मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को राइजिंग राजस्थान इम्पैक्ट 1.0 कार्यक्रम के दौरान तीन नई नीतियों को लॉन्च किया। इनमें राजस्थान लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 और राजस्थान टैक्सटाइल्स एंड अपेरल पॉलिसी-2025 शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नीतियां उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेंगी और राजस्थान को निवेश का सबसे पसंदीदा स्थान बनाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का है और सरकार इस दिशा में हर संभव कदम उठा रही है।
निवेशकों की सहूलियत के लिए मुख्यमंत्री ने एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया, जिससे वे अपने एमओयू की प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे और किसी भी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, भू-आवंटन के लिए एक नई लैंड पॉलिसी भी शुरू की गई है। 15 मार्च तक एमओयू करने वाले निवेशक अब पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 30 अप्रैल तक एमओयू करने वाले निवेशकों को 15 मई तक आवेदन करने की अनुमति दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-2047’ का जो विजन प्रस्तुत किया गया है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, समृद्धि और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक दृढ़ संकल्प है। इसी को आधार बनाकर राजस्थान सरकार ने ‘विकसित राजस्थान-2047’ का सपना देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए समृद्धि और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का युग साबित होगा।
राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 18 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे। ये औद्योगिक क्षेत्र विभिन्न सेक्टर्स की जरूरतों के अनुरूप डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे राजस्थान को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, प्रदेश में सौर और पवन ऊर्जा की प्रचुरता ने भी दुनियाभर के निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए चैप्टर्स खोलने की घोषणा की। ये चैप्टर्स गुवाहाटी, भुवनेश्वर, रांची, पुणे, दिल्ली, दुबई, म्यूनिख, रियाद, टोक्यो, सिंगापुर, मेलबर्न, नैरोबी, कम्पाला और दोहा में स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रवासी राजस्थानी समुदाय को एक मजबूत नेटवर्क और सहयोग का मंच मिल सकेगा।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा- अब चौके-छक्के लगाने का समय
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के बाद कई लोग मुझसे यह सवाल कर रहे थे कि अब क्या बचा है, समिट तो हो चुकी है। यह पुराने दृष्टिकोण वाले लोग हैं, क्योंकि काम तो अब शुरू हुआ है।
राज्यवर्धन सिंह ने क्रिकेट की भाषा में उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे नयी बॉल, नयी पिच पर टीम के कप्तान भजनलाल जी ने खेल को समझते हुए बॉल खेली, उसी तरह हम यहां तक पहुंचे। अब समय आ गया है जब चौके और छक्के लगाने का। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी एमओयू धरातल पर उतरेंगे, क्योंकि इनसे राजस्थान का ही हित है।
राज्य सरकार का दावा है कि उसने 10 प्रतिशत एमओयू को धरातल पर उतार दिया है। भजनलाल सरकार ने अपने शासन के पहले साल में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया था, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ के एमओयू प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। लगभग 3 महीने बाद, राज्य सरकार ने 3 लाख करोड़ के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि हम इसी तरह से एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग जारी रखेंगे और राइजिंग राजस्थान इम्पैक्ट 1.0 कार्यक्रम में राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन 11 और 12 दिसंबर को जयपुर में किया जाएगा।