राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले हुए अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि पूरा मामला REET परीक्षा पास कराने के नाम पर लिए गए लाखों रुपये के लेनदेन से जुड़ा था। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर शव को धौलपुर के जंगल में दफना दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर मृतक के कंकाल के अवशेष भी बरामद किए हैं।
पुलिस की जांच के मुताबिक, वैर थाना क्षेत्र के नगला हरिहर गांव निवासी 37 वर्षीय प्रहलाद बैरवा ने REET परीक्षा पास कराने के झांसे में आकर आरोपी धर्मेंद्र धाकड़ को लाखों रुपये दिए थे। लेकिन जब परीक्षा से जुड़ा वादा पूरा नहीं हुआ और प्रहलाद को कोई फायदा नहीं मिला, तो उसने अपने पैसे लौटाने की मांग शुरू कर दी। बार-बार रकम वापस मांगने से आरोपी परेशान हो गया और उसने अपने साथी के साथ मिलकर प्रहलाद की हत्या की साजिश रच डाली।
धौलपुर के जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट
भरतपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना मार्च 2025 की है। 26 मार्च 2025 को आरोपी धर्मेंद्र धाकड़ उर्फ जितेंद्र ने अपने सहयोगी विनोद मीणा के साथ मिलकर प्रहलाद बैरवा का वैर इलाके से अपहरण किया। इसके बाद दोनों उसे धौलपुर के जंगलों में ले गए, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से जंगल में गड्ढा खोदा और शव को वहीं जमीन के भीतर दबा दिया, ताकि लंबे समय तक किसी को इस वारदात की भनक न लग सके।
डेढ़ साल तक उलझी रही पुलिस की जांच
प्रहलाद बैरवा के लापता होने के बाद उनकी पत्नी पूनम और परिवार के अन्य सदस्य लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग करते रहे। बीते 15 महीनों के दौरान परिजनों ने कई बार वैर थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पति की तलाश और न्याय की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया।
यह मामला पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था, क्योंकि शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग रहा था। लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आखिरकार मामले की परतें खोलने में सफलता हासिल की।
आरोपियों की निशानदेही पर मिला कंकाल
एसपी राजेश मीणा ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए जिले की कई पुलिस टीमों को लगाया गया था। लंबी पड़ताल और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने धर्मेंद्र धाकड़ और विनोद मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने धौलपुर के जंगल में दबाए गए शव के कंकाल के अवशेष बरामद किए। पुलिस अब बरामद साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।














