के ज़रिए हमसे संपर्क कर सकते हैं।”

विदेश मंत्रालय की 24x7 निगरानी

इस पूरे अभियान पर विदेश मंत्रालय और दूतावास की टीम पल-पल नजर बनाए हुए है। स्थानीय प्रशासन से तालमेल बनाकर निकासी अभियान को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

नागरिकों से अपील

भारतीय दूतावास ने अपील की है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक जल्द से जल्द दूतावास से संपर्क करें, दिए गए निर्देशों का पालन करें और शांतिपूर्वक सहयोग करें। यह अभियान न सिर्फ सरकार की तैयारियों का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संकट की घड़ी में भारत कभी अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता।

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