कराची में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई कार्रवाई की। पाकिस्तानी वायुसेना ने आधी रात करीब 12:30 बजे अफगानिस्तान के तीन अलग-अलग प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। इस्लामाबाद का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और जमात-उल-अहरार से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना था। हालांकि, अफगानिस्तान से सामने आई तस्वीरों और स्थानीय अधिकारियों के दावों ने इन हमलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलों में 35 से अधिक नागरिकों की जान गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के घायल होने की बात कही जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों में 4 से 9 वर्ष तक के कई बच्चे भी शामिल हैं। कई घायल बच्चों का इलाज सरकारी अस्पतालों में जारी है। दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार के मंत्री अत्ताउल्लाह तरार का कहना है कि इस अभियान में 25 आतंकवादी मारे गए हैं। हालांकि, इस दावे के समर्थन में अब तक कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अफगानिस्तान के किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
भारतीय समयानुसार रात करीब 12:30 बजे पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के गियान क्षेत्र, पक्तिया प्रांत के चमकानी इलाके और कुनार प्रांत के मरवारा क्षेत्र में हवाई हमले किए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन हमलों में रिहायशी मकानों और एक मस्जिद को नुकसान पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले विस्फोट के बाद आसपास के लोग घायलों को बचाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान लगभग 12:55 बजे दूसरा हवाई हमला हुआ। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस दूसरी कार्रवाई में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोग भी इसकी चपेट में आ गए। इसी वजह से मृतकों और घायलों की संख्या तेजी से बढ़ी।
हमले में घायल एक स्थानीय निवासी ने बताया कि बमबारी के समय वहां न तो कोई सैन्य ठिकाना था और न ही किसी सरकारी सुरक्षा बल की मौजूदगी थी। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने जिन आतंकियों को निशाना बनाने का दावा किया है, वहां ऐसे किसी संगठन की गतिविधि नहीं थी। उनके अनुसार, हमले का शिकार बनने वाले सभी लोग सामान्य नागरिक थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हमले की भयावह कहानी
पक्तिया प्रांत के चमकानी क्षेत्र में रहने वाले एक घायल व्यक्ति ने बताया कि वह दुबई में मजदूरी करता है और करीब दो महीने पहले ही अपने गांव लौटा था। उसके मुताबिक, एयरस्ट्राइक में उसके पड़ोसी बादशाह खान के घर को निशाना बनाया गया। पहला धमाका होते ही आसपास के लोग मलबे में दबे महिलाओं और बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।
उसने दावा किया कि कुछ ही मिनट बाद दूसरा हवाई हमला हुआ, जिसकी चपेट में राहत कार्य में जुटे कई लोग आ गए। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, इस दूसरी बमबारी में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
आतंकवाद विरोधी कार्रवाई पर फिर उठे सवाल
पाकिस्तान लंबे समय से अपने यहां होने वाले आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान स्थित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराता रहा है। पिछले वर्ष सितंबर से पाकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी अभियान के नाम पर अफगानिस्तान में कई बार हवाई कार्रवाई की है। हालांकि, हर बार इन अभियानों के बाद नागरिकों के हताहत होने के आरोप सामने आते रहे हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हालिया हमलों में भी आतंकवादी ठिकानों के बजाय रिहायशी क्षेत्रों, स्कूलों और अन्य नागरिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। अफगान पक्ष का दावा है कि पिछले नौ महीनों में पाकिस्तान की ओर से की गई विभिन्न हवाई कार्रवाइयों में अब तक 565 से अधिक अफगान नागरिकों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और उसमें नागरिकों के हताहत होने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।













