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सोनम वांगचुक ने गाली वाले वीडियो पर दी प्रतिक्रिया, बोले- सरकार को समझना चाहिए युवाओं में इतना गुस्सा क्यों है

सोनम वांगचुक ने आंदोलन के दौरान वायरल गाली वाले वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभद्र भाषा को गलत बताया और कहा कि सरकार को युवाओं के गुस्से की वजह समझनी चाहिए।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 06 Aug 2026 12:36:54

सोनम वांगचुक ने गाली वाले वीडियो पर दी प्रतिक्रिया, बोले- सरकार को समझना चाहिए युवाओं में इतना गुस्सा क्यों है

पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल करने वाले शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन के दौरान सामने आए आपत्तिजनक नारों और गाली वाले वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी तरह की अभद्र भाषा का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन सरकार को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि आखिर युवा वर्ग में इतना आक्रोश और निराशा क्यों बढ़ रही है।

वांगचुक ने यह भी कहा कि सिर्फ नारों और शब्दों पर ध्यान देने के बजाय उस गुस्से के पीछे छिपे कारणों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राजनीति से अलग रहने के फैसले का भी समर्थन किया और कहा कि एक दबाव समूह के रूप में रहकर वह ज्यादा प्रभावी तरीके से लोगों की आवाज उठा सकता है।

अपशब्दों के इस्तेमाल को बताया गलत

एक इंटरव्यू के दौरान सोनम वांगचुक से आंदोलन के दौरान नेताओं के खिलाफ लगाए गए विवादित नारों और वायरल हुए वीडियो को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, "मैं अपशब्दों के इस्तेमाल को बिल्कुल भी सही नहीं मानता हूं।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की घटनाएं सरकार के लिए एक गंभीर संकेत हैं कि देश के युवा किस स्तर तक निराश और परेशान महसूस कर रहे हैं।

वांगचुक ने कहा कि सरकार को केवल नारों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय उन परिस्थितियों को समझने की कोशिश करनी चाहिए, जिनकी वजह से युवाओं के अंदर इतना गुस्सा पैदा हो रहा है।

बोले- प्रधानमंत्री होता तो पहले खुद से सवाल करता

सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री की जगह होते तो सबसे पहले यह सोचते कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं, जिनकी वजह से युवाओं में इतना आक्रोश पैदा हुआ।

उन्होंने कहा, "अगर मैं प्रधानमंत्री की जगह होता, तो पहले खुद से पूछता कि मैंने ऐसा क्या किया, जिससे इन लोगों में इतना गुस्सा पैदा हुआ।"

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी संदेश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और संदेश लाने वाले व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग हिंसा या कानून तोड़ने जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वास्तविक छात्रों और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वालों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

CJP के राजनीतिक दल नहीं बनने के फैसले का किया समर्थन


सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई आंदोलन सीधे राजनीतिक दल बन जाता है, तो उसकी भूमिका सीमित हो सकती है और वह किसी एक पक्ष के समर्थन या विरोध में दिखाई देने लगता है।

उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में रहकर कमजोर और आम लोगों की समस्याओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से उठाया जा सकता है।

वांगचुक ने कहा कि भविष्य में लोग राजनीति में जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस मंच को राजनीतिक दलों से दूरी बनाकर जनता का विश्वास हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।

झारखंड छात्र आंदोलन में शामिल होने पर दिया जवाब

सोनम वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि वह देशभर के हर छात्र आंदोलन का चेहरा नहीं बनना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उनसे झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और वहां जाने को लेकर सवाल किया गया था।

इस पर उन्होंने कहा कि वह हर जगह जाकर किसी आंदोलन का नेतृत्व करने की भूमिका नहीं निभाना चाहते। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा नहीं बनना चाहता। मैं चाहता हूं कि हर जगह के लोग अपने संघर्ष के खुद हीरो बनें।"

उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की असली ताकत स्थानीय लोगों और युवाओं से आती है, इसलिए उन्हें खुद आगे बढ़कर अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए।

शिक्षा और पर्यावरण के मुद्दों पर समर्थन जारी रहेगा

हालांकि, सोनम वांगचुक ने यह जरूर कहा कि शिक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दे उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और आंदोलनों को वह अपना समर्थन देते रहेंगे।

उन्होंने कहा, "शिक्षा और पर्यावरण ऐसे विषय हैं, जो मेरे दिल के बेहद करीब हैं। अगर कोई इन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहा है, तो मैं उसका समर्थन करना चाहूंगा।"

उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक आंदोलन का चेहरा बनना नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाना और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करना है।

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