
अमेरिका से लेकर पूरी दुनिया में हलचल मचा देने वाली एपस्टीन फाइल्स में अब तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का नाम सामने आने से सियासी और धार्मिक गलियारों में खलबली मच गई है। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से सार्वजनिक किए गए एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेजों में दलाई लामा का नाम कथित तौर पर 169 बार दर्ज पाया गया है। इस खुलासे के बाद हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में स्थित उनके मुख्यालय में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी तूफान खड़ा कर दिया है। एक्स (पूर्व ट्विटर), फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर दलाई लामा के नाम को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। बढ़ते विवाद और अटकलों के बीच दलाई लामा के कार्यालय ने प्रेस स्टेटमेंट जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।
Epstein Files को लेकर दलाई लामा की सफाई क्या है?
विवाद गहराने पर दलाई लामा की ओर से एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। बयान में कहा गया, “हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में ‘एपस्टीन फाइल्स’ के हवाले से हिज होलिनेस दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हम पूरी तरह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हिज होलिनेस की कभी भी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं हुई है और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति को अपनी ओर से एपस्टीन के साथ संपर्क या मुलाकात की अनुमति दी है।”
दलाई लामा के कार्यालय का कहना है कि इस तरह की खबरें तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
Press Statement
— Dalai Lama (@DalaiLama) February 8, 2026
Some recent media reports and social media posts concerning the “Epstein files” are attempting to link His Holiness the Dalai Lama with Jeffrey Epstein.
We can unequivocally confirm that His Holiness has never met Jeffrey Epstein or authorised any meeting or… pic.twitter.com/QtV6B3Wr0u
Epstein Files में 169 बार नाम आने से क्यों बढ़ा विवाद?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों में दलाई लामा का नाम 169 बार सामने आने के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया। कुछ ईमेल्स और नोट्स में 2012 के एक कथित कार्यक्रम का जिक्र किया गया है, जिसमें दोनों के एक ही स्थान पर मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
दलाई लामा के कार्यालय ने तुरंत प्रेस बयान जारी कर इन सभी आरोपों को नकार दिया। बयान में दोहराया गया कि हिज होलिनेस का न तो जेफरी एपस्टीन से कोई व्यक्तिगत संबंध रहा है और न ही कभी किसी प्रकार का संवाद या संपर्क हुआ है। यह प्रेस नोट धर्मशाला स्थित थेकचेन छोलिंग से जारी किया गया और दलाई लामा के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी साझा किया गया।
दलाई लामा कार्यालय ने आरोपों को बताया भ्रामक और निराधार
दलाई लामा के एक्स अकाउंट पर जारी प्रेस नोट में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि एपस्टीन फाइल्स में किए जा रहे दावे झूठे और गुमराह करने वाले हैं। जानकारों का मानना है कि इन दस्तावेजों में दर्ज कई नाम केवल संदर्भ या उल्लेख भर हैं। इनमें न तो किसी तस्वीर का प्रमाण है, न ही किसी वित्तीय लेन-देन का सबूत और न ही किसी प्रत्यक्ष मुलाकात की पुष्टि।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में दुनिया भर की कई नामी हस्तियों का उल्लेख है, लेकिन केवल नाम आने से किसी तरह के गलत संबंध की पुष्टि नहीं होती। दलाई लामा के शिष्यों और अनुयायियों का कहना है कि करुणा, शांति और अहिंसा के प्रतीक रहे दलाई लामा का जीवन पूरी तरह सत्य और नैतिक मूल्यों पर आधारित है।
उनका मानना है कि अफवाहें चाहे जितनी भी तेजी से फैलें, सच अंततः अपने आप सामने आ ही जाता है। दलाई लामा को जानने वाले कहते हैं कि ऐसे विवाद और झूठे आरोप उनकी आध्यात्मिक छवि को धूमिल नहीं कर सकते।













