न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

10 मार्च से शुरू होंगे होलाष्टक, जानें इसे अशुभ मानने के पीछे का पौराणिक कारण

होलाष्टक के आठवें दिन यानी कि पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। मान्यता है कि होलिका के जलने पर सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है जिसके बाद से मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं।

Posts by : Ankur Mundra | Updated on: Sat, 05 Mar 2022 8:25:06

10 मार्च से शुरू होंगे होलाष्टक, जानें इसे अशुभ मानने के पीछे का पौराणिक कारण

मार्च का महीना शुरू हो चुका हैं जिसमे 17 मार्च को होलिका दहन किया जाना हैं और इसके अगले दिन 18 मार्च को धुलंडी हैं जिसमें होली खेली जानी हैं। लेकिन होली से पहले होलाष्टक लगता हैं जो कि आठ दिन का होता हैं। यह फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तिथि तक यानी होलिका दहन तक चलता हैं। इस बार होलाष्टक 10 मार्च से शुरू होंगे जो 17 मार्च को पूर्णिमा तक चलेंगे। होलाष्टक का समय बेहद अशुभ माना जाता हैं जिसकी वजह से इस समय अवधि में सभी शुभ और मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं जिसके पीछे पैराणिक कारण जुड़ा हैं। होलाष्टक के आठवें दिन यानी कि पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। मान्यता है कि होलिका के जलने पर सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है जिसके बाद से मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं।

astrology tips,astrology tips in hindi,holashtak 2022,holashtak importance,holi 2022

होलिका दहन इस बार 17 मार्च को है लेकिन धुलेंडी 18 मार्च को मनाई जाएगी, इसे धुलि वंदन भी कहते हैं। लेकिन कुछ जगह पर धुलेंडी 19 मार्च को भी मनाई जा रही है क्योंकि 18 मार्च को दोपहर के समय प्रतिपदा तिथि लग रही है और 19 मार्च को प्रतिपदा तिथि सुबह से ही है इसलिए कुछ जगहों पर धुलेंडी का पर्व 18 और कुछ जगहों पर 19 मार्च को मनाया जा रहा है लेकिन होलाष्टक 18 मार्च को समाप्त हो जाएंगे। होलाष्टक के समाप्त होने पर ही रंगोत्सव का पर्व मनाया जाता है। होलिका को जलाने के लिए इसकी तैयारी होलाष्टक के पहले दिन से शुरू हो जाती है। जहां होलिका को जलाने के लिए खूंटा लगाया जाता है, वहां लकड़ियां रख दी जाती हैं और अगले आठ दिनों वहां सूखी लकड़ियों को जमा किया जाता है। इसके बाद होलिका दहन के दिन पूजा करके होलिका दहन किया जाता है।

होलाष्टक की पौराणिक कथा


होलाष्टक को आखिर क्यों अशुभ काल माना जाता है इसका उल्लेख शिव पुराण में मिलता है। कथा के अनुसार, तारकासुर का वध शिव पुत्र कर सकता है, ऐसा उसको वरदान प्राप्त था लेकिन सती के आत्मदाह के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए थे। वहीं दूसरी तरह तारकासुर का अत्याचार फैलना लगा, इसे देवी-देवता परेशान हो गए। देवताओं ने योजना बनाकर भगवान शिव को तपस्या से विमुख करना चाहा इसके लिए उन्होंने कामदेव और देवी रति को आगे कर दिया। कामदेव और रति ने शिवजी की तपस्या भंग कर दी और तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया, जिस दिन यह घटना हुई उस दिन फाल्गुन की अष्टमी तिथि थी। इस घटना के बाद देवी-देवता कामदेव और रति के लिए क्षमा मांगने लगे प्रार्थना करने लगे, ऐसा करते-करते आठ दिन हो गए। आठवें दिन भगवान शिव ने कामदेव को फिर से जीवित कर दिया, उस दिन फाल्गुन की पूर्णिमा तिथि थी। इस वजह से होलाष्टक अशुभ काल माना जाता है।

astrology tips,astrology tips in hindi,holashtak 2022,holashtak importance,holi 2022

होलाष्टक की दूसरी पौराणिक कथा

एक अन्य कथा के अनुसार, होलिका ने राजा हिरण्यकश्यप के कहने पर प्रहलाद को लेकर आठ दिनों तक अग्नि में बैठी रही लेकिन जब वह नवमें दिन प्रहलाद बच गया और होलिका जल गई इसलिए भी विष्णु भक्तों में हर जगह उत्सव मनाया गया। इसलिए आठ दिनों को अशुभ काल माना जाता है। मान्यता है कि इस घटना के बाद से ही होलाष्टक मनाया जाता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से भी होलाष्टक अशुभ काल


होलाष्टक केवल धार्मिक वजहों से ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि के हिसाब से भी इसे अशुभ काल माना गया है। मान्यता है कि अष्टमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तक ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं रहती। अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक अलग-अलग दिनों में अलग-अलग ग्रह उग्र हो जाते हैं, जैसे अष्टमी तिथि को चंद्रमा उग्र हो जाते हैं। उसी प्रकार नवमी तिथि को सूर्य, दशमी तिथि को शनि, एकादशी तिथि को शुक्र, द्वादशी तिथि को गुरु, त्रयोदशी तिथि को बुध, चतुर्दशी तिथि को मंगल और पूर्णिमा तिथि को राहु उग्र अर्थात प्रतिकूल स्थिति में आ जाते हैं। जिसका सीधा असर नकारात्मक शक्तियों पर पड़ता है। ग्रहों के उग्र होने से निर्णय लेने क्षमता क्षीण हो जाती है और इस दौरान कई गलत फैसले व्यक्ति ले सकता है, जिससे हानि की आशंका बनी रहती है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

CA ने 6 महीने पहले ही दी थी चेतावनी, फिर जनवरी में क्यों नहीं रुकी राम मंदिर चढ़ावा की कथित चोरी?
CA ने 6 महीने पहले ही दी थी चेतावनी, फिर जनवरी में क्यों नहीं रुकी राम मंदिर चढ़ावा की कथित चोरी?
मुंबई में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, 5 लोगों की मौत के बाद विधानसभा में गरमाई सियासत; मैनहोल हादसे पर सरकार घिरी
मुंबई में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, 5 लोगों की मौत के बाद विधानसभा में गरमाई सियासत; मैनहोल हादसे पर सरकार घिरी
दिल्ली में सर्दियों से पहले एक्शन मोड में सरकार, नवंबर से लागू होंगी सख्त पाबंदियां; 50% वर्क फ्रॉम होम समेत कई बड़े फैसले
दिल्ली में सर्दियों से पहले एक्शन मोड में सरकार, नवंबर से लागू होंगी सख्त पाबंदियां; 50% वर्क फ्रॉम होम समेत कई बड़े फैसले
उत्तराखंड: किच्छा स्थित खान फार्म को लेकर सियासी विवाद गहराया, भाजपा ने प्रियंका गांधी वाड्रा पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तराखंड: किच्छा स्थित खान फार्म को लेकर सियासी विवाद गहराया, भाजपा ने प्रियंका गांधी वाड्रा पर लगाए गंभीर आरोप
दो महीने में ही सवालों के घेरे में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, सड़क पर उभरे गहरे गड्ढे; वायरल वीडियो से बढ़ी चिंता
दो महीने में ही सवालों के घेरे में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, सड़क पर उभरे गहरे गड्ढे; वायरल वीडियो से बढ़ी चिंता
'तारक मेहता' फेम शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वारा बनीं दुल्हन, शादी के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया
'तारक मेहता' फेम शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वारा बनीं दुल्हन, शादी के जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया
राम मंदिर चढ़ावा मामला: शौचालय में छिपाई जाती थी नकदी, कैमरों से बचने के लिए बनाई जाती थी 'मानव ढाल'; जांच में कई नए खुलासे
राम मंदिर चढ़ावा मामला: शौचालय में छिपाई जाती थी नकदी, कैमरों से बचने के लिए बनाई जाती थी 'मानव ढाल'; जांच में कई नए खुलासे
कार की ऐसी 'पार्किंग' शायद ही पहले कभी देखी हो, वायरल वीडियो देख लोग बोले- ये कैसे हुआ?
कार की ऐसी 'पार्किंग' शायद ही पहले कभी देखी हो, वायरल वीडियो देख लोग बोले- ये कैसे हुआ?
राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार, कल होगी अहम सुनवाई
राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार, कल होगी अहम सुनवाई
मुंबई में मूसलाधार बारिश के दौरान दर्दनाक हादसा, खुले मैनहोल में गिरने से शख्स की मौत
मुंबई में मूसलाधार बारिश के दौरान दर्दनाक हादसा, खुले मैनहोल में गिरने से शख्स की मौत
'लॉक अप 2' में कंगना रनौत ने राम कपूर की लगाई क्लास, बोलीं- 'अगर इतना ही बड़ा समझते हो खुद को, तो शो में आए क्यों?'
'लॉक अप 2' में कंगना रनौत ने राम कपूर की लगाई क्लास, बोलीं- 'अगर इतना ही बड़ा समझते हो खुद को, तो शो में आए क्यों?'
राम मंदिर चढ़ावा मामला: 'टिन्नू यादव ने भरोसे का गलत फायदा उठाया', चंपत राय ने करीबियों से कही बड़ी बात
राम मंदिर चढ़ावा मामला: 'टिन्नू यादव ने भरोसे का गलत फायदा उठाया', चंपत राय ने करीबियों से कही बड़ी बात
जुलाई में ग्रहों का बदलेगा समीकरण, इन 4 राशियों को मिलेंगे सफलता के नए अवसर, इनको बरतनी होगी विशेष सावधानी
जुलाई में ग्रहों का बदलेगा समीकरण, इन 4 राशियों को मिलेंगे सफलता के नए अवसर, इनको बरतनी होगी विशेष सावधानी
शनि की वक्री चाल बढ़ाएगी चुनौतियां, साढ़ेसाती झेल रही इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क
शनि की वक्री चाल बढ़ाएगी चुनौतियां, साढ़ेसाती झेल रही इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क