न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

'यही है बंगाल का टैलेंट...', CBSE की सुरक्षा खामियां उजागर करने वाले युवा हैकर की केंद्रीय मंत्री ने की जमकर तारीफ

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने CBSE की सुरक्षा खामियां उजागर करने वाले बंगाल के युवा एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी की जमकर सराहना की। IIT-कानपुर में मिली नियुक्ति के साथ उन्होंने बंगाल की शिक्षा व्यवस्था और प्रतिभाओं पर भी अहम टिप्पणी की।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 04 Jul 2026 9:16:06

'यही है बंगाल का टैलेंट...', CBSE की सुरक्षा खामियां उजागर करने वाले युवा हैकर की केंद्रीय मंत्री ने की जमकर तारीफ

कोलकाता: केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने पश्चिम बंगाल के युवा एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी की खुलकर प्रशंसा करते हुए उनकी प्रतिभा को देश के लिए प्रेरणादायक बताया। निसर्ग वही छात्र हैं, जिन्होंने हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की वेबसाइट और उसके ऑनलाइन मूल्यांकन सिस्टम में मौजूद सुरक्षा संबंधी खामियों को उजागर कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। शुक्रवार को कोलकाता में इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित 'एजुकेशन फॉर विकसित भारत' कॉन्क्लेव के दौरान केंद्रीय मंत्री ने निसर्ग की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बंगाल की प्रतिभा की भी जमकर तारीफ की।

'प्रतिभा को सही दिशा देना हमारी जिम्मेदारी'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि केवल प्रतिभा होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे उचित अवसर और सही मार्गदर्शन मिलना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "10वीं पास एक छात्र ने CBSE की वेबसाइट की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को पहचान लिया। हमने उसकी क्षमता को समझा और उसे सही दिशा देने का फैसला किया। इसी सोच के तहत उसे IIT-कानपुर से जोड़ा गया, ताकि वह अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देशहित में कर सके।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि ऐसे युवाओं को सकारात्मक मंच न मिले तो उनकी क्षमता गलत दिशा में भी जा सकती है। "वह चाहता तो किसी विरोध-प्रदर्शन या दूसरी गतिविधियों का हिस्सा बन सकता था, लेकिन हमने उसे सीखने, आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर उपलब्ध कराया।"

'माता-पिता भी उसकी प्रतिभा देखकर रह गए थे हैरान'

केंद्रीय मंत्री ने निसर्ग अधिकारी के पारिवारिक परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि उनके माता-पिता भी बेटे की असाधारण क्षमता को देखकर आश्चर्यचकित थे। मजूमदार ने बताया, "उसके माता-पिता ने हमसे कहा कि वे उसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। वह उत्तर बंगाल के एक बेहद छोटे शहर से आता है, लेकिन उसकी प्रतिभा किसी बड़े संस्थान के छात्र से कम नहीं है। यही बंगाल की असली ताकत और यहां की छिपी हुई प्रतिभा है।"

उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अवसर देना देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

CBSE के नए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम से जुड़े थे मामले की शुरुआत

निसर्ग अधिकारी उस समय चर्चा में आए थे, जब CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करने के दौरान पहली बार नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल किया था। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाना था। हालांकि परिणाम घोषित होने के कुछ ही समय बाद इस प्रणाली को लेकर कई सवाल उठने लगे।

देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों ने शिकायत की कि उनकी डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं में कई तकनीकी गड़बड़ियां थीं। कुछ छात्रों ने आंसर शीट धुंधली दिखाई देने की बात कही, जबकि कई ने पन्ने गायब होने और फिजिकल कॉपी तथा डिजिटल स्कैन में अंतर होने की शिकायत दर्ज कराई। इन घटनाओं के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया।

सुरक्षा खामियां उजागर करने के बाद मिला IIT-कानपुर में अवसर

इन्हीं शिकायतों के बाद 12वीं पास कर चुके निसर्ग अधिकारी ने CBSE पोर्टल के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कोड और सिस्टम की तकनीकी जांच की। इस प्रक्रिया के दौरान उन्होंने वेबसाइट और ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली में कई सुरक्षा कमजोरियों की पहचान की, जिससे संबंधित मुद्दे सामने आए।

निसर्ग की तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उनकी समझ को देखते हुए पिछले महीने IIT-कानपुर के प्रतिष्ठित साइबर सिक्योरिटी सेंटर C3iHub ने उन्हें OSINT (Open Source Intelligence) और Threat Intelligence Engineer के रूप में नियुक्त किया। उनकी इस उपलब्धि को युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है, वहीं केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी इसे बंगाल की उभरती हुई प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रतीक बताया।

बंगाल की शिक्षा व्यवस्था पर भी दोनों नेताओं ने जताई चिंता

इस कॉन्क्लेव के दौरान चर्चा केवल युवा प्रतिभाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था और उसके बदलते परिदृश्य पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने भी राज्य की शैक्षणिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार और स्वपन दासगुप्ता, दोनों ने कहा कि बंगाल की शिक्षा व्यवस्था अपनी पुरानी प्रतिष्ठा खोती जा रही है और इसे दोबारा मजबूत बनाने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है।

सुकांत मजूमदार ने कहा कि कभी पश्चिम बंगाल देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार माना जाता था। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एक समय राज्य का भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 10.5 प्रतिशत योगदान था। इतना ही नहीं, वर्ष 1961 तक बंगाल की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से भी अधिक थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यों और आदर्शों से दूरी बनाने का परिणाम यह हुआ कि राज्य की समृद्धि भी धीरे-धीरे कम होती चली गई। मजूमदार ने शिक्षक भर्ती घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकरण ने युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर कर दिया है और अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उस विश्वास को दोबारा स्थापित करने की है।

'कलकत्ता यूनिवर्सिटी अपनी पुरानी पहचान खो चुकी है'

वहीं, पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने राज्य की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "बंगाल में सार्वजनिक शिक्षा का ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब केवल सुधारात्मक कदम पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि पूरे सिस्टम के बुनियादी पुनर्निर्माण की जरूरत है।"

उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि कलकत्ता यूनिवर्सिटी, जिसे कभी एशिया के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, आज अपनी पुरानी पहचान खो चुकी है और अब वह केवल एक क्षेत्रीय विश्वविद्यालय तक सीमित होकर रह गई है। उनके अनुसार यह बदलाव राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लगातार कमजोर होने का संकेत है।

'कोलकाता अब युवाओं का नहीं, बुजुर्गों का शहर बनता जा रहा है'

स्वपन दासगुप्ता ने राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं के पलायन और योग्य शिक्षकों की कमी पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज कोलकाता जैसे बड़े शहर में युवाओं की मौजूदगी पहले की तुलना में काफी कम दिखाई देती है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि वास्तविक पीड़ा है। कोलकाता अब धीरे-धीरे एक 'ओल्ड-एज होम' यानी वृद्धाश्रम जैसा शहर बनता जा रहा है। यह इस बात का संकेत है कि राज्य में कहीं न कहीं गंभीर स्तर पर चूक हुई है।"

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा क्षेत्र को दोबारा मजबूत बनाने के लिए सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती। सरकार की भूमिका बेहतर माहौल और नीतियां तैयार करने की है, जबकि वास्तविक बदलाव में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भागीदारी होनी चाहिए।

शिक्षा और उद्योग दोनों में साझेदारी की जरूरत

स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि केवल सरकारी विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों या विदेशी शिक्षण संस्थानों में से किसी एक पर निर्भर रहने से समाधान नहीं निकलेगा। उनके अनुसार, राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए इन तीनों क्षेत्रों के बीच संतुलित सहयोग और समन्वय जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की आर्थिक और शैक्षणिक प्रगति के लिए उन बड़े औद्योगिक घरानों को भी वापस आकर्षित करने की आवश्यकता है, जिन्होंने समय के साथ कोलकाता और राज्य से अपना कारोबार दूसरी जगह स्थानांतरित कर लिया। उनका मानना है कि उद्योग, निवेश और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं और इन सभी क्षेत्रों में समानांतर सुधार से ही बंगाल अपनी खोई हुई पहचान दोबारा हासिल कर सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत