जयपुर: मिस इंडिया यूनिवर्स इंडिया मणिका विश्वकर्मा ने NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र केवल अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं, इसलिए उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए।
मणिका विश्वकर्मा ने कहा कि NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दी, लेकिन यह काफी देर से सामने आई। उनका मानना है कि जैसे ही मामला सामने आया था, उसी समय सरकार को युवाओं के बीच जाकर स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए था।
समय पर संवाद और पारदर्शिता जरूरी
मणिका ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई ही छात्रों का भरोसा दोबारा कायम कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इसी बात में है कि सरकार और जनता के बीच खुला और सार्थक संवाद बना रहे।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार और जनता के बीच लोकतांत्रिक चर्चा तभी सफल होगी, जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात सुनें और समझें।"
उन्होंने आगे कहा, "हम अपने नेताओं को इसलिए चुनते हैं कि वे आगे आकर हमारी समस्याओं पर चर्चा करें, लोगों की आवाज सुनें और उनकी शिकायतों का समाधान निकालें।" मणिका ने जोर देकर कहा कि जनता और सरकार के बीच भरोसा बनाए रखने के लिए संवाद सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
जंतर-मंतर आंदोलन पर भी रखी राय
जयपुर दौरे के दौरान मणिका विश्वकर्मा ने मिस इंडिया यूनिवर्स 2026 के गाला राउंड में हिस्सा लेने आई प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रतियोगिता से जुड़ी जानकारी साझा की और साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन पर भी अपनी राय खुलकर रखी।
इस दौरान आयोजन समिति के चेयरमैन अखिल आनंद ने बताया कि इस वर्ष आयोजित गाला राउंड में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 52 प्रतिभागी हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने प्रतियोगिता को युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कई दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से देशभर में छात्र आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो मार्च' के दौरान दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद मामला और अधिक गरमा गया। इसके बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन तेज हो गए और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बहस भी और व्यापक हो गई।














