न्यूज़
Sawan Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम

डेकेयर में बच्चे का एडमिशन कराने से पहले किन बातों का ध्यान रखें? जानिए 5 जरूरी सवाल, जो बच्चे की सुरक्षा, देखभाल और बेहतर माहौल सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 14 Jul 2026 5:22:59

डेकेयर में एडमिशन कराने से पहले हर माता-पिता जरूर पूछें ये 5 सवाल, बच्चे की सुरक्षा के लिए हैं बेहद अहम

आज के दौर में अधिकांश माता-पिता नौकरीपेशा हैं, इसलिए बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें डेकेयर या केयरगिवर का सहारा लेना पड़ता है। पहले संयुक्त परिवारों में दादा-दादी, चाचा-चाची और अन्य सदस्य मिलकर बच्चों की परवरिश में अहम भूमिका निभाते थे, लेकिन अब न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ने से यह जिम्मेदारी काफी हद तक माता-पिता पर ही आ गई है। ऐसे में कामकाजी दंपतियों के लिए डेकेयर एक सुविधाजनक विकल्प बन चुका है। खासकर महानगरों में कई परिवार अपने बच्चों को सुबह से शाम तक डेकेयर में छोड़कर काम पर जाते हैं और यह मानते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित हाथों में है। हालांकि, हाल के कुछ मामलों ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाल ही में बेंगलुरु से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने देशभर के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। आरोप है कि एक डेकेयर सेंटर में बच्चों को शांत कराने के नाम पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। बच्चों को बाथरूम में बंद करना, टॉयलेट सीट पर बैठाकर रखना, फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन के अंदर डालना और जेट स्प्रे सीधे चेहरे पर मारना जैसी घटनाएं सामने आईं। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद माता-पिता के मन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि केवल सुविधाएं देखकर डेकेयर चुनना पर्याप्त नहीं है। बच्चे की सुरक्षा, देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एडमिशन से पहले कुछ महत्वपूर्ण सवाल जरूर पूछने चाहिए। यदि इन सवालों के जवाब संतोषजनक न हों, तो उस डेकेयर को चुनने से बचना ही बेहतर होगा।

डेकेयर में दाखिले से पहले जरूर पूछें ये 5 सवाल

माता-पिता अपने बच्चों को डेकेयर इसलिए भेजते हैं ताकि वे सुरक्षित माहौल में खेलें, सीखें और खुश रहें। अगर बच्चा रोजाना वहां से लौटकर डरा-सहमा, चुप या असामान्य व्यवहार करता है, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए सही डेकेयर का चुनाव करने के लिए पहले से पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

1. क्या डेकेयर में CCTV कैमरे हैं और क्या पेरेंट्स को उनकी निगरानी का एक्सेस मिलेगा?

सबसे पहले यह पता करें कि डेकेयर परिसर में हर जरूरी जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। साथ ही यह भी पूछें कि क्या माता-पिता को लाइव या रिकॉर्डेड फुटेज देखने की सुविधा दी जाती है। आज कई प्रतिष्ठित डेकेयर पेरेंट्स को मोबाइल के जरिए कैमरों का एक्सेस उपलब्ध कराते हैं, जिससे वे समय-समय पर बच्चे की गतिविधियों पर नजर रख सकें। यदि ऐसी व्यवस्था नहीं है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

2. एक केयरगिवर कितने बच्चों की देखभाल करता है?

स्टाफ और बच्चों का अनुपात (स्टाफ-टू-चाइल्ड रेशियो) किसी भी डेकेयर की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना होता है। छोटे बच्चों को लगातार निगरानी और व्यक्तिगत देखभाल की जरूरत होती है। यदि एक ही केयरगिवर बहुत अधिक बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहा है, तो सभी बच्चों पर समान ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। इसलिए यह जरूर जानें कि एक कर्मचारी के जिम्मे कितने बच्चे हैं।

3. क्या माता-पिता को सरप्राइज विजिट की अनुमति है?

यह सवाल भी बेहद अहम है कि क्या आप बिना पूर्व सूचना के कभी भी डेकेयर जाकर अपने बच्चे से मिल सकते हैं। कुछ संस्थान अचानक आने वाले अभिभावकों को अंदर प्रवेश नहीं देते और केवल बच्चे को बाहर बुलाकर मिलवाते हैं। जबकि पारदर्शिता रखने वाले डेकेयर उचित नियमों के तहत सरप्राइज विजिट की अनुमति देते हैं। इससे माता-पिता वास्तविक स्थिति देख सकते हैं कि बच्चे की देखभाल किस तरह की जा रही है।

4. मेडिकल इमरजेंसी आने पर डेकेयर क्या कदम उठाता है?

बच्चों के साथ कभी भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए एडमिशन से पहले यह जरूर पूछें कि ऐसी परिस्थिति में डेकेयर की नीति क्या है। क्या वहां प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है? फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध है या नहीं? जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से कैसे संपर्क किया जाएगा? माता-पिता को कितनी जल्दी सूचना दी जाएगी? इन सभी सवालों के स्पष्ट जवाब मिलना बेहद जरूरी है।

5. बच्चे के व्यवहार और दिनभर की गतिविधियों की जानकारी आपको कैसे मिलेगी?

यह भी जानना जरूरी है कि डेकेयर बच्चे के रोजमर्रा के व्यवहार, खाने-पीने की आदतों, खेलने, सोने और किसी भी बदलाव की जानकारी किस माध्यम से साझा करता है। कई डेकेयर मोबाइल ऐप, फोन कॉल, व्हाट्सएप या पैरेंट-टीचर मीटिंग के जरिए नियमित अपडेट देते हैं। यदि आपको समय-समय पर बच्चे की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी, तो घर पर भी उसकी जरूरतों और व्यवहार के अनुसार बेहतर देखभाल कर पाएंगे। वहीं, जानकारी में देरी होने पर किसी समस्या का पता देर से चल सकता है, जिसका असर बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

आसमान में आखिर कैसे उछलकर छत से टकरा गए यात्री? एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 में क्या हुआ, जानिए पूरी कहानी
आसमान में आखिर कैसे उछलकर छत से टकरा गए यात्री? एयर इंडिया फ्लाइट AI2379 में क्या हुआ, जानिए पूरी कहानी
'हर हाल में समझौता चाहिए', आखिर ईरान से डील करने के लिए क्यों उतावले दिख रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?
'हर हाल में समझौता चाहिए', आखिर ईरान से डील करने के लिए क्यों उतावले दिख रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप?
'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारत में रचा इतिहास, महज 6 दिनों में 300 करोड़ क्लब में एंट्री
'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारत में रचा इतिहास, महज 6 दिनों में 300 करोड़ क्लब में एंट्री
यूसुफ पठान समेत तीन मुस्लिम सांसदों ने बनाई NDA से दूरी, भाजपा में शामिल होने की अटकलों को भी किया खारिज
यूसुफ पठान समेत तीन मुस्लिम सांसदों ने बनाई NDA से दूरी, भाजपा में शामिल होने की अटकलों को भी किया खारिज
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम ने कांग्रेस के रुख पर उठाए सवाल
राहुल गांधी रांची क्यों नहीं गए? संजय निरुपम ने कांग्रेस के रुख पर उठाए सवाल
हमारे हाथ में कोई गोला-बारूद नहीं; E20 पर नीट से भी बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा: केजरीवाल
हमारे हाथ में कोई गोला-बारूद नहीं; E20 पर नीट से भी बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा: केजरीवाल
क्या नारियल और एवोकाडो ऑयल सच में सामान्य कुकिंग ऑयल से बेहतर हैं? जानिए सेहत के लिए कौन-सा तेल है सही विकल्प
क्या नारियल और एवोकाडो ऑयल सच में सामान्य कुकिंग ऑयल से बेहतर हैं? जानिए सेहत के लिए कौन-सा तेल है सही विकल्प
पहली मोहब्बत को लोग उम्रभर क्यों नहीं भूल पाते? जानिए इसके पीछे छिपा विज्ञान और दिमाग का दिलचस्प खेल
पहली मोहब्बत को लोग उम्रभर क्यों नहीं भूल पाते? जानिए इसके पीछे छिपा विज्ञान और दिमाग का दिलचस्प खेल
'बंगाल को बना दिया गया है जेल', TMC नेताओं को धमकाए जाने का आरोप; ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना
'बंगाल को बना दिया गया है जेल', TMC नेताओं को धमकाए जाने का आरोप; ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना
LG ने भारत में पेश की AI Smart TV की नई रेंज, कीमत ₹19,990 से शुरू; 115 इंच तक मिलेगा विशाल डिस्प्ले
LG ने भारत में पेश की AI Smart TV की नई रेंज, कीमत ₹19,990 से शुरू; 115 इंच तक मिलेगा विशाल डिस्प्ले
POCO ने भारत में उतारा 8000mAh बैटरी वाला नया 5G फोन, Qualcomm Snapdragon प्रोसेसर से होगा लैस
POCO ने भारत में उतारा 8000mAh बैटरी वाला नया 5G फोन, Qualcomm Snapdragon प्रोसेसर से होगा लैस
यूरिक एसिड बढ़ने की वजह बन सकती हैं आपकी रोजमर्रा की ये आदतें, जानिए इसे कंट्रोल करने के आसान उपाय
यूरिक एसिड बढ़ने की वजह बन सकती हैं आपकी रोजमर्रा की ये आदतें, जानिए इसे कंट्रोल करने के आसान उपाय
iPhone यूजर्स के लिए बड़ा झटका! Apple ने App Store से हटाया Telegram ऐप
iPhone यूजर्स के लिए बड़ा झटका! Apple ने App Store से हटाया Telegram ऐप
रोज-रोज होता है सिरदर्द? आपकी ये रोजमर्रा की आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार, जानिए बचाव के आसान तरीके
रोज-रोज होता है सिरदर्द? आपकी ये रोजमर्रा की आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार, जानिए बचाव के आसान तरीके